ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सख्ती: घटिया निर्माण पर ठेकेदार ब्लैकलिस्ट, वरिष्ठ प्रबंधक पर भी गिरी गाज

ग्रेटर नोएडा, 13 जून। शहर में विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाया है। सेक्टर-3 स्थित पार्कों और उद्यानों के रखरखाव में गंभीर खामियां मिलने के बाद प्राधिकरण ने संबंधित ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की है। निरीक्षण के दौरान सामने आई लापरवाही के चलते एक ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जबकि हाल ही में बनाए गए पाथवे को तोड़कर दोबारा निर्माण कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक से उद्यान विभाग का कार्य हटा लिया गया है
शनिवार को प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) श्रीलक्ष्मी वीएस ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-3 का स्थलीय निरीक्षण किया। यह निरीक्षण स्थानीय निवासियों द्वारा लगातार मिल रही शिकायतों के बाद किया गया। निरीक्षण के दौरान पार्कों की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई।
जांच में कई स्थानों पर घास अनियंत्रित रूप से बढ़ी हुई मिली। हाल की आंधी और बारिश के बाद पेड़ों की टूटी शाखाएं भी पार्कों में बिखरी हुई थीं। बच्चों के झूले क्षतिग्रस्त पाए गए तथा पौधों की देखभाल में भी कमी नजर आई। कई वृक्षों की लंबे समय से छंटाई नहीं होने के कारण स्ट्रीट लाइट और पार्क लाइट तक उनकी शाखाओं से ढकी हुई दिखाई दीं। पार्क के झूले भी टूटे हुए थे। पेड़ों के चारों ओर गुड़ाई नहीं की गई। पौधों में पानी व खाद नहीं डाला गया। पेड़ों की छंटाई काफी समय से न करने से स्ट्रीट लाइट व पार्क लाइट भी ढक गई थी।
सबसे गंभीर मामला पार्क में हाल ही में निर्मित पाथवे का सामने आया। निरीक्षण के दौरान उसकी गुणवत्ता की जांच की गई तो किनारों का हिस्सा आसानी से क्षतिग्रस्त हो गया। इससे निर्माण सामग्री और कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हुए। निर्माण कार्य के मनकों से समझौते और और भ्रष्टाचार की आसंकाई प्रबल दिखाई दी।
सेक्टर के पार्कों के रखरखाव में लापरवाही सामने आने पर एसीईओ ने मैसर्स अतर सिंह को ब्लैक लिस्ट करते हुए ईएमडी जब्त करने के निर्देश दिए । मैसर्स एस.आर. एसोसिएट्स को पाथवे उखड़वाकर दोबारा निर्माण कराने के निर्देश दिए गए।
एसीईओ ने पाथवे की निगरानी के लिए उप महाप्रबंधक को निर्देश दिया है और उद्यानिक कार्य सहायक निदेशक ज्ञानेंद्र यादव की देखरेख में 2 दिन में कराने को कहा है। वहीं उद्यानिक कार्यो में लापरवाही के चलते वरिष्ठ प्रबंधक उद्यान रामकुमार को चार्ज से अवमुक्त कर दिया है। एसीईओ ने ठेकेदारों को चेतावनी दी है कि किसी भी विकास कार्य की गुणवत्ता में खामी पाई गई तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने स्पष्ट किया कि विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने ठेकेदारों के साथ-साथ विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को भी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी कार्य में मानकों की अनदेखी पाई गई तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।




