ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 145वीं बोर्ड बैठक में किसानों, युवाओं और औद्योगिक विकास को लेकर अहम फैसले

आपसी सहमति से जमीन देने वाले किसानों को मिलेगा आबादी भूखंड का लाभ, 2002 से 2013 के प्रभावित किसानों को 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजे की मंजूरी
लीज बैक की राह होगी आसान, कौशल प्रशिक्षण केंद्र और नए पुलिस थाने की स्थापना को हरी झंडी; 226 करोड़ रुपये से बिजलीघर का होगा उच्चीकरण
Panchayat 24 (ग्रेटर नोएडा) : ग्रेटर नोएडा के नियोजित विकास को गति देने, किसानों की लंबित मांगों का समाधान करने और औद्योगिक क्षेत्रों की बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में प्राधिकरण की 145वीं बोर्ड बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बोर्ड ने भूमि संबंधी लाभों में समानता, अतिरिक्त प्रतिकर, आबादी भूखंड आवंटन की पात्रता में संशोधन तथा ग्रामीण आबादी के लीज बैक मामलों की जटिलताएं दूर करने से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी। इसके साथ ही युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण देने, औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस थाना स्थापित करने और बिजली आपूर्ति क्षमता बढ़ाने की योजनाओं को भी आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
इन फैसलों का व्यापक उद्देश्य किसानों के हितों को संरक्षण देना, भूमि संबंधी प्रक्रियाओं को अधिक व्यावहारिक बनाना और औद्योगिक विस्तार के अनुरूप आधारभूत सुविधाओं का विकास करना है।
किसानों को समान लाभ, 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर का रास्ता साफ
बोर्ड बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय आपसी सहमति से भूमि उपलब्ध कराने वाले किसानों को अधिग्रहण के समान सुविधाएं देने से संबंधित रहा। प्राधिकरण ने 27 अगस्त 2026 की बोर्ड बैठक में निर्धारित भूमि खरीद के दो विकल्पों के तहत लाभों की व्यवस्था को स्पष्ट करते हुए 5,725 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर स्वीकार करने वाले भू-स्वामियों को छह प्रतिशत आबादी भूखंड देने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। वहीं, 6,415 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर का विकल्प चुनने वालों को यह सुविधा नहीं मिलेगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में किसानों के लिए स्पष्ट विकल्प निर्धारित करना और निर्धारित शर्तों के अनुसार उन्हें समान प्रकृति के लाभ प्रदान करना है। 27 अगस्त के बाद होने वाली भूमि खरीद की प्रक्रिया इसी व्यवस्था के अनुरूप संचालित की जाएगी।
किसानों के लिए एक अन्य राहतकारी निर्णय वर्ष 2002 से 2013 के बीच भूमि अधिग्रहण अथवा क्रय से प्रभावित उन किसानों को 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर देने से जुड़ा है, जिन्हें अब तक इसका लाभ नहीं मिल सका है। बोर्ड ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। शासन की सहमति मिलने के बाद प्राधिकरण ने इसे बोर्ड के समक्ष रखा था।
इस निर्णय से ग्रेटर नोएडा के उन किसानों को भी लाभ मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जो लंबे समय से अतिरिक्त मुआवजे की प्रतीक्षा कर रहे हैं। प्राधिकरण के इस कदम से भूमि संबंधी पुराने मामलों के निस्तारण की दिशा में भी प्रगति होने की उम्मीद है।
आबादी भूखंड की पात्रता का दायरा बढ़ा, सास-ससुर भी होंगे शामिल
किसानों को आबादी भूखंड आवंटित करने के नियमों में संशोधन करते हुए प्राधिकरण ने पात्रता के दायरे को विस्तृत करने का फैसला किया है। अब निर्धारित शर्तों के अधीन किसान परिवार की पात्रता में पितामह, पितामही, माता-पिता, पति-पत्नी के साथ सास-ससुर को भी शामिल किया जाएगा।
दरअसल, किसानों की ओर से यह मांग उठाई जा रही थी कि भूमि अर्जन की कार्रवाई से पहले कुछ मामलों में जमीन पुत्रवधू के नाम हस्तांतरित कर दी जाती है। मौजूदा नीति के कारण ऐसी परिस्थितियों में पुत्रवधू आबादी भूखंड के लाभ से वंचित रह जाती थीं। इसी व्यावहारिक कठिनाई को ध्यान में रखते हुए पात्रता संबंधी प्रावधानों में बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया गया, जिसे बोर्ड की स्वीकृति मिल गई।
हालांकि, इस लाभ के लिए किसान का अधिसूचित क्षेत्र का मूल निवासी होना और संबंधित भूमि का निर्धारित शर्तों के अनुरूप राजस्व अभिलेखों में दर्ज होना आवश्यक रहेगा। इस संशोधन से पात्रता संबंधी विवादों में कमी आने और प्रभावित परिवारों को राहत मिलने की संभावना है।
