नोएडा में भीषण अग्निकांड: ई-स्कूटी की बैटरी में हुए धमाके से लगी आग, महिला समेत दो की मौत, 50 परिवारों को सुरक्षित निकाला

Panchayat 24 (नोएडा) : नोएडा के फेस-3 थाना क्षेत्र स्थित सेक्टर – 66 में बुधवार को एक बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह चार्जिंग पर लगी एक इलेक्ट्रिक स्कूटी में हुए धमाके को बताया जा रहा है। दर्दनाक हादसे में एक महिला सहित दो लोगों की मौत हो गई। जबकि 50 परिवारों को सुरक्षित बाहर निकल लिया गया। वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर मकाल मालिक और लीजिये धारक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, सेक्टर – 66 के ममूरा गांव की गली नंबर-2 स्थित पांच मंजिला इमारत में चार्जिंग पर लगी इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी में हुए धमाके के बाद आग भड़की। इसके बाद पास में खड़े पेट्रोल वाहनों ने पकड़ ली। इमारत में कुल 26 फ्लेटों में 48 कमरे थे। सभी कमरे किराए के उद्देश्य से बनाए गए थे।
आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास खड़े कई पेट्रोल चालित वाहन भी इसकी चपेट में आ गए। इस दर्दनाक हादसे में एक महिला और एक पुरुष की दम घुटने से हालत गंभीर हो गई। उपचार के लिए करीब के अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत्यु घोषित कर दिया। दमकल विभाग की टीम ने राहत एवं बचाव अभियान चलाकर भवन में मौजूद करीब 50 परिवारों के लगभग सौ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि गांव की संकरी गालियों के कारण दमकल विभाग की टीम को राहत एवं विचार कार्य शुरू करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा जिस कार्य में कुछ देर भी हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगते ही पूरे भवन में धुआं फैल गया, जिससे लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। कई परिवार जान बचाने के लिए इमारत से बाहर निकलने का प्रयास करने लगे। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग और स्थानीय पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और पूरे मामले की गहन जांच सुनिश्चित करने के साथ-साथ प्रशासन को सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश भी दिए। इस घटना ने एक बार फिर गौतम बुद्ध नगर के गांवों की इमारतों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खडे कर दिए हैं।





