तिलपता को जाम से मिलेगी राहत, 4 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड की तैयारी शुरू

Panchayat 24 (ग्रेटर नोएडा) : तिलपता रोटरी और कंटेनर डिपो के बीच रोजाना लगने वाले भीषण जाम से जल्द राहत मिलने की उम्मीद जगी है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस व्यस्त मार्ग पर लगभग चार किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड के निर्माण की दिशा में औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश सेतु निगम को सौंपी गई है, जिसके लिए 35 लाख रुपये की धनराशि भी स्वीकृत कर दी गई है।
यह मार्ग लंबे समय से औद्योगिक क्षेत्र और दादरी की ओर जाने वाले भारी वाहनों के कारण अत्यधिक दबाव झेल रहा है। ट्रैफिक व्यवस्था को स्थायी रूप से बेहतर बनाने के उद्देश्य से पहले अंडरपास और फ्लाईओवर जैसे विकल्पों का तकनीकी परीक्षण किया गया। विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श के बाद एलिवेटेड रोड को सबसे उपयुक्त विकल्प मानते हुए उसे सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई।
प्रस्तावित योजना के अनुसार एलिवेटेड रोड की शुरुआत तिलपता रोटरी के निकट स्थित पुलिस चौकी के पास से होगी। इसके बाद यह कंटेनर डिपो क्षेत्र को पार करते हुए दादरी रेलवे ओवरब्रिज के आगे रूपबास बाइपास से पहले धरातल पर उतरेगा। इस कॉरिडोर के विकसित होने से दादरी, जीटी रोड और गाजियाबाद की दिशा में यातायात अधिक तेज, सुरक्षित और व्यवस्थित होने की संभावना है।
प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक (परियोजना) प्रभात शंकर के अनुसार डीपीआर तैयार करने से पहले विस्तृत सर्वेक्षण कराया जाएगा। इसी सर्वे के आधार पर एलिवेटेड रोड की अंतिम रूपरेखा, इंजीनियरिंग डिजाइन और परियोजना की लागत निर्धारित की जाएगी। प्रस्ताव यह भी है कि भारी मालवाहक वाहनों को एलिवेटेड रोड से संचालित किया जाए, जबकि मौजूदा सड़क स्थानीय वाहनों के लिए सर्विस लेन के रूप में कार्य करेगी।
तिलपता गोलचक्कर और कंटेनर डिपो के आसपास प्रतिदिन लगने वाले लंबे जाम से न केवल आम यात्रियों को परेशानी होती है, बल्कि औद्योगिक गतिविधियां और माल परिवहन भी प्रभावित होता है। ऐसे में यह परियोजना क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को नई दिशा देने के साथ-साथ औद्योगिक विकास को भी गति प्रदान कर सकती है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रवि कुमार एनजी ने कहा कि तिलपता गोलचक्कर और कंटेनर डिपो क्षेत्र में लगातार बनने वाली जाम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए एलिवेटेड रोड के निर्माण का निर्णय लिया गया है। उनका कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद इस पूरे मार्ग पर यातायात पहले की तुलना में कहीं अधिक सुचारु और सुविधाजनक हो जाएगा।





