गौतम बुद्ध नगर लोकसभा सीट : समाजवादी पार्टी में फिर होने जा रहा है खेला ? एक बार फिर बदल गया टिकट ?
Gautam Buddha Nagar Lok Sabha seat: Is it going to be played again in Samajwadi Party? Ticket changed once again?

Panchayat 24 : लोकसभा चुनाव 2024 में सभी की निगाहें उत्तर प्रदेश पर टिकी हुई हैं। वहीं, इस समय उत्तर प्रदेश में दिल्ली एनसीआर की सबसे हॉट लोकसभा सीट माने जाने वाली गौतम बुद्ध नगर चर्चा का केन्द्र बनी हुई है। यहां समाजवादी पार्टी खेमे में पल पल नए घटनाक्रम घट रहे हैं। हाल ही में पार्टी नेतृत्व द्वारा अपने घोषित उम्मीदवार डॉ महेन्द्र सिंह नागर का टिकट बदलकर राहुल अवाना को उम्मीदवार बनाया था। इसके बाद जिले की राजनीति में भूचाल मच गया था। समाजवादी पार्टी के नेता एवं कार्यकर्ता इस पर दो धड़ों में बंट गए। अभी टिकट बदलने के बाद गौतम बुद्ध नगर लोकसभा सीट पर समाजवादी पार्टी में घमासान थमा भी नहीं था कि खबर आ रही है कि पार्टी नेतृत्व एक बार फिर से टिकट बदलने जा रहा है। सूत्रों की माने तो होली के बाद पार्टी नेतृत्व इस लोकसभा सीट पर अपने नए प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर सकता है।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल गौतम बुद्ध नगर लोकसभा सीट पर समाजवादी पार्टी ने 16 मार्च को डॉ महेन्द्र नागर को पार्टी प्रत्याशी बनाया था। प्रत्याशी के नाम की घोषणा के बाद से ही लोकसभा सीट पर पार्टी प्रत्याशी के नाम को लेकर एक गुट विरोध करने लगा था। इस गुट के कार्यकर्ता राहुल अवाना को पार्टी प्रत्याशी बनाए जाने की मांग कर रहे थे। राहुल अवाना अपने समर्थकों के साथ लखनऊ में डेरा डालकर बैठ गए। उनके प्रयास रंग लाए। डॉ महेन्द्र नागर ने अपना चुनाव प्रचार एवं जनसंपर्क शुरू ही किया था कि तभी पार्टी ने उनके स्थान पर 20 मार्च को राहुल अवाना को पार्टी प्रत्याशी घोषित कर दिया। पार्टी नेतृत्व के इस अप्रत्याशित निर्णय से पार्टी संगठन की खूब किरकिरी हुई। पार्टी कार्यकर्ताओं का मानना है कि पार्टी टिकट बदले जाने से पार्टी की लोगों के बीच छवि पर बुरा असर पड़ा है। वहीं, पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता इस निर्णय पर आश्चर्यचकित थे। इस मुद्दे पर उनके मुंह से चाहकर भी कुछ नहीं निकल रहा था। जिलाध्यक्ष सुधीर भाटी तथा अन्य पदाधिकारी सहित पार्टी के पुराने नेता इतना कह रहे थे कि पार्टी नेतृत्व का फैसला है। जिस उम्मीदवार के नाम की पार्टी ने घोषणा की है। उसको चुनाव लड़ाया जाएगा। दबी जुबान में यह भी कह रहे थे कि इसका पार्टी कार्यकर्ताओं के मनोबल पर बुरा असर पड़ेगा। वहीं, पार्टी के लोगों ने त्याग पत्र देना भी शुरू कर दिया था। पार्टी कार्यकर्ता फैसले पर सवाल उठा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर फिर सक्रिय हुए डॉ महेन्द्र नागर
गौतम बुद्ध नगर लोकसभा सीट पर समाजवादी पार्टी उठापठक के दौर से गुजर रही है। इस बीच राहुल अवाना ने चुनाव प्रचार शुरू एवं जनसंपर्क शुरू कर दिया है। इस बीच अभी तक सोशल मीडिया पर शांत दिख रहे पार्टी के पहले प्रत्याशयी डॉ महेन्द्र नागर फिर सक्रिय हो गए है। बीते 20 मार्च के बाद उन्होंने शुक्रवार को लगभग 5 बजे एक पोस्टर अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट किया है। उन्होंने पोस्ट में लिखा है कि समाजवादी विचार, देश का विकास : चलो चलें, साइकिल के साथ।
इस पोस्ट में उनके गले में माला पड़ी हुई हैं। वह हाथ जोड़कर खड़े हैं। पोस्टर पर लिखा है विजय से विकास की ओर। वहीं, उन्होंने अपने एक्स अकाउंट का डीपी भी बदल दिया है। नई डीपी में मुलायम सिंह यादव सहित अखिलेश यादव, डिंपल यादव और समाजवादी पार्टी का झंडा दिख रहा है। एक कौने पर डॉ महेन्द्र नागर और अखिलेश यादव दिख रहे हैं। वहीं, डीपी के फ्रंड पर अखिलेश यादव के साथ डॉ महेन्द्र नागर का फोटो लगा है। उस पर लिखा है मिशन 2024 और विजय से विकास की ओर। इससे इस बात की संभावनाएं पैदा हो रही हैं कि डॉ महेन्द्र नागर काफी उत्साहित हैं। हालांकि अपनी इस पोस्ट में उन्होंने कहीं पर भी खुद को पार्टी प्रत्याशी नहीं बताया है।
अखिलेश यादव से हुई मुलाकात से फिर बदल गया टिकट का दावेदार ?
