दादरी विधानसभा

सफाईकर्मचारियों ने मांगों को लेकर निकाला पैदल मार्च, प्राधिकरण संग वार्ता हुई विफल, हड़ताल रहेगी जारी

Sanitation workers took out a foot march with their demands, talks with the authority failed, the strike will continue

Panchayat 24 : ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की नई इमारत पर मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से धरने पर बैठे सफाई कर्मचारियों ने सोमवार को मार्च निकाला। हजारों सफाई कर्मचारी प्राधिकरण कार्यालय से परी चौक तक मार्च किया। इसके बाद वापस प्राधिकरण कार्यालय पर मार्च को समाप्‍त कर दिया। इस मार्च में सफाई कर्मचारी संगठनों के प्रदेश एवं मण्‍डलीय पदाधिकारी भी शामिल हुए। उत्‍तर प्रदेशीय सफाई कर्मचारी संघ के मेरठ मण्‍डल अध्‍यक्ष राजकुमार गहरा भी इस दौरान उपस्थित रहे। सोमवार शाम को प्राधिकरण के अधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों के साथ सफाई कर्मचारियों की एक वार्ता हुई। घंटों चली वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। वार्ता बेनतीजा रही। मंगलवार को सफाई कर्मचारियों और प्राधिकरण के अधिकारियों के बीच एक बार फिर से वार्ता शुरू होने की सूचना है। वहीं, सफाई कर्मचारियों ने स्‍पष्‍ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाती कोई भी कर्मचारी काम पर वापस नहीं लौटेगा। वहीं मंगलवार को सफाई कर्मचारी एकत्रित होकर प्राधिकरण कार्यालय से जिलाधिकारी कार्यालय तक मार्च निकालेंगे।

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दरअसल, पूर्व में अपनी मांगों को ले‍कर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अन्‍तर्गत संविदा एवं ठेकेदारी प्रथा के अन्‍तर्गत काम करने वाले सफाई कर्मचारी धरना एवं प्रदर्शन करते रहे हैं। बीते 6 नवंबर से सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं एवं प्राधिकरण कार्यालय पर धरने पर बैठे हुए हैं। वहीं, सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में साफ सफाई की व्‍यवस्‍था पूरी तरह से चरमरा गई है। विकल्‍प के तौर पर प्राधिकरण दैनिक मजदूरों से साफ सफाई की व्‍यवस्‍था को सुचारू करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन कामयाबी नहीं मिल रही है। शहर में जगह जगह गंदगी के अंबार लगे हुए हैं।

बता दें कि ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अन्‍तर्गत चौदह सौ से अधिक सफाई कर्मचारी काम करते हैं। इनकी मांग है कि उन्‍हें नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के कार्यरत सफाई कर्मचारियों के बराबर वेतनमान दिया जाए। सफाई कर्मचारी यूनियन के सदस्‍य रनवीर सिंह जांगरा का कहना है कि ग्रेटर नोएडा में कार्यरत सफाई कर्मचारियों को 13 हजार 8 सौ रूपये मिलते हैं, जबकि नोएडा में कार्यरत सफाई कर्मचारियों के हाथ में 17 हजार से अधिक की धनराशि बतौर वेतनमान के रूप में हाती है। जांगरा का कहना है कि ग्रेटर नोएडा में कार्यरत सफाई कर्मचारियों को एक माह का वेतन बतौर बोनस के रूप में दिया जाता था। इसको भी समाप्‍त कर दिया गया है। हमारी मांग है कि दीपावी पर दिए जाने वाले बोनस को बहाल किया जाए। पिछले कई महीनों से रूके हुए वेतनमान को भी प्राधिकरण सफाईकर्मचारियों को दे।

प्राधिकरण पर आरोप लगाते हुए कहा कि कोरोना काल के जिस समय पूरे देश में लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे थे। सफाई कर्मचारी अपनी जान की बाजी लगाकर अपना कर्तव्‍य कर रहे थे। कोरोना काल में सफाई कर्मचारियों को आश्‍वासन दिया गया था कि प्राधिकरण के अंदर काम करने वाले चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के वेतनमान में बढोत्‍तरी के साथ उनके वेतनमान में भी बढोत्‍तरी की जाएगी। लेकिन प्राधिकरण ने अपना वायदा कभी पूरा नहीं किया।

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