नोएडा प्राधिकरण

नोएडा की 223वीं बोर्ड बैठक में बड़े फैसले: न्यू नोएडा के फेज-वार विकास का रास्ता साफ, किसानों के लिए मुआवजा नीति में अहम बदलाव

फेज-1 और 2 में ग्रेटर नोएडा, फेज-3 और 4 में यीडा की तर्ज पर मिलेगी प्रतिकर दर और आबादी भूखंड; भूमि खरीद के लिए 6,459 रूपये प्रति वर्ग मीटर की दर को मंजूरी

Panchayat (नोएडा) :  नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण की 223वीं बोर्ड बैठक में नोएडा और प्रस्तावित न्यू नोएडा के विकास को गति देने वाले कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। सबसे अहम निर्णय डीएनजीआईआर यानी न्यू नोएडा में किसानों से आपसी सहमति के आधार पर भूमि खरीद की व्यवस्था को लेकर हुआ। बोर्ड ने न्यू नोएडा के अलग-अलग चरणों में आसपास के प्राधिकरणों की व्यवस्था के अनुरूप प्रतिकर और आबादी भूखंड देने का फैसला किया है। इससे न्यू नोएडा के लिए भूमि जुटाने की प्रक्रिया को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

बैठक अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त तथा नोएडा प्राधिकरण के अध्यक्ष दीपक कुमार की अध्यक्षता में सेक्टर-96 स्थित प्राधिकरण के मुख्य प्रशासनिक भवन में हुई। इसमें नोएडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्ण करुणेश, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एन.जी. रवि, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेन्द्र भाटिया सहित बोर्ड के अन्य सदस्य शामिल हुए।

न्यू नोएडा में फेज के हिसाब से तय होगी व्यवस्था

बोर्ड ने आपसी समझौते के आधार पर खरीदी जाने वाली भूमि के लिए 6,459 रूपये प्रति वर्ग मीटर मुआवजा और पांच प्रतिशत विकसित आबादी भूखंड देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इससे पहले 5,324 रूपये प्रति वर्ग मीटर आबादी भूखंड रहित तथा 4,224 रूपये प्रति वर्ग मीटर पांच प्रतिशत आबादी भूखंड सहित व्यवस्था थी।

डीएनजीआईआर के विकास को आसपास के क्षेत्रों की नीतियों के अनुरूप रखने के लिए फेज-1 और फेज-2 में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अनुरूप प्रतिकर दर तथा छह प्रतिशत आबादी भूखंड दिया जाएगा। वहीं फेज-3 और फेज-4 में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अनुरूप प्रतिकर दर तथा सात प्रतिशत आबादी भूखंड देने की व्यवस्था होगी।

इस निर्णय को न्यू नोएडा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे अलग-अलग क्षेत्रों में भूमि खरीद के लिए एक स्पष्ट और व्यावहारिक ढांचा तैयार होगा। साथ ही किसानों को भूमि के मूल्य के साथ विकसित आबादी भूखंड के रूप में भविष्य की भागीदारी का अवसर भी मिलेगा।

शहर के रखरखाव के लिए बनेगा दीर्घकालीन कोष

प्राधिकरण की दीर्घकालीन वित्तीय स्थिरता और जलापूर्ति, सफाई, सार्वजनिक स्वास्थ्य तथा नागरिक अवस्थापना के निर्बाध रखरखाव के लिए एकमुश्त लीज किराया कोष की मानक संचालन प्रक्रिया को मंजूरी दी गई। इसके माध्यम से एकमुश्त भू-भाटक से मिलने वाली गैर-आवर्ती आय का व्यवस्थित लेखांकन, निवेश, उपयोग और निगरानी की जाएगी।

अटकी रियल एस्टेट परियोजनाओं को मिलेगी गति

21 दिसंबर 2023 के शासनादेश के तहत पुरानी और रुकी हुई रियल एस्टेट परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। 25 प्रतिशत देय राशि जमा करने वाले 23 आवंटियों को शेष 75 प्रतिशत राशि जमा करने के नोटिस जारी किए गए हैं और भुगतान के सापेक्ष रजिस्ट्री की अनुमति दी गई है।

