ज़ेवर में सेमीकंडक्टर शिलान्यास: विकास का मंच या राजनीतिक शक्ति का प्रदर्शन !

Panchayat 24 : किसी कार्यक्रम में राजनीतिक लोग मंच पर उपस्थित हो और राजनीति न हो, ऐसा संभव हो एकता है? जिस तरह आज की राजनीति शक्ति प्रदर्शनोनमुख हो गई है ऐसे में राजनीतिक संकेतों और शक्ति प्रदर्शन के लिए अवसर तलाशे जाते हैं।
जब उत्तर प्रदेश विधानसभा से पूर्व कोई कार्यक्रम हो रहा हो तो राजनीति होना अनिवार्य है फिर चाहे कार्यक्रम यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीड़ा) क्षेत्र में ताइवान की फॉक्सकॉन और भारत के एचसीएल के संयुक्त उपक्रम में बनने वाली उत्तर भारत की पहली सेमी कंडक्टर इकाई के शिलान्यास का ही मौका क्यों न हो?
मंच पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय रेल एवं इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्वनी वैष्णव, केंद्रीय राज्यमंत्री इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी जतिन प्रसाद, उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकासमंत्री नंद गोपाल नंदी सहित स्थानीय लोकसभा सांसद डॉ महेश शर्मा, राजयसभा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर, उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य श्रीचंद शर्मा और नरेंद्र सिंह भाटी और भाजपा जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा सहित नोएडा महानगर अध्यक्ष महेश चौहान आदि लोग उपस्थित थे।
यह कार्यक्रम ज़ेवर विधानसभा में आयोजित हो रहा था ऐसे में स्थानीय विधायक होने के नाते धीरेन्द्र सिंह नए मंच से अपना उद्बोधन शुरू किया। उन्होंने क्षेत्र के विकास की विकास गाथा को बताना शुरू करते हुए इसका श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद कहा। धीरेन्द्र सिंह के उद्बोधन के बीच में भीड़ का एक हिस्सा उनके नाम के जयकारे लगा यह था। प्रतीत हो रहा था यह लोग विधायक जी के समर्थक हैं और इसी काम के लिए आए थे। धीरेन्द्र सिंह के बाद डॉ महेश शर्मा नए मंच संभाला और बदलते ज़ेवर की कहानी बयां की। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को इस विकास का आधार बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार को इसका श्रेय देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व की जमकर सराहना की। इस बीच भीड़ के एक हिस्से से उनके सम्बोधन में व्यवधान पैदा करने की कोशिश की गई।
हालांकि सांसद जी नए इस घटना को अनदेखा कर अपना सम्बोधन जारी रखा। राजनैतिक नजरिए से क्या सामान्य घटना थी जबकि धीरेन्द्र सिंह और डॉ महेश शर्मा गौतम बुद्ध नगर भाजपा की राजनीति के दो विरोधी केंद्र माने जाते हैं? क्या विधायक जी के उद्बोधन के समर्थन में नारे और सांसद जी के उद्बोधन के दौरान व्यवधान पूर्व नियोजत था? हालांकि यह महज एक चर्चा मात्र भी हो सकती है, लेकिन पुरानी कहावत है कि धुआं वहीं उठता है जहां आग होती है। यदि इस धुएं के पीछे वाकई कोई चिंगारी है तो यह तय है कि सिर पर खड़े विधानसभा चुनाव में यह चिंगारी अपना खेल जरूर खेलेगी।
इस कार्यक्रम के केंद्र में ऐसे ही नहीं आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव आ गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तय कार्यक्रम के अनुसार विधायक धीरेन्द्र सिंह के रबूपुरा स्थित आवास पर पहुंचे। धीरेन्द्र सिंह के समर्थक इसको दूरगामी राजनीतिक परिणाम के रूप में देख रहे हैं। निवर्तमान विधायक होने के नाते धीरेन्द्र सिंह आगामी विधानसभा चुनाव में भी पार्टी के सामने टिकट के लिए तगड़े दावेदार है, लेकिन भाजपा टिकट वितरण के दौरान कई बार चौकाने वाले निर्णय लेती रही है। ऐसे में भाजपा के बारे में पहले से कुछ भी भविष्यवाणी करना खतरे से खाली नहीं है।
ज़ेवर विधानसभा सीट भी भाजपा की सुरक्षित और हॉट सीट बन चुकी है। ऐसे में इस इस सीट पर किसी वीवीआईपी नाम की भी एंट्री होने कि चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में चलती रहती हैं। हालांकि धीरेन्द्र सिंह के समर्थक योगीजी के आशीर्वाद से ज़ेवर विधानसभा से उनका अभी से टिकट कन्फर्म मान चुके हैं। कुछ लोग धीरेन्द्र सिंह के रबूपुरा आवास पर मुख्यमंत्री के आगमन की तुलना लोकसभा चुनाव से ठीक पहले डॉ महेश शर्मा के आवास पर गृहमंत्री अमित शाह के आगमन से कर रहे हैं। आपको क्या लगता हैं कि इस कार्यक्रम के और क्या राजनीतिक मायने हो सकते हैं?



