YEIDA की 91वीं बोर्ड बैठक: औद्योगिक विकास को नई रफ्तार, इंडस्ट्रियल नोड से मेडिकल रिसर्च तक कई बड़े फैसलों पर मुहर

Panchayat 24 (ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की 91वीं बोर्ड बैठक में औद्योगिक निवेश, आधारभूत संरचना, परिवहन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और चिकित्सा अनुसंधान से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी देकर क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में निर्णायक कदम उठाए गए। बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव एवं प्राधिकरण अध्यक्ष आलोक कुमार ने की, जबकि मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. राकेश कुमार सिंह ने विभिन्न एजेंडों का प्रस्तुतीकरण किया।
बैठक में प्रस्तुत वित्तीय विवरणों के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में प्राधिकरण की आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। भूमि आवंटन और औद्योगिक योजनाओं से प्राप्त राजस्व ने विकास परियोजनाओं को नई गति दी है। इसी क्रम में भूमि अधिग्रहण पर बड़े पैमाने पर निवेश को भी स्वीकृति मिली, जिससे भविष्य की विकास योजनाओं को मजबूत आधार मिलेगा।
बोर्ड ने प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुरूप हाई-राइज इमारतों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपात सेवा को 50 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने के निर्णय को भी अनुमोदित किया। यह कदम तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को और मजबूत करेगा।
बैठक के दौरान एमएसएमई पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क, टॉय पार्क, अपैरल पार्क और मेडिकल डिवाइस पार्क की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि बीते एक माह में दर्जनों औद्योगिक इकाइयों को लीज डीड, कब्जा, नक्शा स्वीकृति और निर्माण प्रारंभ जैसी प्रक्रियाओं से जोड़ते हुए निवेश को धरातल पर उतारने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। कई इकाइयों का फैक्ट्री अधिनियम के तहत पंजीकरण भी कराया गया।
सार्वजनिक परिवहन को सशक्त बनाने के उद्देश्य से यीडा क्षेत्र में इलेक्ट्रिक एवं हाइड्रोजन बसों के संचालन की वर्तमान स्थिति का भी आकलन किया गया। बोर्ड ने निर्देश दिए कि आम नागरिकों को बेहतर और सुलभ परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम तेजी से उठाए जाएं।
पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से ग्राम धनौरी वेटलैंड के निकट वैज्ञानिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए संबंधित एजेंसी को किराये पर भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया।
बैठक में नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के दक्षिणी क्षेत्र को भविष्य के इंडस्ट्रियल नोड के रूप में विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना को भी मंजूरी मिली। इसके साथ ही चीन के प्रसिद्ध यीवू इंटरनेशनल ट्रेड सिटी की तर्ज पर यीडा इंटरनेशनल ट्रेड सिटी विकसित करने की अवधारणा पर भी सकारात्मक विचार-विमर्श किया गया, जिससे वैश्विक व्यापार और निर्यात गतिविधियों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
बोर्ड ने किसानों से अर्जित भूमि के सापेक्ष अतिरिक्त प्रतिकर वितरण और सात प्रतिशत आबादी भूखंडों के आवंटन की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि भूमि क्रय की प्रक्रिया पूर्ण होते ही पात्र किसानों को आरक्षण पत्र शीघ्र उपलब्ध कराए जाएं।
भविष्य की वाणिज्यिक होटल योजनाओं में नोएडा प्राधिकरण के सफल नियमों और शर्तों को शामिल करने पर भी सहमति बनी। इसके अतिरिक्त लंबित रियल एस्टेट परियोजनाओं की समीक्षा कर उन्हें गति देने पर जोर दिया गया।
स्वास्थ्य एवं अनुसंधान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सेक्टर-9 में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) को एडवांस्ड रिसर्च फैसिलिटी स्थापित करने के लिए लगभग 30 एकड़ भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।
इसके अलावा विभिन्न औद्योगिक और संस्थागत सेक्टरों में भूमि अधिग्रहण तथा प्रस्तावित मास्टर प्लान सड़क के निर्माण के लिए आवश्यक भूमि खरीद को भी बोर्ड की मंजूरी मिल गई। इन निर्णयों से यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में औद्योगिक विस्तार, निवेश, रोजगार सृजन और आधुनिक शहरी अवसंरचना को नई गति मिलने की उम्मीद है।





