नोएडा प्राधिकरण

गलती से सीखना अच्‍छा है : मुम्‍बई की घटना से सबक लेते हुए नोएडा प्राधिकरण ने स्‍ट्रक्‍चरल ऑडिट कराने के दिए आदेश

It is good to learn from mistakes: Taking lessons from Mumbai incident, Noida Authority orders structural audit

Panchayat 24 : मुम्‍बई के घाटकोपर में तेज आंधी और बारिश के कारण होर्डिंग गिरने से हुई 16 लोगों की मौतों और 75 लोगों के घायल होने की दर्दनाक घटना के पीछे एक मुख्‍य कारण यह भी माना जा सकता है कि बीएमसी ने पूर्व में हुई घटनाओं से कोई सबक नहीं लिया था। यदि सबक लिया होता तो इस हादसे से बचा जा सकता था। हालांकि भारत में प्रशासनिक संस्‍कृति ही इस प्रकार की बन चुकी है कि जब तक किसी काम का दुखद परिणाम सामने न आ जाए तब तक संभावित आपदा को लेकर प्रभावशाली एक्‍शन नहीं लिया जाता है। जनता की ओर से आने वाली किसी शिकायत या सुझाव पर विचार करना गैर जरूरी समझा जाता है। दर्दनाक हादसा होने पर बंदर की तरह उछलकूद शुरू हो जाती है मानों चंद घंटों में पूरी व्‍यवस्‍था की खामियों को दूर कर दिया जाएगा। दिन बीतने के साथ व्‍यवस्‍था सुधार की इच्‍छा शक्ति भी कमजोर पड़ जाती है।

खैर, नोएडा प्राधिकरण ने मुम्‍बई की घटना से समय रहते सबक लेने का प्रयास जरूर किया है। नोएडा प्राधिकरण के मुख्‍य कार्यपालक लोकेश एम ने कहा है कि नोएडा क्षेत्र में विभिन्‍न परियोजनाओं के अंतर्गत यूनीपोल, फुटओवर ब्रिज, होर्डिंग्स, विद्युत पोल और गेंट्री आदि स्‍थापित है। इनका रख रखाव नोएडा प्राधिकरण के विभिन्‍न विभागों द्वारा किया जाता है। इस संबंध में निर्देशित किया जाता है कि भविष्‍य में जलवायु परिवर्तन से अचानक आने वाली तेज आंधी और तूफान के दृष्टिगत जनमानस की सुरक्षा एवं भविष्‍य में होने वाली किसी भी अप्रिय घटना से बचाव किया जाना अति आवश्‍यक है। अत: संबंधित विभाग अपने क्षेत्र में स्थित सभी स्‍ट्रक्‍चर (यूनीपोल, फुटओवर ब्रिज, होर्डिंग्स, विद्युत पोल और गेंट्री आदि  स्‍ट्रक्‍चर का वैद्य एवं प्रमाणिक तकनीकी संस्‍था से स्‍ट्रक्‍चरल ऑडिट कराकर आवश्‍यक कार्रवाई करें। हालांकि ऐसा नहीं है कि नोएडा अथवा ग्रेटर नोएडा में कभी होर्डिंग या पोल गिरने की घटना नहीं हुई है। ईश्‍वर की अनुकंपा रही है कि कोई दुखद अनुभव नहीं रहा है। बहरहाल, भले ही नोएडा प्राधिकरण की ओर से यह आदेश देर से आया है लेकिन दुरूस्‍त आना भी बेहद जरूरी है। प्राकृतिक आपदा कागजों और फाइलों में की गई खानापूर्ति को महत्‍व नहीं देती है।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से प्राकृतिक आपदा से फाइलों और कागजों पर लड़ाई लड़ने का निर्थक प्रयास किया गया। परिणामस्‍वरूप 17 जुलाई 2018 को ग्रेटर नोएडा वेस्‍ट के शाहबेरी में छ: मंजिला दो इमारतें थोड़ी सी बारिश के बाद भरभराकर जमीनदोज हो गई थी। इस घटना में 9 लोगों की मौत हुई थी। नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरणों की ओर से लगातार अवैध इमारतों का चिन्हिकरण शुरू किया गया। गांवों की बेहद खतरनाक स्थिति को देखते हुए नियामावली बनाने की बात कही गई थी। कुछ इमारतों को सील किया गया। स्‍ट्रक्‍चरल ऑडिट के बाद इन इमारतों को गिराने के आदेश जारी किए गए। कुछ लोगों की गिरफ्तारियों भी हुई। समय बीतने के साथ ही कार्रवाई दम तोड़ती हुई दिखाई दी। इस घटना के लगभग 6 साल बाद वही शाहबेरी है। लगातार होते अवैध निर्माण  है। वही व्‍यवस्‍था है। वही आप हैं और वही हम है।

डॉ देवेन्‍द्र कुमार शर्मा

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