ऑनलाइन बेटिंग एप के जरिए ठगी करने वाला गिरोह से हुआ नोएडा के स्कूलों को आए धमकी भरे ई-मेल मामले का खुलासा
A case of threatening emails sent to Noida schools stemming from a gang operating fraudulently using online betting apps has been uncovered.

Panchayat 24 (लखनऊ/नोएडा) : उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक संगठित साइबर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह ऑनलाइन बेटिंग एप के माध्यम से लोगों से ठगी करता था। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि नोएडा के स्कूलों को भेजे गए धमकी भरे ई-मेल मामले में प्रयुक्त रिकवरी ई-मेल से जुड़ा मोबाइल फोन भी आरोपियों के पास से बरामद हुआ है।
एसटीएफ के अनुसार, 23 जनवरी को गौतमबुद्धनगर के विभिन्न स्कूलों को धमकी भरे ई-मेल प्राप्त हुए थे। इस संबंध में साइबर अपराध थाना में मामला दर्ज कर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान ई-मेल से जुड़े डिजिटल ट्रेल का विश्लेषण किया गया, जिससे एक मोबाइल डिवाइस की पहचान हुई। आगे की कार्रवाई में संदिग्धों का लोकेशन ट्रैक कर उन्हें नोएडा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। इस गिरोह के निशाने पर भारतीयों के अतिरिक्त संयुक्त राज्य और नेपाल के नागरिक होते थे।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी कथित तौर पर कॉल सेंटर के माध्यम से लोगों को ऑनलाइन बेटिंग एप डाउनलोड कर निवेश के लिए प्रेरित करते थे। शुरुआत में कुछ लाभ दिखाकर विश्वास जीतते और बाद में बड़ी रकम जमा करवाकर संपर्क तोड़ देते थे। गिरोह द्वारा फर्जी दस्तावेज, अलग-अलग सिम कार्ड और कई बैंक खातों का उपयोग किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। आरोपियों की पहचान अमित जंग कार्की (मूल निवासी नेपाल, वर्तमान गाजियाबाद), अनंत कुमार (आगरा), दिव्यांशु व साहिल कुमार (मूल निवासी गोपालगंज, वर्तमान गाजियाबाद), लेखनाथ शर्मा और केदारनाथ (दोनों मूल निवासी नेपाल, वर्तमान इंदिरापुरम, गाजियाबाद) के रूप में हुई हैं। पुलिस के अनुसार गिरोह कॉल सेंटर मॉडल पर काम करता था और तकनीकी रूप से दक्ष सदस्यों की मदद से अवैध ऑनलाइन बेटिंग एप संचालित करता था।
गिरफ्तार व्यक्तियों के कब्जे से चार लैपटॉप, 22 मोबाइल फोन, कई डेबिट/क्रेडिट कार्ड, पासपोर्ट, पहचान पत्र, चेकबुक तथा नकदी बरामद की गई है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि अन्य संभावित कनेक्शन और लेन-देन का पता लगाया जा सके। आरोपियों के मोबाइल इन लैपटॉप में अमेरिकी नाम से मिली जुली मेल आईडी लॉगिन पाई गई है इन ईमेल आईडी से आरोपी लोगों से संपर्क कर बैटिंग अपने पैसा लगवाते थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला होने की आशंका है। आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि धमकी भरे ई-मेल प्रकरण में उनकी भूमिका किस स्तर तक रही है।
एसटीएफ ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान ऑनलाइन निवेश या बेटिंग एप के झांसे में न आएं और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को दें।