लीज बैक के मामलों में राहत, ब्याज माफी का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा
ग्रामीण आबादी की जमीन के लीज बैक मामलों में लंबे समय से बनी कानूनी और वित्तीय अड़चनों को दूर करने के लिए भी प्राधिकरण ने पहल की है। बोर्ड ने लीज बैक के लिए देय प्रतिकर राशि पर ब्याज माफी से संबंधित नियमों में संशोधन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। अब इसे शासन की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
वर्तमान व्यवस्था के अनुसार, निर्धारित अवधि में धनराशि जमा नहीं करने पर किसानों को ब्याज का भुगतान करना पड़ता है। तीन माह से अधिक की देरी पर निर्धारित दर से ब्याज लगने तथा एक वर्ष के भीतर भुगतान नहीं होने पर पट्टा निरस्त किए जाने का प्रावधान है। किसानों की ओर से लंबे समय से ब्याज माफी की मांग की जा रही थी।
इसके अतिरिक्त, ग्रामीण आबादी के लीज बैक मामलों में किसानों के हिस्से का निर्धारण कर उनके पक्ष में लीज डीड निष्पादित करने की प्रक्रिया को भी मंजूरी दी गई है। यह व्यवस्था शासनादेश दिनांक 24 अप्रैल 2010 तथा ग्रामीण आबादी स्थल प्रबंधन एवं विनियमितीकरण विनियमावली, 2011 और उसके वर्ष 2015 में संशोधित प्रावधानों के अनुरूप आगे बढ़ाई जाएगी।
इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण आबादी से संबंधित प्रकरणों में प्रक्रियागत उलझनों को कम करना और पात्र किसानों के पक्ष में पट्टा जारी करने की राह सुगम बनाना है। हालांकि, ब्याज माफी के मामले में अंतिम निर्णय शासन की स्वीकृति के बाद ही लागू हो सकेगा।
लिंक रोड से प्रभावित किसानों की लीज डीड का खर्च उठाएगा प्राधिकरण
गाजियाबाद में न्यू हॉलैंड ट्रैक्टर फैक्ट्री से राष्ट्रीय राजमार्ग-24, वर्तमान में एनएच-9, तक लिंक रोड के निर्माण से प्रभावित किसानों के पुनर्वास की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने ग्राम चिपियाना खुर्द उर्फ तिगरी में उपलब्ध 5.48 एकड़ भूमि पर संबंधित किसानों के पक्ष में लीज डीड कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसकी रजिस्ट्री पर होने वाला खर्च भी प्राधिकरण वहन करेगा।
इस व्यवस्था का लाभ उन मूल किसानों को मिलेगा, जिनकी भूमि सड़क निर्माण की जद में आई थी और जिनके नाम संबंधित राजस्व अभिलेखों में दर्ज हैं। प्राधिकरण की 141वीं बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णय के क्रम में इस प्रकरण पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में गठित समिति ने 17 जून 2026 की बैठक में पात्र किसानों के दस्तावेज प्राप्त करने और उनका सत्यापन करने के बाद लीज डीड की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की संस्तुति की थी। अब संबंधित किसानों को गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की ओर से जारी आवंटन पत्र की मूल प्रति और नक्शा-11 की सत्यापित प्रति अथवा किसान द्वारा क्रय किए गए खसरे के बैनामे की मूल प्रति प्रस्तुत करनी होगी। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण से सत्यापन के बाद लीज डीड निष्पादित की जाएगी।
युवाओं को हुनर और रोजगार से जोड़ने के लिए बनेगा कौशल केंद्र
औद्योगिक विकास के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से ग्रेटर नोएडा में सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार केंद्र स्थापित करने की तैयारी है। इसके लिए सेक्टर ईकोटेक-1 में औद्योगिक भूखंड संख्या-01 की 32,880 वर्गमीटर भूमि, यानी लगभग आठ एकड़ क्षेत्रफल, चिह्नित कर आरक्षित करने के प्रस्ताव को बोर्ड ने मंजूरी दे दी है।
इस भूमि का निशुल्क आवंटन सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग की सहमति के बाद किया जाएगा। प्रस्तावित केंद्र में उद्योगों और सेवा क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को तकनीकी तथा गैर-तकनीकी प्रशिक्षण देने की योजना है। इसके साथ भाषा प्रशिक्षण और रोजगार दिलाने के लिए प्लेसमेंट संबंधी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
योजना में प्रशिक्षणार्थियों के लिए छात्रावास, कार्यालय और प्लेसमेंट सेल जैसी सुविधाओं का प्रावधान है। इसका उद्देश्य स्थानीय युवाओं की रोजगारपरक दक्षता बढ़ाने के साथ उन्हें देश के अन्य राज्यों और विदेशों में उपलब्ध अवसरों से जोड़ना है। यदि प्रशिक्षण और उद्योगों की जरूरतों के बीच प्रभावी तालमेल स्थापित होता है, तो यह केंद्र क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगारोन्मुखी अवसरों का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।
