ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण

130 मीटर सड़क बनेगी जिले में यातायात की रीढ़, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जुड़ेंगे ग्रेनो, नोएडा व यीडा सिटी

130 मीटर रोड को डबल डेकर सड़क बनाकर जोड़ने की तैयारी, पहले चरण में ‘एक मूर्ति’ तक बनेगी डबल डेकर

Panchayat 24 (ग्रेटर नोएडा) : दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से ग्रेटर नोएडा, नोएडा और यीडा सिटी को सीधे जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 144वीं बोर्ड बैठक में 130 मीटर चौड़ी सड़क को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए डबल डेकर सड़क विकसित करने के प्रस्ताव पर सहमति बन गई है। परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए नोएडा और यमुना प्राधिकरण की सहमति भी ली जाएगी।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पहले चरण में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से ‘एक मूर्ति’ तक डबल डेकर सड़क बनाने का निर्णय लिया गया है। इस चरण की अनुमानित लागत 756.01 करोड़ रुपये है। दूसरे चरण में शेष हिस्से का निर्माण किया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तक पहुंच कहीं अधिक सुगम हो सकेगी।

दो विकल्पों में से चुना गया डबल डेकर मार्ग

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की जिम्मेदारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को दी थी। एनएचएआई के सर्वेक्षण में कनेक्टिविटी के लिए दो वैकल्पिक मार्ग सामने आए। इनमें एक विकल्प ‘एक मूर्ति’ से नाले तक डबल डेकर सड़क बनाने का था, जबकि दूसरे विकल्प में शाहबेरी से नाले के साथ लिंक रोड विकसित करने का प्रस्ताव था।

परियोजना के लिए गठित समिति ने यातायात और कनेक्टिविटी की आवश्यकताओं को देखते हुए पहले विकल्प को प्राथमिकता दी है। इसके तहत दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से ‘एक मूर्ति’ तक डबल डेकर सड़क का निर्माण किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में शेष कनेक्टिविटी को पूरा किया जाएगा।

चारों प्राधिकरण साझा करेंगे परियोजना का खर्च

इस परियोजना की लागत को लेकर भी महत्वपूर्ण व्यवस्था की गई है। सड़क निर्माण पर आने वाला खर्च यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण, नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण समान रूप से वहन करेंगे। इस व्यवस्था से चारों क्षेत्रों के बीच बेहतर परिवहन नेटवर्क विकसित करने में मदद मिलेगी।

ग्रेनो वेस्ट को मिलेगा सबसे बड़ा लाभ

130 मीटर चौड़ी सड़क पहले से ही ग्रेटर नोएडा के प्रमुख हिस्सों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क है। इसे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जोड़ने के बाद ग्रेटर नोएडा और विशेषकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों निवासियों को दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर आने-जाने के लिए बेहतर वैकल्पिक मार्ग मिल सकेगा।

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से सीधा जुड़ाव होने के कारण नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यीडा क्षेत्र और गाजियाबाद के बीच आवागमन का नेटवर्क भी मजबूत होगा। इससे केवल निजी वाहनों की आवाजाही ही आसान नहीं होगी, बल्कि औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए माल परिवहन को भी बेहतर मार्ग मिलने की उम्मीद है।

बढ़ते शहर के लिए भविष्य की कनेक्टिविटी

ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बढ़ते आवासीय विस्तार, औद्योगिक गतिविधियों तथा यीडा क्षेत्र में प्रस्तावित बड़े निवेश को देखते हुए मजबूत सड़क नेटवर्क की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। ऐसे में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को 130 मीटर रोड से जोड़ने की योजना को भविष्य की परिवहन जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बोर्ड की मंजूरी के बाद अब संबंधित प्राधिकरणों की सहमति, आवश्यक औपचारिकताओं और परियोजना के अगले चरणों पर काम आगे बढ़ेगा। यदि योजना निर्धारित गति से आगे बढ़ती है तो आने वाले वर्षों में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, ग्रेटर नोएडा, नोएडा और यीडा सिटी के बीच कनेक्टिविटी का एक नया कॉरिडोर तैयार हो सकता है।

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