सेक्टर-6 स्थित नोएडा प्राधिकरण मुख्यालय बनेगा अतीत, सेक्टर-96 में भविष्य का नया केंद्र तैयार
The Noida Authority Headquarters in Sector-6 is set to become a relic of the past, as a new futuristic hub stands ready in Sector-96.

Panchayat 24 (नोएडा): नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (नोएडा अथॉरिटी) के इतिहास में 17 अप्रैल एक अहम दिन साबित होने जा रहा है। इस दिन सेक्टर-6 स्थित प्राधिकरण का पुराना मुख्यालय इतिहास का हिस्सा बन जाएगा, जबकि सेक्टर-96 में बना नया अत्याधुनिक मुख्यालय नोएडा के भविष्य की दिशा तय करेगा। प्राधिकरण की स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नए भवन का उद्घाटन करेंगे। 17 अप्रैल को उद्घाटन के साथ ही सेक्टर-6 स्थित पुराना मुख्यालय अतीत बन जाएगा और सेक्टर-96 स्थित नया भवन नोएडा के विकास की नई इबारत लिखेगा। यह कदम न केवल प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाएगा, बल्कि आम नागरिकों को बेहतर और एकीकृत सेवाएं भी उपलब्ध कराएगा।
नोएडा का वर्तमान स्वरूप एक लंबी प्रशासनिक यात्रा का परिणाम है। प्रारंभ में यह क्षेत्र बुलंदशहर जिले की सिकंदराबाद तहसील में था, बाद में गाजियाबाद जिले की दादरी तहसील में शामिल हुआ और वर्तमान में गौतम बुद्ध नगर जिले की दादरी तहसील का हिस्सा है। दिल्ली पर बढ़ते औद्योगिक दबाव को कम करने के उद्देश्य से यमुना और हिंडन नदियों के बीच स्थित खादर क्षेत्र में एक सुनियोजित औद्योगिक शहर के रूप में नोएडा का विकास किया गया।
नोएडा का गठन उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास अधिनियम, 1976 के तहत 17 अप्रैल 1976 को हुआ। प्राधिकरण को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और एकीकृत औद्योगिक शहर विकसित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके अंतर्गत शहरीकरण को व्यवस्थित करना, औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना, बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना तथा भूमि का नियोजित अधिग्रहण एवं विकास शामिल रहा।
शुरुआती दौर में यह क्षेत्र अत्यंत पिछड़ा था, जो बाद में इसके चयन का प्रमुख कारण बना। बाढ़ की स्थिति में स्थानीय लोगों को दादरी के स्कूलों में बनाए गए राहत शिविरों में रहना पड़ा था। प्राधिकरण का कार्यालय प्रारंभ में अस्थायी रूप से कनॉट प्लेस और बाद में चिल्ला रेगुलेटर क्षेत्र में संचालित हुआ। इसके बाद सेक्टर-6 में स्थायी मुख्यालय स्थापित किया गया।
समय के साथ तेजी से विस्तार करते नोएडा शहर के कारण सेक्टर-6 स्थित कार्यालय पर दबाव लगातार बढ़ता गया। विभिन्न विभागों को अलग-अलग स्थानों पर स्थापित कर व्यवस्था संभालने का प्रयास किया गया, लेकिन यह पर्याप्त नहीं था। ऐसे में एक बड़े, आधुनिक और आम नागरिकों के लिए सुगम मुख्यालय की आवश्यकता महसूस की गई।
इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे सेक्टर-96 में लगभग छह एकड़ क्षेत्र में नए मुख्यालय का निर्माण शुरू किया गया। करीब 390 करोड़ रुपये की लागत से बनी यह अत्याधुनिक इमारत अब पूरी तरह तैयार है। परिसर में दो टावर बनाए गए हैं, जिनमें से सात मंजिला टावर-2 को मुख्यालय के रूप में विकसित किया गया है।
नई इमारत को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि आम नागरिकों को अपने कार्यों के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े। सभी विभागों को अलग-अलग मंजिलों पर व्यवस्थित ढंग से स्थापित किया गया है।
मंजिलवार विभागों का विवरण इस प्रकार है:
भूतल: स्वागत कक्ष, सभागार, औद्योगिक, संस्थागत, वाणिज्यिक एवं विधि विभाग। प्रथम तल: जनसुनवाई केंद्र, ग्रुप हाउसिंग एवं आवासीय भवन विभाग। द्वितीय तल: आवासीय भूखंड, भूलेख, आईजीआरएस एवं आरटीआई विभाग। तृतीय तल: सामान्य प्रशासन, कार्मिक एवं वित्त विभाग
चतुर्थ तल: नियोजन एवं भवन प्रकोष्ठ, पंचम तल: अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, मुख्य महाप्रबंधक, महाप्रबंधक (सिविल/जल), निदेशक (उद्यान) एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी, षष्ठम तल: मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी। सप्तम तल: अध्यक्ष कार्यालय एवं बोर्ड कक्ष



