गौतम बुद्ध नगर के दोहरे हत्याकांड में पांच सगे भाइयों सहित नौ दोषियों को उम्रकैद, आर्थिक जुर्माना भी लगाया, जानिए किस गांव का है मामला?

Panchayat 24 (गौतम बुद्ध नगर न्यायलय) : सेंट्रल नोएडा में जमीन विवाद को लेकर हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड में जिला न्यायालय ने पांच वर्ष बाद महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए नौ दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश सोमप्रभा मिश्रा की अदालत ने पांच सगे भाइयों सहित सभी दोषियों को हत्या, हत्या के प्रयास, दंगा, घातक हथियार से दंगा, गाली-गलौज तथा क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 86-86 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में एक-एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
दोषी ठहराए गए आरोपियों में सगे भाई देवेन्द्र, रविन्द्र, सतेन्द्र, धर्मेन्द्र और जितेन्द्र के अलावा सगे भाई भोपाल और महिपाल उर्फ अल्लू, तथा अमरजीत बंसल और अमित बंसल शामिल हैं। निर्णय के बाद पीड़ित पक्ष ने प्रभावी पैरवी के चलते पांच वर्षों में न्याय मिलने पर संतोष व्यक्त किया।
जमीन विवाद से शुरू हुआ था खूनी संघर्ष
अभियोजन के अनुसार बादलपुर कोतवाली क्षेत्र में 8 फरवरी 2021 को गिरधरपुर सुनारसी गांव में एक विवादित भूमि के कब्जे को लेकर पंचायत बुलाई गई थी। आरोप है कि पंचायत स्थल पर पहुंचते ही एक पक्ष ने गाली-गलौज शुरू कर दी और जान से मारने की नीयत से लाइसेंसी एवं अन्य हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग कर दी।
फायरिंग में सुरेश उर्फ सलेक, अमित पुत्र गजेन्द्र और प्रेम पुत्र खजान गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां यशोदा अस्पताल में अमित को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि सुरेश उर्फ सलेक की उपचार के दौरान कोलंबिया एशिया अस्पताल में मृत्यु हो गई। तीसरे घायल प्रेम सिंह का लंबे समय तक उपचार चला। दोहरी हत्या के बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई थी और क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा था।
तहरीर के बाद दर्ज हुआ मुकदमा
घटना के अगले दिन वादी सुनील पुत्र राजेन्द्र ने थाना बादलपुर में तहरीर देकर देवेन्द्र, रविन्द्र, सतेन्द्र, धर्मेन्द्र, जितेन्द्र, भोपाल, अमित बंसल समेत अन्य लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने हत्या, हत्या के प्रयास, दंगा, गाली-गलौज और क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।
जांच के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक एवं दस्तावेजी साक्ष्य संकलित कर आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने अमित बंसल को भी मुकदमे में तलब कर आरोपी बनाया।
प्रत्यक्षदर्शी और चिकित्सकीय साक्ष्य बने फैसले का आधार
सत्र परीक्षण के दौरान अभियोजन ने प्रत्यक्षदर्शी गवाहों, चिकित्सकीय साक्ष्यों तथा अन्य दस्तावेजी प्रमाणों के आधार पर आरोप सिद्ध किए। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद सभी नौ आरोपियों को दोषी करार दिया और सजा के बिंदु पर विस्तृत सुनवाई के उपरांत आजीवन कारावास का दंड निर्धारित किया।
नरमी की मांग अदालत ने की अस्वीकार
सजा निर्धारण के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत से नरमी बरतने की अपील की। उनका तर्क था कि पांच आरोपी सगे भाई हैं, परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर है तथा उनके पिता का निधन हो चुका है। महिपाल अविवाहित है, जबकि भोपाल के दो छोटे बच्चे हैं। अमरजीत बंसल और अमित बंसल की ओर से भी पारिवारिक जिम्मेदारियों और छोटे बच्चों का हवाला दिया गया। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि किसी आरोपी का पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं है और मामला ‘विरल से विरलतम’ श्रेणी का नहीं है, इसलिए न्यूनतम सजा दी जाए।
अदालत बोली—अपराध की गंभीरता सर्वोपरि
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (अपराध) धर्मेंद्र जयंत के अनुसार न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि दंड निर्धारण के समय अपराध की प्रकृति, उसकी गंभीरता तथा समाज पर पड़ने वाले प्रभाव को सर्वोपरि रखा जाना चाहिए। अदालत ने उच्चतम न्यायालय के एक निर्णय का उल्लेख करते हुए कहा कि न्याय की वास्तविक पूर्ति तभी संभव है जब अपराध के अनुरूप उपयुक्त दंड दिया जाए।
न्यायालय ने माना कि सामूहिक रूप से की गई फायरिंग में दो लोगों की मृत्यु तथा एक व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने जैसी घटना अत्यंत गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है। इसी आधार पर सभी दोषियों को मामले की सुनवाई के बाद दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड से दंडित किया गया।
मुख्य गवाह की भी हुई थी हत्या
इस दोहरे हत्याकांड के प्रत्यक्षदर्शी और घायल प्रेम सिंह उपचार के बाद स्वस्थ हो गए थे और मुकदमे के सबसे महत्वपूर्ण गवाह बने। पुलिस ने उन्हें प्रारंभिक चार महीनों तक सुरक्षा उपलब्ध कराई, लेकिन बाद में सुरक्षा वापस ले ली गई। इसके बाद 16 दिसंबर 2021 को खेत से घर लौटते समय बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी। गंभीर अवस्था में अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना में भी देवेंद्र, रविंद्र सहित अन्य आरोपियों के विरुद्ध अलग मुकदमा दर्ज कराया गया था।





