जिला प्रशासन

अर्ध नग्‍न अवस्‍था में मोटी बेडि़यों में बंधा हुआ एक युवक कर रहा है 35 जिलों की पैदल यात्रा, जानिए क्‍या है पूरा मामला ?

A semi-nude young man tied in thick chains is traveling on foot through 35 districts, know what is the whole matter?

Panchayat 24 : अर्ध नग्‍न अवस्‍था में मोटी बेडियो में बंधे हुए एक युवक ने अपनी कुछ मांगों को लेकर बीते ब्रहस्‍पतिवार को गौतम बुद्ध नगर जिलाधिकारी कार्यालय में एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन डिप्‍टी कलेक्‍टर अनुज नेहरा को सौंपा। इस युवक ने बताया कि वह अभी तक हरियाणा, उत्‍तराखंड और पश्चिम उत्‍तर प्रदेश के कुल 35 जिलों की यात्रा कर चुका है। इस मुहिम को वह अकेला ही चला रहा है। वह किसी संगठन से जुड़ा हुआ नहीं है। इस मुहिम को इसको उसकी जिद कहा जाए या फिर दीवानगी, पूरी खबर पढ़कर आप ही यह बात तय करिएगा।

क्‍या है पूरा मामला ?

गौतम बुद्ध नगर जिला कलेक्‍ट्रेट के बाहर चिलचिलाती धूप में लगभग 2 बजे एक युवक अर्ध नग्‍न अवस्‍था में बीते ब्रहस्‍पतिवार को खड़ा हुआ था। हाथ में तिरंगा झंडा था। शरीर पूरी तरह से गर्दन से लेकर पैरों तक मोटी मोटी बेडियों से बंधा हुआ था। पीठ पर कुछ नाम गुदवाए हुए थे। इस युवक को देखकर बेहद आश्‍चर्य हुआ। मैनें रूककर उससे बातचीत की। उसके द्वारा बताया गया कि वह इस अवस्‍था में हरिणा, उत्‍तराखंड और पश्चिम उत्‍तर प्रदेश के 35 जिलों की यात्रा कर चुका है। इसके पीछे का कारण जानकर मुझे बेहद आश्‍चर्य हुआ। इस युवक ने अपना नाम विजय हिन्‍दुस्‍तानी बताया। उसने अपने सीने पर भगत सिंह का चित्र गुदवाया हुआ है। पीठ के पीछे उसने देश के लिए अपना सबकुछ बलिदान करने वाले लोगों महान क्रांतिकारियों और शहीदों के नाम भी लिखवाएं हुए हैं। उसने बताया कि यह यात्रा 2 मार्च को शामली से शुरू हुई थी। 35वें जिले के रूप में यह यात्रा गौतम बुद्ध नगर पहुंच चुकी है।

क्‍या हैं इस बेडियों में जकड़े हुए युवक की मांगें ?

दरअसल, उत्‍तर प्रदेश के शामली जिले के रहने वाले विजय हिन्‍दुस्‍तानी का कहना है कि हमारे देश को आजाद हुए देश की आजादी में वीर क्रांतिकारियों का महान योगदान रहा है। इसके बावजूद आज देश की आन बान शान के लिए हस्‍ते हस्‍ते फांसी के फंदे पर झूलने वाले भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू को शहीद का दर्जा नहीं दिया गया है। विजय हिन्‍दुस्‍तानी ने बताया कि वह हर जिले में पहुंचकर राष्‍ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर मांग कर रहे हैं कि भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू को शहीद का दर्जा दिया जाए। उन्‍होंने कहा कि इन क्रांतिकारियों ने पूरे भारत को अपना परिवार मानते हुए इनके भविष्‍य के लिए फांसी पर लटक गए। अब देशवासियों का भी कर्तव्‍य बनता है कि ऐसे बलिदानियों को शहीद का दर्ज दिलवाने के लिए आगे आए। जिस दिन इन क्रांतिकारियों को शहीद का दर्जा मिल जाएगा, उस दिन सही अर्थों में सच्‍ची श्रद्धांजलि होगी।

उन्‍होंने बताया कि देश की आजादी के लिए भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू मोटी मोटी बेडियो में जकड़े रहे थे। कई क्रांतिकारी छोटी उम्र में ही देश के लिए बलिदान हो गए। ऐसे में उन्‍हें शहीद का दर्जा दिलवाने के लिए उनके द्वारा शुरू की गई मुहिम में उन्‍होंने शासन, प्रशासन सरकारों और देशवासियों को संकेतात्‍मक रूप से संदेश देने के लिए इस तरह से बेडियों में बंधकर यात्रा करने की मुहिम शुरू की है। उन्‍होंने कहा कि भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू को शहीद का दर्ज न दिए जाने के पीछे अभी तक की सभी सरकारों ने अनदेखी की है। उन्‍होंने कहा कि पूरे देश में लोकसभा चुनाव के चलते धारा 144 लगी हुई है ऐसे में वह अकेले ही इस मुहिम को आगे बढ़ा रहे हैं। ऐसे में वह किसी कानून को न तोड़ेंगे और न ही तोड़ने देंगे।

Related Articles

Back to top button