अब तक 36 परियोजनाओं से 540.75 करोड़ रूपये और अन्य आंशिक भुगतानों सहित कुल 561.35 करोड़ रूपये जमा हो चुके हैं। बोर्ड ने लंबित परियोजनाओं में वसूली और फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री में तेजी लाने के निर्देश दिए।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में औद्योगिक नियमों में एकरूपता

औद्योगिक इकाइयों से संबंधित शुल्क, इकाई को क्रियाशील करने की समयसीमा और अन्य प्रक्रियाओं में एकरूपता लाने के लिए नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों की संयुक्त समिति गठित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य दोनों क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयों से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक तर्कसंगत और सरल बनाना है।

पुलिस आयुक्त कार्यालय के लिए सेक्टर-153 में जमीन

गौतमबुद्धनगर पुलिस आयुक्त कार्यालय के उपयोग के लिए सेक्टर-153 में 13,347.18 वर्ग मीटर भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया गया। इससे पुलिस प्रशासन के लिए आवश्यक संस्थागत अवस्थापना विकसित करने का रास्ता साफ होगा।

सेक्टर-145 में कचरे से ऊर्जा उत्पादन की तैयारी

नोएडा में सूखे और आरडीएफ कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए सेक्टर-145 में प्रतिदिन 100 टन क्षमता का ताप-अपघटन आधारित कचरे से ऊर्जा एवं संसाधन पुनर्प्राप्ति संयंत्र स्थापित किया जाएगा। संस्था के चयन के लिए अभिरुचि आमंत्रण और निविदा प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

यह परियोजना कचरा प्रबंधन के साथ ऊर्जा और संसाधन पुनर्प्राप्ति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

सेक्टर-8 की आठ एकड़ नर्सरी होगी आधुनिक

सेक्टर-8 स्थित लगभग आठ एकड़ की नर्सरी को निर्माण, संचालन और रखरखाव के आधार पर आधुनिक रूप देने का निर्णय लिया गया। चयनित एजेंसी के माध्यम से नर्सरी को आधुनिक और आत्मनिर्भर सुविधा के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां नागरिकों को विभिन्न प्रजातियों के पौधों की सुविधा मिल सकेगी।

सहकारी आवासीय समितियों के फ्लैट खरीदारों को राहत

सहकारी आवासीय समितियों को आवंटित भूखंडों पर बने फ्लैटों के वर्तमान कब्जेदार सदस्यों की संपत्ति संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए त्रिपक्षीय उप-पट्टा दस्तावेज पंजीकृत कराने की नीति को मंजूरी दी गई।

समिति की अनापत्ति, अंतरण शुल्क और निर्धारित प्रमाण-पत्रों के आधार पर यह प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। इससे वैध कब्जेदारों को संपत्ति दस्तावेज मिलने, स्टांप शुल्क सुनिश्चित होने और लंबे समय से लंबित मामलों के निस्तारण का रास्ता खुलेगा।

किसानों और भविष्य के शहर के बीच नया संतुलन

223वीं बोर्ड बैठक के फैसलों को समग्र रूप से देखें तो नोएडा प्राधिकरण ने एक ओर न्यू नोएडा के लिए भूमि खरीद की नीति को स्पष्ट किया है, वहीं दूसरी ओर किसानों को प्रतिकर के साथ आबादी भूखंड के माध्यम से विकास में हिस्सेदारी देने की व्यवस्था को मजबूत किया है। फेज-वार ग्रेटर नोएडा और यीडा की नीतियों से सामंजस्य स्थापित करने का निर्णय न्यू नोएडा के नियोजित और संतुलित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

इसके साथ ही रुकी परियोजनाओं को गति, औद्योगिक नीतियों में एकरूपता, नागरिक सुविधाओं के लिए दीर्घकालीन कोष, आधुनिक कचरा प्रबंधन, हरित क्षेत्र के विकास और पुलिस अवस्थापना से जुड़े फैसले बताते हैं कि बोर्ड बैठक का फोकस केवल भूमि और निर्माण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नोएडा को आर्थिक रूप से मजबूत, पर्यावरण की दृष्टि से बेहतर और नागरिक सुविधाओं के लिहाज से अधिक सक्षम शहर बनाने पर भी रहा।

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