नोएडा प्राधिकरण

नोएडा में सफाई व्यवस्था पर बढ़ी : प्राधिकरण अधिकारियों से मुलाकात कर फोनरवा ने मानसून से पूर्व नालों की साफ सफाई, कूड़ा संकट, जलभराव और संवेदनहीनता के मुद्दों पर आवाज उठाई

Focus Intensifies on Sanitation in Noida: Meeting with Authority officials, FONRWA raised concerns regarding pre-monsoon drain cleaning, the waste management crisis, waterlogging, and official apathy.

Panchayat 24 (नोएडा) : नोएडा शहर में कूड़ा उठान व्यवस्था प्रभावित होने और विभिन्न सेक्टरों में स्वच्छता संबंधी समस्याओं को लेकर आरडब्‍ल्‍यूए के शीर्ष संगठन फोनरवा ने नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के समक्ष अपनी चिंताएं प्रमुखता से रखी हैं। संगठन ने एक ओर जहां विशेष कार्याधिकारी क्रांति शेखर से मुलाकात कर सफाई व्यवस्था, कूड़ा निस्तारण और मानसून पूर्व तैयारियों पर चर्चा की, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों और आरडब्ल्यूए के बीच संवाद तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाने की की आवश्‍यकता पर बल दिया। बता दें कि फोनरवा का आरोप है कि पूर्व में विभिन्‍न सेक्‍टरों की समस्‍याओं और जनहित के मुद्दों को महाप्रबंधक एसपी सिंह के संज्ञान में लाया गया लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। उन्‍हें अनदेखा किया गया।

फोनरवा के अध्‍यक्ष योगेन्‍द्र शर्मा ने हाल के दिनों में कूड़ा वाहन चालकों की हड़ताल के कारण शहर में उत्पन्न हालात पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बार-बार होने वाली ऐसी परिस्थितियों से नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लगने से स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां भी सामने आती हैं। संगठन ने सुझाव दिया कि भविष्य में ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए वैकल्पिक और स्थायी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए।

कई सेक्टरों में आरडब्ल्यूए की निगरानी में घर-घर कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था अपेक्षाकृत बेहतर ढंग से संचालित होती थी। प्रतिनिधियों का मानना था कि स्थानीय स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित होने से सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार देखा जाता था। प्रतिनिधिमंडल ने शहर की सफाई व्यवस्था में प्रशासनिक समन्वय को और मजबूत किए जाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उनका कहना था कि विभागीय पुनर्गठन के बाद स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारियों को लेकर कई स्तरों पर स्पष्टता की जरूरत महसूस की जा रही है, जिसका असर जमीनी स्तर पर दिखाई देता है।

मानसून की तैयारियों को लेकर भी फोनरवा ने चिंता व्यक्त की। प्रतिनिधियों ने अधिकारियों का ध्यान बड़े नालों और जल निकासी तंत्र की सफाई की ओर आकर्षित करते हुए कहा कि बरसात शुरू होने से पहले सभी प्रमुख नालों की सफाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, अन्यथा कई सेक्टरों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है। विशेष कार्याधिकारी क्रांति शेखर ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए मुद्दों पर सकारात्मक विचार करते हुए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।

फोनरवा ने प्राधिकरण से अनुरोध किया है कि आरडब्ल्यूए और प्राधिकरण के बीच बेहतर संवाद व्यवस्था स्थापित की जाए। इसके लिए किसी नोडल अधिकारी की नियुक्ति अथवा समन्वय तंत्र विकसित करने का सुझाव भी दिया गया है, जिससे सेक्टरों से जुड़े मुद्दों का त्वरित समाधान संभव हो सके। विशेष कार्याधिकारी से हुई बैठक में फोनरवा के अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा सहित अशोक मिश्रा, एडवोकेट लाट साहब लोहिया, प्रदीप वोहरा, जी.एस. सचदेवा, कोसिंदर यादव, विनोद शर्मा, देवेन्द्र यादव, अनीता सिंह और सुभाष भाटी समेत अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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