बदलते अंतरराष्ट्रीय परिवेश में नए बाजार तलाशते भारत की संभावनाओं का मंच बन रहा यूपीआईटीएस

Panchayat 24 (ग्रेटर नोएडा) : बदलते वैश्विक व्यापार परिदृश्य में नए बाजार, नई साझेदारियां और निवेश की संभावनाएं तलाशते भारत के लिए उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) 2026 महज एक व्यापार मेला नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की उत्पादन क्षमता, उद्यमशीलता और सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक बाजार से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मंच बनकर उभर रहा है। इसका चौथा संस्करण 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित होगा।
उत्तर प्रदेश सरकार में एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने बताया कि 2,400 से अधिक प्रदर्शक, 85 देशों के 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदार, 1.5 लाख से अधिक बी2बी खरीदार तथा करीब 4.5 लाख सामान्य आगंतुको के पहुंचने की उम्मीद है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आयोजन का उद्घाटन करेंगे।
यूपीआईटीएस की सबसे बड़ी विशेषता उसका बढ़ता अंतरराष्ट्रीय विस्तार है। ऑस्ट्रिया, जापान, रूस, सिंगापुर, बेलारूस और वियतनाम साझेदार देशों के रूप में इसमें शामिल होंगे, जबकि अब तक 72 देशों से विदेशी खरीदारों के पंजीकरण प्राप्त हो चुके हैं। बी2बी मैचमेकिंग, नेटवर्किंग और कारोबारी संवाद के जरिए प्रदेश के उत्पादकों को आयातकों, वितरकों, निवेशकों और वैश्विक खरीदारों से सीधे जोड़ने की कोशिश की जाएगी।
यह मंच उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के विविध आयामों को एक ही छत के नीचे समेटेगा। एमएसएमई से आधुनिक विनिर्माण, कृषि से खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प से वस्त्र, ऑटोमोबाइल से इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा से एविएशन, आईटी से स्मार्ट सिटी, स्वास्थ्य से पर्यटन और नवीकरणीय ऊर्जा से लॉजिस्टिक्स तक प्रदेश की आर्थिक क्षमता यहां दिखाई देगी। साथ ही निवेश, निर्यात, कौशल, उद्यमिता और औद्योगिक नीतियों से जुड़ी सरकारी पहलों को भी सामने रखा जाएगा।
इस बार कारोबार की भाषा में संस्कृति और स्वाद की पहचान भी शामिल होगी। ओडीओपी के साथ वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूज़ीन’ को विशेष स्थान देकर प्रदेश के जिलों की पारंपरिक पाक विधियों, स्थानीय व्यंजनों और खाद्य विरासत को वैश्विक मंच दिया जाएगा। इस तरह यूपीआईटीएस उत्पाद के साथ उसके पीछे की मिट्टी, हुनर और परंपरा को भी बाजार तक पहुंचाने का प्रयास करेगा।
पांच दिवसीय आयोजन में कारोबारी बैठकों के साथ ज्ञान-सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम, लाइव प्रस्तुतियां, फैशन शो और लेजर शो होंगे। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, डिजिटल व्यापार, खाद्य प्रसंस्करण, एमएसएमई और वैश्विक मुक्त व्यापार समझौतों जैसे विषयों पर विशेषज्ञ विमर्श होगा।
यूपीआईटीएस का विस्तार उसके पिछले संस्करणों की उपलब्धियों से भी स्पष्ट होता है। साल 2025 में 5,07,099 आगंतुक, 1,40,735 बी2बी आगंतुक और 2,228 प्रदर्शक शामिल हुए थे। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, उस संस्करण में 1,882 करोड़ रुपयों के 2,400 से अधिक एमओयू और 11,200 करोड़ से अधिक की कारोबारी पूछताछ दर्ज हुई।
यूपीआईटीएस 2026 में डिजिटल मैचमेकिंग को भी मजबूत किया गया है। ऐप के माध्यम से खरीदार और प्रदर्शक कारोबारी अवसरों की पहचान करने तथा बी2बी बैठकों का पूर्व निर्धारण कर सकेंगे।
बदलते वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा केवल उत्पादन की नहीं, बाजार तक पहुंच की भी है। ऐसे में यूपीआईटीएस उत्तर प्रदेश के उत्पाद, प्रतिभा, तकनीक, परंपरा और उद्यमशीलता को वैश्विक मांग से जोड़ने की कोशिश है। यही कारण है कि ग्रेटर नोएडा में होने वाला यह आयोजन उत्तर प्रदेश के औद्योगिक प्रदर्शन से आगे बढ़कर बदलते अंतरराष्ट्रीय परिवेश में भारत की कारोबारी संभावनाओं को तलाशने और उन्हें बाजार से जोड़ने का एक विस्तृत मंच बनता दिखाई दे रहा है।




