यीडा की 92वीं बोर्ड बैठक में क्षेत्र के विकास का मेगा प्लान : 500 एकड़ में मेडिकल हब, 300 एकड़ में ताइवान सिटी, आधुनिक मंडी, क्रिकेट स्टेडियम और मुआवजा वृद्धि तक बहुत कुछ

Panchayat 24 (यीड़ा) : यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की 92वीं बोर्ड बैठक में क्षेत्र के औद्योगिक, शैक्षिक, चिकित्सा और आधारभूत ढांचे को नई दिशा देने वाले कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में मेडिकल हब, यूनिवर्सिटी टाउनशिप, आधुनिक मंडी, अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, इंटरस्टेट बस अड्डे के साथ-साथ ताइवान आधारित उद्योगों के लिए ‘ताइवान सिटी’ और फार्मास्यूटिकल फॉर्मुलेशन मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित करने जैसे प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
बैठक में सामने आए वित्तीय आंकड़े भी प्राधिकरण की बढ़ती आर्थिक क्षमता को दर्शाते हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 31 जुलाई 2026 तक यीडा की कुल प्राप्तियां 1853.74 करोड़ रुपये रहीं, जो पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में हुई 974.37 करोड़ रुपये की प्राप्तियों के मुकाबले 90.25 प्रतिशत अधिक हैं। विशेष रूप से औद्योगिक और मिश्रित भू-उपयोग योजनाओं से 1195.99 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई, जो पूरे वर्ष के इस मद में निर्धारित बजट का 86.17 प्रतिशत है।
वहीं, 31 जुलाई 2026 तक प्राधिकरण का कुल व्यय 3690.64 करोड़ रुपये रहा। इसमें भूमि अधिग्रहण और विभिन्न बैंकों से लिए गए ऋण की अदायगी पर बड़ी राशि खर्च की गई। पिछले वर्ष की समान अवधि में इन मदों पर करीब 1385 करोड़ रुपये खर्च हुए थे, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में यह राशि बढ़कर करीब 3371 करोड़ रुपये हो गई।
500 एकड़ में मेडिकल हब, 480 एकड़ में यूनिवर्सिटी टाउनशिप, क्रिकेट स्टेडियम हुए आधुनिक मंडी भी
बोर्ड ने सेक्टर-13 और सेक्टर-14 में करीब 500 एकड़ भूमि पर मेडिकल हब विकसित करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा सेक्टर-14 में 480 एकड़ भूमि पर यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित की जाएगी। सेक्टर-34 में करीब 36 एकड़ भूमि पर आधुनिक मंडी तथा सेक्टर-23डी में करीब 50 एकड़ भूमि पर आधुनिक अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के लिए भूमि चिह्नित की गई है।
इन परियोजनाओं से क्षेत्र में उच्च शिक्षा के नए अवसर, खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच और किसानों के लिए आधुनिक मंडी सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है।
एयरपोर्ट के पास बनेगा अंतरराज्यीय बस अड्डा
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास बढ़ती यात्री और औद्योगिक गतिविधियों को देखते हुए सेक्टर-23सी में अंतरराज्यीय बस अड्डा विकसित करने के लिए भूमि चिह्नित करने का निर्णय लिया गया है। इससे एयरपोर्ट से जुड़े यात्रियों, उद्यमियों और आम लोगों के लिए सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मजबूत होगी।
300 एकड़ में ‘ताइवान सिटी’, इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को मिलेगा नया आधार
बोर्ड ने सेक्टर-6 में ताइवान आधारित उद्योगों के लिए ‘ताइवान सिटी’ विकसित करने के उद्देश्य से करीब 300 एकड़ भूमि आरक्षित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इलेक्ट्रॉनिक्स और तकनीकी विनिर्माण क्षेत्र में विदेशी निवेश को आकर्षित करने की दृष्टि से इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
125 एकड़ में फार्मा मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर
उत्तर प्रदेश की औद्योगिक प्रगति, निवेश संवर्धन और दवा निर्माण क्षमता बढ़ाने तथा विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सेक्टर-6 में करीब 100 से 125 एकड़ भूमि पर Pharmaceutical Formulation Manufacturing Cluster विकसित करने का निर्णय लिया गया है।
