ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण

यमुना प्राधिकरण की 90वीं बोर्ड बैठक: निवेश, उद्योग और किसानों के हित में कई बड़े फैसले

Panchayat 24 (ग्रेटर नोएडा) : यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की 90वीं बोर्ड बैठक सोमवार को अध्यक्ष एवं औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने विभिन्न विभागों से संबंधित एजेंडा प्रस्तुत किया। बैठक में औद्योगिक निवेश, आधारभूत ढांचे के विकास, किसानों के 7 प्रतिशत आबादी भूखंड, हेरिटेज सिटी, फिल्म सिटी तथा औद्योगिक पार्कों की प्रगति से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

43 प्रतिशत बढ़ी प्राधिकरण की आय

बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 31 मई तक प्राधिकरण की पूंजीगत प्राप्तियां 745.85 करोड़ रुपये रहीं, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 522.39 करोड़ रुपये थीं। इस प्रकार आय में लगभग 43 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो क्षेत्र में बढ़ते निवेश और औद्योगिक गतिविधियों का संकेत है।

आधारभूत ढांचे के रखरखाव के लिए बनेगा कॉर्पस फंड

यीडा क्षेत्र में सड़क, सीवर, जलापूर्ति, विद्युत एवं उद्यान जैसी आधारभूत सुविधाओं के दीर्घकालिक रखरखाव के लिए एक समर्पित कॉर्पस फंड बनाने का निर्णय लिया गया। इस फंड में लीज रेंट, एफएआर शुल्क, ट्रांसफर शुल्क, रेस्टोरेशन चार्ज, समय विस्तार शुल्क एवं अन्य राजस्व मदों से प्राप्त राशि जमा की जाएगी। इसके लिए एसबीआई में अलग खाता खोला जाएगा।

औद्योगिक पार्कों में तेजी से बढ़ रही गतिविधियां

प्राधिकरण के विभिन्न औद्योगिक पार्कों में कुल 1,236 भूखंडों में से 1,122 का आवंटन हो चुका है। इनमें एमएसएमई पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क, टॉय पार्क, अपैरल पार्क और मेडिकल डिवाइस पार्क शामिल हैं। अब तक 771 लीज डीड निष्पादित हो चुकी हैं तथा 92 इकाइयों को कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी किए जा चुके हैं।

जीबीसी-5.0 लक्ष्य से आगे निकला यीडा

उत्तर प्रदेश सरकार के एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था लक्ष्य में यीडा की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी-5.0) के तहत प्राधिकरण को 30,000 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य दिया गया था, जबकि 30,885.69 करोड़ रुपये के निवेश के साथ यह लक्ष्य पार कर लिया गया। इस दौरान 136 औद्योगिक इकाइयों ने निवेश की दिशा में ठोस प्रगति दिखाई।

दो वर्षों में 137 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन

वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 में कुल 137 औद्योगिक भूखंड आवंटित किए गए। इनमें सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल डिवाइस, सोलर, ऑटोमोबाइल और एफडीआई परियोजनाएं शामिल हैं। विशेष रूप से इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड (एचसीएल-फॉक्सकॉन संयुक्त उपक्रम) की 48 एकड़ में प्रस्तावित सेमीकंडक्टर इकाई का शिलान्यास फरवरी 2026 में हो चुका है।

इसके अलावा एस्कॉर्ट्स कुबोटा, सीएनएच इंडस्ट्रियल, हैवेल्स, पराग डेयरी, एम्बर एंटरप्राइजेज, एसएईएल सोलर और मिंडा कॉर्प जैसी प्रमुख कंपनियों को भी भूखंड आवंटित किए गए हैं।

किसानों के 7 प्रतिशत आबादी भूखंडों की प्रगति की समीक्षा

बैठक में किसानों को दिए जाने वाले 7 प्रतिशत आबादी भूखंडों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। अब तक 11,211 किसानों के लिए विस्तृत प्रकाशन किया जा चुका है, जिनमें से 7,035 किसानों को आरक्षण पत्र जारी किए जा चुके हैं तथा 4,176 भूखंड विभिन्न सेक्टरों में नियोजित किए जा चुके हैं। कई गांवों में विकास कार्य जारी हैं, जबकि भूमि उपलब्धता न होने वाले क्षेत्रों में वैकल्पिक भूमि चिह्नित करने का निर्णय लिया गया।

हेरिटेज सिटी परियोजना को मिली गति

मथुरा क्षेत्र में प्रस्तावित हेरिटेज सिटी परियोजना के लिए तैयार संशोधित बिड दस्तावेज को बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया। बोर्ड ने इसे उत्तर प्रदेश सरकार की पीपीपीबीईसी समिति के समक्ष अनुमोदन हेतु भेजने का निर्णय लिया। यह परियोजना धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को नई पहचान देने वाली मानी जा रही है।

फिल्म सिटी परियोजना की कार्ययोजना प्रस्तुत

बैठक में फिल्म सिटी परियोजना के डेवलपर प्रतिनिधियों ने परियोजना की प्रगति और कार्ययोजना की जानकारी दी। बोर्ड ने परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक सहयोग का भरोसा दिया। फिल्म सिटी को उत्तर भारत के सबसे बड़े मीडिया एवं मनोरंजन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

8,000 हेक्टेयर में विकसित होगा नया इंडस्ट्रियल नोड

यीडा क्षेत्र में प्रस्तावित 130 मीटर सड़क और यमुना एक्सप्रेसवे के बीच लगभग 8,000 हेक्टेयर क्षेत्र को नया इंडस्ट्रियल नोड विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। इसके लिए मास्टर प्लान तैयार करने हेतु कंसल्टेंट चयन की प्रक्रिया को मंजूरी दी गई। यह क्षेत्र अलीगढ़ और अन्य शहरों से बेहतर कनेक्टिविटी प्राप्त करेगा तथा डिफेंस कॉरिडोर और जेवर एयरपोर्ट से भी सीधे जुड़ सकेगा।

ट्रैफिक पार्क और प्रशिक्षण केंद्र बनेगा

जेवर क्षेत्र में होंडा इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से ट्रैफिक पार्क कम ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करने को मंजूरी दी गई। इसका निर्माण होंडा अपने सीएसआर फंड से करेगी, जबकि भूमि प्राधिकरण नि:शुल्क उपलब्ध कराएगा। इससे सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

गौशाला संचालन के लिए नई व्यवस्था

फलेदा बांगर स्थित अस्थायी गौ-आश्रय स्थल के बेहतर संचालन के लिए इसे स्वयं पोषित एजेंसी या ट्रस्ट के माध्यम से संचालित करने का निर्णय लिया गया। बोर्ड ने इसके लिए तैयार आरएफपी दस्तावेज को भी मंजूरी प्रदान कर दी।

विकास और निवेश के नए अध्याय की ओर यमुना प्राधिकरण

90वीं बोर्ड बैठक के निर्णयों से स्पष्ट है कि यमुना प्राधिकरण केवल जेवर एयरपोर्ट केंद्रित विकास तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन, किसानों के हित, आधारभूत संरचना और पर्यटन विकास को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, फिल्म सिटी और नए इंडस्ट्रियल नोड जैसी परियोजनाएं आने वाले वर्षों में यमुना प्राधिकरण क्षेत्र को देश के सबसे बड़े आर्थिक विकास केंद्रों में शामिल कर सकती हैं।

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