ईकोटेक-1 एक्सटेंशन में पुलिस थाना, 3,957 वर्गमीटर भूमि निशुल्क देने की तैयारी
औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के उद्देश्य से ग्राम कासना में पुलिस थाना स्थापित करने के लिए 3,957 वर्गमीटर भूमि निशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को भी बोर्ड की मंजूरी मिल गई है। प्रस्तावित थाना ईकोटेक-1 एक्सटेंशन क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा।
अपर पुलिस आयुक्त, मुख्यालय, गौतमबुद्ध नगर की ओर से पुलिस स्टेशन के लिए भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। इसके बाद प्राधिकरण के परियोजना विभाग ने संबंधित भूखंड चिह्नित कर पुलिस विभाग को लीज प्लान उपलब्ध कराया। पुलिस विभाग ने 31 जुलाई 2025 को लीज डीड के संबंध में सहमति देते हुए अनुरोध किया था।
प्रस्ताव में औद्योगिक विकास प्राधिकरणों की विकसित योजनाओं में पुलिस थानों और चौकियों के लिए आवश्यक भूमि निशुल्क हस्तांतरित करने संबंधी शासन की नीति का भी उल्लेख किया गया है। बोर्ड की स्वीकृति के बाद अब भूमि आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इससे औद्योगिक इकाइयों, कर्मचारियों, उद्यमियों और आसपास के निवासियों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
226 करोड़ रुपये से उन्नत होगा बिजलीघर, औद्योगिक क्षेत्र को मिलेगी अतिरिक्त क्षमता
औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और भविष्य में बढ़ने वाली बिजली की मांग को ध्यान में रखते हुए ईकोटेक-10 स्थित मौजूदा 132/33 केवी जीआईएस विद्युत उपकेंद्र को 220/33 केवी जीआईएस उपकेंद्र के रूप में उच्चीकृत करने की योजना को भी मंजूरी मिली है। इस परियोजना पर निर्माण और भूमि की लागत सहित लगभग 226 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
प्रस्ताव के तहत उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड को 8,945 वर्गमीटर भूमि निशुल्क उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। इस विद्युत उपकेंद्र की क्षमता बढ़ने से ईकोटेक-10, ईकोटेक-11, घंघोला, मायचा और आसपास के गांवों, सेक्टरों तथा औद्योगिक प्रतिष्ठानों की बिजली संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
औद्योगिक इकाइयों के विस्तार के साथ निर्बाध और पर्याप्त बिजली आपूर्ति की आवश्यकता भी बढ़ती है। ऐसे में विद्युत उपकेंद्र का उच्चीकरण क्षेत्र की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे भविष्य की मांग के अनुरूप बिजली आपूर्ति व्यवस्था विकसित करने में सहायता मिलने की संभावना है।
किसानों की राहत से औद्योगिक आधारभूत ढांचे तक, फैसलों का व्यापक दायरा
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 145वीं बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णयों का दायरा किसानों के मुआवजे और आबादी भूखंड से लेकर ग्रामीण आबादी के लीज बैक, विस्थापित किसानों के पुनर्वास, कौशल विकास, पुलिस व्यवस्था और विद्युत अवसंरचना तक फैला हुआ है।
एक ओर पुराने भूमि संबंधी मामलों में अतिरिक्त प्रतिकर और लीज डीड की प्रक्रिया को गति देने का प्रयास किया गया है, तो दूसरी ओर युवाओं को रोजगार से जोड़ने और औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा तथा बिजली जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने की योजनाओं को आगे बढ़ाया गया है।
इन निर्णयों की वास्तविक सफलता उनके प्रभावी क्रियान्वयन, निर्धारित समयसीमा और पात्र लाभार्थियों तक सुविधाएं पहुंचने पर निर्भर करेगी। किसानों की लंबित समस्याओं का समयबद्ध समाधान और औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार ही इन नीतिगत फैसलों को धरातल पर सार्थक परिणामों में बदल सकेगा।
बोर्ड बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में प्राधिकरण के चेयरमैन दीपक कुमार, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार, नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सीईओ आरके सिंह, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव, श्रीलक्ष्मी वीएस, प्रेरणा सिंह और सुमित यादव सहित जीएम वित्त स्वतंत्र गुप्ता, जीएम परियोजना एके सिंह तथा ओएसडी लवगीत कौर, अभिषेक पाठक, गिरीश कुमार झा, मुकेश कुमार सिंह और अजय शर्मा समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।




