ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण

विकास के साथ कचरा प्रबंधन व्यवस्था के लिए चुनौती, समाधान की दिशा में ग्रेटर नोएडा का अहम कदम

लखनावली में फ्रेश वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट शुरू, कचरे से बनेगी खाद और आरडीएफ

Panchayat 24 (ग्रेटर नोएडा) : किसी भी शहर के विकास के पीछे एक समस्या भी दबे पांव चलती है। यदि समय रहते उसका समाधान खोजने और उसे प्रभावी ढंग से लागू करने के प्रयास न किए जाएं, तो यही समस्या धीरे-धीरे विकास की चमक को धुंधला करने लगती है। आधुनिक शहरों के सामने तेजी से उभरती ऐसी ही चुनौती है—कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन और उसका समुचित निस्तारण।

देश की राजधानी दिल्ली में कूड़े के पहाड़ इस चुनौती की गंभीरता का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। नोएडा भी इस समस्या से जूझ रहा है। देर से ही सही, अब पुराने शहरों के साथ-साथ तेजी से विकसित हो रहे नए शहरों में भी कचरा प्रबंधन को लेकर मंथन और प्रयास तेज हुए हैं। वस्तुतः आने वाले समय में किसी शहर की विकास-यात्रा केवल उसकी सड़कों, इमारतों और औद्योगिक विस्तार से नहीं, बल्कि इस बात से भी आंकी जाएगी कि वह अपने कचरे का कितना वैज्ञानिक, टिकाऊ और प्रभावी प्रबंधन करता है।

इसी दृष्टि से ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) की लखनावली में शुरू की गई फ्रेश वेस्ट प्रोसेसिंग सुविधा को महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने कचरा प्रबंधन की चुनौती को समय रहते प्राथमिकता दी और उसके समाधान की दिशा में प्रक्रिया को गति दी। इसी क्रम में मंगलवार से लखनावली में फ्रेश वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट का संचालन शुरू हो गया।

इस प्लांट की क्षमता प्रतिदिन 8 टन कचरे के प्रसंस्करण की है। ग्रेटर नोएडा के सेक्टरों और गांवों से प्रतिदिन लगभग इतनी ही मात्रा में कचरा निकलता है, जिसे लखनावली में एकत्रित किया जाता है।

विशेष बात यह है कि यहां गीले और सूखे, दोनों प्रकार के कचरे का प्रसंस्करण किया जा सकेगा। गीले कचरे से खाद तैयार की जाएगी, जबकि सूखे कचरे को प्रसंस्कृत कर आरडीएफ (Refuse Derived Fuel) तैयार किया जाएगा। इस आरडीएफ का उपयोग सीमेंट कारखानों में ईंधन के रूप में किया जा सकेगा। इससे कचरे को केवल हटाया ही नहीं जाएगा बल्कि उसे उपयोगी संसाधन में परिवर्तित किया जाएगा।

अर्थात यहां कचरे के ढेर को समस्या मानकर कहीं और स्थानांतरित करने के बजाय उसके प्रसंस्करण, पुनःउपयोग और उपयोगी उत्पाद में रूपांतरण किया जाएगा। यही आधुनिक कचरा प्रबंधन की मूल अवधारणा भी है।

दरअसल, लखनावली में वर्षों से जमा पुराने संचित कचरे (Legacy Waste) के प्रसंस्करण का कार्य भी पहले से चल रहा है। इसके साथ ताजा कचरे के लिए नई प्रसंस्करण क्षमता का शुरू होना ग्रेटर नोएडा के कचरा प्रबंधन तंत्र को अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

तेजी से विस्तार लेते शहरों में कचरे की मात्रा आने वाले वर्षों में बढ़ना स्वाभाविक है। ऐसे में उसके निस्तारण की व्यवस्था बाद में विकसित करने के बजाय विकास की शुरुआती अवस्था से ही ठोस कचरा प्रबंधन को शहर की आधारभूत संरचना का हिस्सा बनाना अधिक प्रभावी रणनीति हो सकती है। ग्रेटर नोएडा के लिए लखनावली की यह व्यवस्था इसी सोच का एक उदाहरण है। इतना ही नहीं भविष्य में शहर के विस्तार को देखते हुए प्राधिकरण असतौली में बड़ी मात्रा में कचरे के निस्तारण की दिशा में काम कर रहा है।

लखलावनी स्थित प्लांट का उद्घाटन मंगलवार को दादरी विधायक तेजपाल सिंह नागर ने किया। इस अवसर पर ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस, एसीईओ सुमित यादव, ओएसडी गिरीश कुमार झा, वरिष्ठ प्रबंधक सन्नी यादव और प्रबंधक दिव्या चौधरी सहित प्राधिकरण के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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