एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ने की तैयारी में जुटी कांग्रेस, हर बूथ पर तैनात करेगी वोट रक्षक

Panchayat 24 (दादरी विधानसभा) : चुनाव आयोग के खिलाफ एस आई आर (मतदाता सूची गहन पुनिरीक्षण) को लेकर लगातार हमलावर कांग्रेस आगामी एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित वोट बचाओ, देश बचाओ रैली की तैयारियों को लेकर बैठकों का दौर जारी है। पार्टी द्वारा देश भर में 210 समन्वयक बनाए हैं जो रैली को सफल बनाने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे।
पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ रागिनी नायक को गाजियाबाद महानगर और गाज़ियाबाद जिला सीट नोएडा महानगर और जिला गौतम बुद्ध नगर समन्वयक की जिम्मेवारी सौंपी गई है। बीते दो दिनों से वह गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर के दौरे पर हैं जहां पार्टी कार्यकर्ताओं संग बूथ स्तर पर वोट रक्षकों की नियुक्ति तथा मतदाता सूचियों से हटाए गए मतदाताओं के भौतिक सत्यापन, आंदोलन की मजबूती और रैली की सफलता के लिए चर्चा कर रही है। इस संबंध उन्होंने में सोमवार को दादरी एवं जेवर विधानसभा क्षेत्रों में अलग-अलग महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की।
डॉ रागिनी नायक ने बताया कि पार्टी आगामी एक नवंबर को होने वाली रैली में दस लाख से अधिक लोग दिल्ली पहुंचेंगे। इण्डिया गठबंधन के घटक दलों से भी कांग्रेस ने रैली में शामिल होने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस वोट चोरी पर चुनाव आयोग से जवाब मांग रही है, लेकिन प्रतिक्रिया भाजपा की ओर से आती है। उन्होंने भाजपा ओर चुनाव आयोग के बीच जुगलबंदी का आरोप लगाते हुए इसको लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। उन्हींने त्योहारों से पूर्व रामलीला मैदान में होने वाली रैली को लेकर व्यापारियों को होने वाले नुकसान की चर्चाओं पर कहा कि नोटबंदी और कोरोना कल के दौरान सरकार की गलत नीतियों के कारण व्यापारियों ने अधिक नुकसान उठाया है, रैली लोकतंत्र की रक्षा के लिए हैं।
समान मुद्दे पर आम आदमी पार्टी के साथ नहीं आने पर रागिनी ने कहा कहा की लोकसभा चुनाव के बाद से ही आम आदमी पार्टी और कांग्रेस का गठबंधन समाप्त हो चुका है । उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी से गठबंधन को उन्होंने निश्चित बताया। कांग्रेस कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी, इस सवाल पर केवल इतना कहा कि सही समय आने पर इसका भी पता चल जाएगा। पार्टी के जिलाध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला ने वोट चोरी की हकीकत को बया करते हुए कहा कि एसआईआर के दौरान उनकी दादी का वोट काट दिया गया था। बाद में निर्धारित प्रक्रिया के अनुपालनउनका नाम वापस मतदाता सूची में जुड़वाया गया।