इस क्लस्टर में टैबलेट, कैप्सूल, इंजेक्टेबल, ओरल लिक्विड, टॉपिकल प्रिपरेशन और फिनिश्ड डोजेज फॉर्म बनाने वाली प्रतिष्ठित औषधि निर्माण इकाइयों को स्थापित करने की परिकल्पना है। इससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फार्मा कंपनियों के निवेश के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है और यीडा क्षेत्र को उत्तर प्रदेश के प्रमुख फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
देश में पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर की मेडिकल डिवाइस टेस्टिंग सुविधा की दिशा में कदम
यीडा के मेडिकल डिवाइस पार्क में FDA Accreditation Scheme for Conformity Assessment (ASCA) के अनुरूप मेडिकल डिवाइस टेस्टिंग फैसिलिटी स्थापित करने और परियोजना के तकनीकी, वित्तीय एवं संस्थागत पहलुओं के परीक्षण के लिए Technical Expert Committee गठित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
वर्तमान में भारतीय चिकित्सा उपकरण निर्माताओं को उत्पाद परीक्षण और अनुरूपता मूल्यांकन के लिए विदेशों में स्थित प्रयोगशालाओं पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसी अंतरराष्ट्रीय स्तर की परीक्षण सुविधा विकसित होने से भारतीय निर्माताओं और एमएसएमई को लागत तथा समय की बचत होगी। साथ ही निर्यात और निवेश को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
प्रस्तावित सुविधा में Electrical Safety, Electromagnetic Compatibility, Mechanical Performance, Software Validation, Sterilization और Packaging Validation जैसी परीक्षण सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
बारिश में जलभराव से मिलेगी राहत
आगरा जिले में यीडा क्षेत्र के अंतर्गत यमुना एक्सप्रेसवे की चेनज 161.21 पर सर्विस रोड पर करबन नदी के ऊपर कलवर्ट (माइनर ब्रिज) के निर्माण को भी बोर्ड ने मंजूरी दी। वर्तमान में बारिश के दौरान अत्यधिक जलभराव के कारण सर्विस रोड पर आवागमन प्रभावित होता है, जिससे स्थानीय नागरिकों को परेशानी होती है। कलवर्ट बनने के बाद बरसात के मौसम में भी यातायात सुचारु रखने और स्थानीय लोगों को सुरक्षित एवं निर्बाध आवागमन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
किसानों से सहमति के आधार पर बढ़ेंगी भूमि खरीद दरें
यीडा क्षेत्र में तेज औद्योगिक और बुनियादी ढांचा विकास को देखते हुए किसानों से सहमति के आधार पर भूमि खरीद दरों के पुनर्निर्धारण के प्रस्ताव को भी बोर्ड ने मंजूरी दी।
प्रस्ताव के अनुसार गौतमबुद्धनगर और बुलंदशहर के फेज-1 क्षेत्र में नियोजित विकास के लिए उपयोगी भूमि की वर्तमान आपसी सहमति दर 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर में छह प्रतिशत वृद्धि कर 4558 रुपये प्रति वर्ग मीटर करने का विकल्प रखा गया है। वहीं दूसरे विकल्प के तहत 4037 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर तथा सात प्रतिशत आबादी भूखंड सहित भूमि निर्धारित करने का निर्णय लिया गया है।
एक साथ कई क्षेत्रों में विकास की तैयारी
यीडा की 92वीं बोर्ड बैठक के फैसलों से स्पष्ट है कि प्राधिकरण अब केवल औद्योगिक भूखंडों के विकास तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि चिकित्सा, शिक्षा, खेल, परिवहन, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स और आधुनिक कृषि विपणन जैसी सुविधाओं को एकीकृत रूप से विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मेडिकल हब, यूनिवर्सिटी टाउनशिप, फार्मा क्लस्टर, ताइवान सिटी, मेडिकल डिवाइस टेस्टिंग सेंटर और अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम जैसी परियोजनाएं यदि निर्धारित समयसीमा में धरातल पर उतरती हैं, तो यीडा क्षेत्र की पहचान देश के प्रमुख औद्योगिक और बहुआयामी विकास केंद्र के रूप में और मजबूत हो सकती है।




