आनन्द विहार रेलवे टर्मिनल का विकल्प बनेगा बोड़ाकी रेलवे स्टेशन, सात गांवों के 1360 परिवारों को कहां बसाने की है योजना ?
Bodaki Railway Station is set to serve as an alternative to Anand Vihar Railway Station; where are the plans to resettle the 1,800 families from seven villages?

Panchayat 24 (ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण) : दिल्ली के अतिव्यस्तम आनन्द विहार रेलवे टर्मिनल के विकल्प के रूप में सरकार बोड़ाकी रेलवे स्टेशन को तैयार कर रही है। इसके लिए सरकार ने बोड़ाकी रेलवे स्टेशन का विस्तार करने का निर्णय लिया है। इसके लिए सात गांवों चमरावली बोड़ाकी, दादरी, कठैहडा, तिलपता करनवास, पाली, पल्ला और चमरावली रामगढ से लगभग 1360 परिवारों को विस्थापित किया जाएगा। इन विस्थापित परिवारों को बसाने के लिए लगभग 242 एकड़ जमीन का चिन्हिकरण कर लिया गया है। विस्थापन एवं भूमि अधिग्रहण की पूरी कार्रवाई ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा की जा रही है।
दरअसल, दिल्ली स्थित नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली स्थित रेवले स्टेशनों पर लगातार बढ़ती यात्रियों की भीड़ के कारण आनन्द विहार रेलवे स्टेशन को टर्मिनल का रूप दिया गया था। इसके बावजूद यहां पर भी लगातार रेल यात्रियों और रेलों का दबाव बढ़ता जा रहा है। वर्तमान में यहां पर अन्य रेलगाडियों शुरू करने की आवश्यकता है, जबकि यह रेलवे टर्मिनल की क्षमता से बाहर है। ऐसे में सरकार ने ग्रेटर नोएडा में मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट के रूप में विकसित किए जा रहे बोड़ाकी रेलवे स्टेशन का विस्तार करने का निर्णय किया है। इसको ग्रेटर नोएडा टर्मिनल का नाम दिया गया है।
लगभग 200 हेक्टेयर जमीन पर बस रहे मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब में रेलवे टर्मिनल के लिए 55 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। यहां 13 नए रेलवे स्टेशन और 63 नई यार्ड लाइनें बिछाई जाएंगी। रेलवे टर्मिनल पर वंदे भारत सहित सभी एक्प्रेस रेलगाडियां रूकेंगी। यह रेलवे टर्मिनल दिल्ली एनसीआर सहित उत्तर भारत को पूर्वी भारत से बेहतर कनेक्टिविटी का आधार बनेगा। दिल्ली मुम्बई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के अन्तर्गत विकसित की जा रही दो अति महत्वपूर्ण परियोजनाओं मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब और मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब को भी गति मिलेगी। बता दें कि आईएसबीटी और मैट्रो भी मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब का हिस्सा होंगे। वहीं, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब का हिस्सा बनने के लिए देश विदेश के बड़े-बड़े समूहओं ने अपनी इच्छा जाहिर की है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने बताया कि पिछले साल रेलवे और उत्तर प्रदेश शासन के वरिष्ठ अधिकारियों संग हुई बैठक में दिल्ली में लगातार बढ़ते रेलवे यात्रियों के दबाव को कम करने के लिए बोड़ाकी रेलवे स्टेशन के विस्तारीकरण की योजना तैयार की थी। इसके लिए सात गांवों के लगभग 1360 हजार परिवारों का विस्थापन किया जाना था। योजना को अमली जामा पहनाने के लिए प्रभावित लोगों के साथ संवाद किया गया। सभी लोग शत प्रतिशत विस्थापन अर्थात जितनी जमीन पर वास्तविक निर्माण हुआ है उसे स्थान पर उतनी ही जमीन दूसरे स्थान पर दिए जाने और निर्मित मकान की लागत पर लोग सहमत है। इस परियोजना से प्रभावित लोगों को बसाने के लिए लगभग 250 एकड़ जमीन की आवश्यकता है। इसके लिए शिव नाडर विश्वविद्यालय, दतावली गांव और अंसल परियोजना के बीच जमीन का चिन्हिकरण किया गया है। निकट भविष्य में जमीन के बराबर से 105 मीटर सड़क भी होकर गुजरेगी जो परी चौक को जीटी रोड और हापुड़ से जोड़ेगी। वहीं, भविष्य में बोड़ाकी से आगे बढ़ाते हुए मैट्रो को जीटी रोड़ से जोड़ने की योजना पर भी प्राधिकरण काम कर रहा है। लगभग सभी प्रभावित लोग इस पर सहमत हैं।