सूत्रों की माने तो बीते वीरवार शाम को गौतम बुद्ध नगर जिले से समाजवादी पार्टी एक प्रतिनिधिमण्डल लखनऊ के लिए रवाना हुआ था। इनमें पार्टी के पूर्व प्रत्याशी डॉ महेन्द्र सिंह नागर, पार्टी प्रवक्ता राजकुमार भाटी, वीरसिंह यादव, जिलाध्यक्ष सुधीर भाटी तथा अन्य लोगों का नाम शामिल बताया जा रहा है। पता चला है कि शुक्रवार शाम 3 बजे इस प्रतिनिधिमण्डल की समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात हुई है। पूरे घटनाक्रम की जानकारी अखिलेश यादव को दी गई। उन्हें लोकसभा सीट की जमीनी हकीकत से परिचित कराया गया। फैसला लिया गया कि पार्टी के इस निर्णय का निकट लोकसभा चुनाव में और आगामी भविष्य में गौतम बुद्ध नगर के साथ कैसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति पर नकारात्मक असर पड़ेगा। इस निर्णय से कैसे पीडीए का पिछड़ा वर्ग गुटबाजी का शिकार हो रहा है? सूत्रों की माने तो प्रतिनिधिमण्डल से बातचीत के बाद अखिलेश यादव ने एक बार फिर गौतम बुद्ध नगर लोकसभा सीट से डॉ महेन्द्र नागर को पार्टी उम्मीदवार बनाए जाने का निर्णय लिया है। संभवत: होली के बाद उनके नाम की घोषणा पार्टी नेतृत्व कर सकता है। सूत्रों का कहना है झूठी सूचनाएं देकर पार्टी नेतृत्व को भ्रमित किया गया था।
अनुभव और उत्साह के बीच प्रतिष्ठा का सवाल बना समाजवादी पार्टी का टिकट ?
गौतम बुद्ध नगर समाजवादी पार्टी में जो कोहराम मचा हुआ है उसने पार्टी को दो धड़ों में बांट दिया है। एक धड़े में पार्टी के वरिष्ठ एवं अनुभवी कार्यकर्ता शामिल हैं। वहीं, दूसरे धड़े में युवा एवं उत्साहित चेहरे हैं। जानकारों की माने तो पार्टी के अन्दर युवा कार्यकर्ता पुराने एवं अनुभवी कार्यकर्ताओं के हाथों से पार्टी की बागड़ोर लेना चाहते हैं। इनका कहना है कि पार्टी लगातार चंद लोगों को बार बार मौका दे रही है। इसके बावजूद परिणाम शुन्य है। जिले में लगातार पार्टी रसातल में जा रही है। चंद लोग जिले में पार्टी पर कब्जा करके बैठे हैं। राजनीतिक जानकार गौतम बुद्ध नगर लोकसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के अंदर मचे घमायान को पार्टी के युवा कार्यकर्ताओं का वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के खिलाफ विद्रोह मान रहे हैं। राहुल अवाना का पार्टी के पुराने एवं अनुभवी कार्यकर्ताओं को पीछे छोड़कर डॉ महेन्द्र नागर के टिकट का ना केवल विरोध करना बल्कि टिकट बदलवाकर खुद को पार्टी प्रत्याशी घोषित कराना इसी ओर इशारा कर रहा है। ऐसे में यदि पार्टी एक बार फिर राहुल अवाना का टिकट काटकर डॉ महेन्द्र नागर को गौतम बुद्ध नगर से पार्टी प्रत्याशी घोषित करती है तो यह देखना दिलचस्प होगा कि दूसरा खेमा किस प्रकार से प्रतिक्रिया देता है ?