यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण : सात महीनों में वित्त वर्ष के निर्धारित लक्ष्य के 60 प्रतिशत की प्राप्ति, बीते वर्ष की तुलना में प्राप्ति में 66.5 प्रतिशत का इजाफा

Panchayat 24 (यीड़ा) : उत्तर प्रदेश सरकार के वन ट्रिलियन डॉलर के सपने की रीढ़ माना जाने वाला यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीड़ा) अपनी भूमिका का सफल निर्वहन कर रहा है। वित्त वर्ष के लिए निर्धारित धन प्राप्ति के लक्ष्य का 60 प्रतिशत शुरुआती सात महीनों में ही प्राप्त कर लिया है। इटंणेंही नहीं पिछले वित्त वर्ष की इस अवधि के दौरान धान की प्राप्ति से इस वित्त वर्ष में 66.5 फीसद का इजाफा हुआ है। इतना ही नहीं प्राधिकरण द्वारा महीने वार तय लक्ष्य को भी हासिल किया है। कुछ तकनीकी कारणों से फ़िल्म सिटी होने निर्धारित लक्ष्य से पिछड़ रही है। हालांकि प्राधिकरण का कहना है कि फ़िल्म सिटी निर्माण की तमाम बाधाओं को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही इसके परिणाम सामने आने लगेंगे।
दरअसल, यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 11829 करोड़ रुपयों की प्राप्ति का लक्ष्य रखा था। बीते एक अप्रैल से 31 अक्टूबर की सात महीनों की समयावधि में 7071 करोड़ रुपये अर्जित कर लिए हैं। जबकि 2025-26 वित्त वर्ष कि इसी समयावधि में प्राधिकरण को महज 4247 रूपये प्राप्त हुए थे।
यह धनराशि की प्राप्ति में आवासीय भूखंड से 689 करोड़ रूपये, ग्रुप हाउसिंग से 501 करोड़ रूपये, , संस्थागत से 185 करोड़ रूपये, एलएसडी से 77.67 करोड़ रूपये, औद्योगिक एवं मिक्स लैंड यूज से 2449 करोड़ रूपये व व्यवसायिक संपत्तियों के आवंटन से 13 करोड़, अन्य राजस्व प्राप्तियां 618 करोड़ रुपये तथा लीज रेंट, ट्रांसफर चार्जेज आदि अन्य मदों से 27.77 करोड़ रूपये की प्राप्ति हुई है। बीते वित्त वर्ष 2025-26 से यदि इन विभिन्न मदों से यदि चालू वित्त वर्ष से तुलना करें तो महज व्यवसायिक सम्पत्तियों के आवंटन ही कम रहा जोकि बीते वित्त वर्ष में 72 करोड़ रूपये था। बीते वित्त वर्ष में शासन से 2.5 हजार करोड़ का प्राधिकरण ने लोन प्राप्त किया था। इस साल भी लोन कि धनराशि में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
यमुना एक्सप्रेस औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह के अनुसार चालू वित्त वर्ष के शेष ओच महीनों में निर्धारित लक्ष्य को आसानी से प्राप्त कर लिया जाएगा। इस दौरान प्राधिकरण के पास विश्वविद्यालय, औद्योगिक और ग्रुप हाऊसिंग में बेहतर सम्भावनाएं हैं। इनसे लगभग चार हजार करोड़ रुपयों की प्राप्ति की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष में प्राधिकरण के केंद्र में औद्योगिक विकास है। इस दौरान कई औद्योगिक इकाईयों को अहम आवंटन किए गए है। औद्योगिक इकाईयों के जल्द से जल्द निर्माण और क्रियाशील होने पर प्राधिकरण का पूरा ध्यान केंद्रित है। इससे न केवल प्राधिकरण अपने लक्ष्य प्राप्ति की ओर तेजी से बढेगा, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।




