अन्य जिले

गंगा एक्‍सप्रेसवे का प्रधानमंत्री ने किया लोकार्पण : पूरब से पश्चिम की दूरी हुई कम, उत्‍तर प्रदेश के विकास को मिलेगी नई गति

Prime Minister Inaugurates Ganga Expressway: East-to-West Distance Reduced; Development in Uttar Pradesh to Gain New Momentum

Panchayat 24 (हरदोई) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश के सबसे बड़े 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का बटन दबाकर लोकार्पण किया। इसकी आधारशिला दिसंबर 2021 में प्रधानमंत्री द्वारा रखी गई थी। यह एक्सप्रेस – वे आधुनिक इंफ़्रा का नायब नमूना है। मेरठ से प्रयागराज तक 12 जनपदों से होकर गुजरता है। एक्सप्रेसवे के साथ-साथ 27 स्थानों पर इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल क्लस्टर और लॉजिस्टिक हब विकसित किए जा रहे हैं, जो न केवल आवागमन को तेज करेंगे बल्कि नए निवेश और रोजगार के द्वार भी खोलेंगे।

मुख्यमंत्री योगीदित्यनाथ ने कहा कि साल 2017 से पहले प्रदेश परिवारवाद, जातिवाद, दंगों, अराजकता, कर्फ्यू और माफिया राज के माहौल से जकड़ा हुआ था, जहां विकास, रोजगार और निवेश की कल्पना भी मुश्किल थी। लेकिन पिछले 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे, हाईवे, जिला मार्गों और ग्रामीण सड़कों का लगभग चार लाख किलोमीटर का विशाल नेटवर्क विकसित हुआ है। इसके साथ ही इंटरस्टेट कनेक्टिविटी को मजबूत करते हुए हर जिला मुख्यालय को चार लेन और प्रत्येक ब्लॉक व तहसील मुख्यालय को चार लेन व दो लेन सड़कों से जोड़ने का कार्य भी सफलतापूर्वक किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की पहली रैपिड रेल का दिल्ली-मेरठ के बीच उद्घाटन कर प्रधानमंत्री ने दूरियों को सिमटाने का ऐतिहासिक कार्य किया है। उत्तर प्रदेश की अपार संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए किए गए प्रयास आज जमीन पर एक्सप्रेसवे, रैपिड रेल, इनलैंड वॉटरवेज, मेट्रो और रेलवे के डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के रूप में स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। प्रदेश में विकसित हो रहे एक्सप्रेसवे केवल दूरी कम करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके साथ डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर जैसे बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट भी जुड़े हैं। यही कारण है कि ये एक्सप्रेसवे अन्नदाता किसानों की उन्नति, युवाओं के रोजगार, आस्था और संस्कृति के संरक्षण तथा प्रदेश की समग्र समृद्धि के सशक्त माध्यम बनकर उभर रहे हैं।

योगीदित्यनाथ ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे के साथ 27 स्थानों पर इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल क्लस्टर और लॉजिस्टिक हब विकसित किए जा रहे हैं, जो प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए द्वार खोलेंगे। 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए लगभग 18,000 एकड़ भूमि किसानों से प्राप्त की गई है, जबकि इसके किनारे विकसित होने वाले इंडस्ट्रियल क्लस्टर और लॉजिस्टिक हब के लिए करीब 7,000 एकड़ अतिरिक्त भूमि ली गई है।

गंगा एक्सप्रेसवे 594 किमी लंबा ग्रीनफील्ड, एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे है, जो मेरठ से प्रयागराज तक 12 जिलों को एक सशक्त आर्थिक धुरी में पिरोता है। 6 लेन (भविष्य में 8 लेन तक विस्तार योग्य) वाला यह मेगा प्रोजेक्ट लगभग 36-37 हजार करोड़ रुपये की लागत से पीपीपी मॉडल पर विकसित किया गया है। यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की विकसित औद्योगिक बेल्ट को पूर्वांचल के कृषि और श्रम-आधारित क्षेत्रों से सीधे जोड़ते हुए उत्पादन, आपूर्ति और बाजार के बीच दूरी को कम करता है।

गंगा एक्सप्रेसवे के संचालन में आने के साथ मेरठ से प्रयागराज की यात्रा अब महज 6-7 घंटे में पूरी हो सकेगी, जबकि पहले यही दूरी तय करने में 10-12 घंटे लगते थे। यह समय की बचत सीधे तौर पर लॉजिस्टिक्स लागत में कमी का आधार बनेगी।

यह 12 जिलों में ‘इकोनॉमिक रेवोल्यूशन’ है। गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे 12 जिलों को जोड़ते हुए एक व्यापक आर्थिक परिवर्तन की नींव रखता है। इन जिलों की भौगोलिक और आर्थिक विशेषताओं के अनुरूप विकास की नई संभावनाएं उभर रही हैं। मेरठ-हापुड़ में मैन्युफैक्चरिंग और स्पोर्ट्स गुड्स, बुलंदशहर-अमरोहा में फूड प्रोसेसिंग और डेयरी, शाहजहांपुर-हरदोई में एग्री-बेस्ड इंडस्ट्री, उन्नाव-रायबरेली में टेक्सटाइल और एमएसएमई, जबकि प्रयागराज लॉजिस्टिक्स और टूरिज्म हब के रूप में विकसित हो सकता है।

गंगा एक्सप्रेसवे में 2 मुख्य टोल प्लाजा और 19 रैंप टोल के साथ सुगम प्रवेश-निकास व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जबकि 9 आधुनिक जन-सुविधा परिसरों में फूड कोर्ट, फ्यूल स्टेशन और रेस्ट एरिया जैसी सुविधाएं यात्रियों और लॉजिस्टिक्स ऑपरेशंस को सपोर्ट करेंगी। इसके अलावा, 960 मीटर लंबा गंगा ब्रिज और 720 मीटर का रामगंगा ब्रिज जैसी इंजीनियरिंग संरचनाएं इसकी क्षमता को और मजबूत बनाती हैं। 120 मीटर का राइट ऑफ वे भविष्य में विस्तार और अतिरिक्त इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराता है। समग्र रूप से यह एक्सप्रेसवे एक ऐसी सुविचारित संरचना है, जिसे लॉन्ग-टर्म इंडस्ट्रियल ग्रोथ, तेज ट्रांसपोर्ट नेटवर्क और सतत आर्थिक विकास को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।

Related Articles

Back to top button