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राजकुमार भाटी के बयान पर सियासी बवाल, गौतम बुद्ध नगर बार एसोसिएशन पदाधिकारियों ने सपा छोड़ी

Panchayat 24 (ग्रेटर नोएडा) : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी के कथित ब्राह्मण विरोधी बयान के बाद गौतमबुद्धनगर की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। जनपद दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन, गौतमबुद्धनगर के अध्यक्ष मनोज भाटी (बौड़की) l और सचिव शोभाराम चंद्रीला ने समाजवादी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देते हुए पार्टी नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

दोनों पदाधिकारियों द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि हाल के दिनों में पार्टी के कुछ नेताओं और प्रवक्ताओं द्वारा दिए जा रहे बयान समाज में जातीय तनाव और वैमनस्य को बढ़ावा दे रहे हैं। विशेष रूप से राजकुमार भाटी की टिप्पणी से ब्राह्मण समाज, अधिवक्ता समुदाय और सनातन विचारधारा से जुड़े लोगों में भारी नाराजगी है।

बार एसोसिएशन पदाधिकारियों का कहना है कि अधिवक्ता समाज हमेशा सामाजिक समरसता, संविधान और सभी वर्गों के सम्मान की भावना के साथ कार्य करता है। ऐसे में किसी भी जाति या समुदाय को लेकर की गई टिप्पणी समाज को बांटने का काम करती है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को वोट बैंक की राजनीति से ऊपर उठकर सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी से जुड़े कुछ पदाधिकारी अधिवक्ताओं के हितों की अनदेखी कर रहे हैं। वकीलों के लिए प्रस्तावित चैंबर निर्माण कार्य में लगातार रुकावटें पैदा की जा रही हैं, जिससे अधिवक्ता समाज में असंतोष बढ़ता जा रहा है। बताया गया कि करीब 600 से अधिक अधिवक्ता लंबे समय से चैंबर निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है।

मनोज भाटी ने कहा कि अधिवक्ता समाज किसी भी राजनीतिक दल से ऊपर है और उनका पहला दायित्व वकीलों तथा समाज के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने समाजवादी अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव पद से भी इस्तीफा देने की घोषणा करते हुए कहा कि अब वह पूरी तरह अधिवक्ताओं के अधिकारों और सामाजिक मुद्दों पर काम करेंगे।

इस घटनाक्रम के बाद जिले में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी चुनावों से पहले इस तरह के विवाद पार्टी की छवि को प्रभावित कर सकते हैं। वहीं अधिवक्ता समुदाय के कई सदस्यों ने भी सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और विवादित बयानों पर कार्रवाई की मांग उठाई है।

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