सिकंदराराऊ में अत्याधुनिक ट्रॉमा इकाई का शुभारंभ, हाथरस में घायलों को मिलेगा त्वरित उपचार

Panchayat 24 (हाथरस) : जनपद के सिकंदराराऊ क्षेत्र स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में लंबे समय से निष्क्रिय पड़ी स्वास्थ्य सेवाओं को नया जीवन मिल गया है। लगभग आठ वर्षों से सीमित उपयोग में आ रहा यह केंद्र अब उन्नत ट्रॉमा सुविधा के रूप में कार्य करना शुरू कर चुका है। जिलाधिकारी अतुल वत्स की पहल पर करीब दो करोड़ रुपये के व्यय से इस केंद्र को सुसज्जित ट्रॉमा सेंटर में परिवर्तित किया गया है।
नवस्थापित इकाई में हाल ही में पहली शल्य प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न की गई, जिसमें एक मरीज के पैर में पूर्व में प्रत्यारोपित धातु की रॉड को लगभग ढाई घंटे चले ऑपरेशन के बाद निकाला गया। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की उपलब्धता से अब जटिल शल्य क्रियाएं भी यहीं संभव हो सकेंगी।
गौरतलब है कि स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से चुनौतीपूर्ण माने जाने वाले हाथरस जिले में गंभीर रोगियों को अब तक आगरा, मथुरा अथवा दिल्ली जैसे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। विशेषकर सड़क हादसों के मामलों में उपचार के लिए बाहरी जनपदों पर निर्भरता के कारण समय की देरी कई बार जानलेवा सिद्ध होती थी।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में जिले में 512 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 309 लोगों की मृत्यु हो गई। आपात चिकित्सा ढांचे की कमी को इन उच्च मृत्यु दर के प्रमुख कारणों में गिना गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी अतुल वत्स ने पदभार ग्रहण करने के बाद दुर्घटना प्रबंधन तंत्र की समीक्षा की और बंद पड़े सीएचसी को ट्रॉमा केंद्र में विकसित करने की योजना को गति दी। अब यहां फ्रैक्चर, बहु-अंग चोट तथा सड़क दुर्घटना से संबंधित मामलों का उपचार तत्काल उपलब्ध हो सकेगा।
प्रशासन का मानना है कि इस पहल से न केवल आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में सुधार होगा, बल्कि आगरा और दिल्ली जैसे महानगरों की ओर मरीजों की अनावश्यक दौड़ भी काफी हद तक कम हो सकेगी। स्थानीय स्तर पर जीवनरक्षक सुविधाएं मिलने से “गोल्डन ऑवर” में उपचार सुनिश्चित हो पाएगा, जिससे मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।



