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ग्रेटर नोएडा में आधुनिक एमआरआई तकनीक की नई दस्तक, कैलाश हॉस्पिटल में शुरू हुई अल्ट्रा-फास्ट एम्बिशन एक्स, आसान और सरल होगी असाध्य रोगों की जाँच

Panchayat 24 (ग्रेटर नोएडा) : एमआरआई जांच के दौरान बंद सुरंग जैसी जगह में लेटे रहने की घबराहट, लंबे समय तक स्थिर रहने की परेशानी और जाँच की जटिल प्रक्रिया क्या होती है, इसका अनुभव केवल वही इंसान कर सकता है जो इस प्रक्रिया से गुजरा हो। लोगों को इस प्रकार की असुविधाओं और परेशानियों से निजात दिलाने के लिए
ग्रेटर नोएडा स्थित कैलाश अस्पताल आधुनिक डायग्नोस्टिक तकनीक की नई सुविधा शहर में लेकर आया है। अस्पताल में नीदरलैंड की कंपनी फिलिप्स की अल्ट्रा-फास्ट वाइड-बोर एमआरआई—इंजेनिया एम्बिशन एक्स स्थापित की गई है। यह तकनीक तेज स्कैनिंग, विस्तृत इमेजिंग और मरीजों के अपेक्षाकृत अधिक आरामदायक अनुभव प्रदान करती है। कैलाश अस्पताल समूह के एमडी डॉ महेश शर्मा के अनुसार, इस अत्याधुनिक एमआरआई प्रणाली की ग्रेटर नोएडा में शुरुआत पहली बार हो रही है।

डॉ शर्मा के अनुसार, पारंपरिक एमआरआई जांच में मशीन की संकरी सुरंग कई मरीजों के लिए असहजता, बेचैनी और क्लॉस्ट्रोफोबिया अर्थात बंद जगह से कई बार लोगों को घबराहट महसूस होती है। विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से घबराहट महसूस करने वाले मरीजों के लिए यह अनुभव चुनौतीपूर्ण होता है। नई तकनीकी इस समस्या को नियंत्रित करती है। डॉ महेश शर्मा ने कहा कि उन्हें यह बताते हुए अति प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है कि मरीजों को यह सारी सुविधाएं पुरानी दरों पर ही उपलब्ध होंगी।

उन्होंने बताया कि इस मशीन का 70 सेंटीमीटर व्यास वाला वाइड-बोर मरीज को अपेक्षाकृत अधिक खुला वातावरण प्रदान करता है। इसका चौड़ा डिजाइन जांच के दौरान आसपास अधिक जगह का एहसास कराता है, जिससे पारंपरिक संकरे बोर की तुलना में मरीज अधिक सहज महसूस कर सकते हैं।इसकी उन्नत इमेजिंग व्यवस्थाएं निर्धारित परिस्थितियों में स्कैनिंग को तीन गुना तक तेज कर सकती हैं। तेज स्कैनिंग से मशीन के भीतर बिताया जाने वाला समय कम करने और जांच प्रक्रिया को अधिक कुशल बनाने में सहायता मिलती है।

नई एमआरआई मशीन के माध्यम से मस्तिष्क एवं तंत्रिका तंत्र, रीढ़, मांसपेशियों और जोड़ों, कैंसर एवं ट्यूमर, स्तन, हृदय तथा भ्रूण संबंधी कई विशेष जांचों में सहायता मिलेगी। इनमें ब्रेन एमआरआई, एंजियोग्राफी, स्ट्रोक का मूल्यांकन, ब्रेन परफ्यूजन, एन्यूरिज्म की जांच, कार्डियक एमआरआई, ब्रेस्ट डायनेमिक कॉन्ट्रास्ट एमआरआई, फीटल एमआरआई, ट्रैक्टोग्राफी और मल्टीपैरामीट्रिक अध्ययन जैसी जांचें शामिल हैं।

इनसे प्राप्त इमेजिंग चिकित्सकों को बीमारी की प्रकृति, स्थान और विस्तार का आकलन करने में मददगार साबित होगी। यह सुविधा न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, ऑन्कोलॉजी, कार्डियोलॉजी, स्त्री रोग तथा इमरजेंसी और ट्रॉमा सेवाओं सहित अनेक विभागों के लिए उपयोगी है। कैलाश हेल्थकेयर की ग्रुप डायरेक्टर—रेडियोलॉजी डॉ. कंचन वर्मा के अनुसार, इस सुविधा का उद्देश्य आधुनिक डायग्नोस्टिक तकनीक को मरीजों के और करीब लाना है। तेज स्कैनिंग, उन्नत इमेजिंग और मरीज-अनुकूल डिजाइन से जांच की गुणवत्ता तथा मरीजों के अनुभव को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।

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