महाराष्ट्र में भाजपा किंग नहीं, किंग मेकर की भूमिका में रहेगी, शाम 7 बजे एकनाथ शिंदे लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ
In Maharashtra, BJP will play the role of king maker, not king, Eknath Shinde will take oath as Chief Minister at 7 pm
Panchayat24 : महाराष्ट्र की राजनीति की उठापठक जितनी जटिलता भरी रही, अन्त उतना ही रहस्यमय रहा। यह बिल्कुल किसी बॉलीवुड की तरह रहा। सुबह तक माना जा रहा था कि भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शाम को शपथ लेंगे। लेकिन भाजपा ने सभी को चौंकाते हुए एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा कर दी। जिस समय देवेन्द्र फड़नवीस ने सीएम पद के लिए एकनाथ शिंदे के नाम की घोषणा की तो वहां उपस्थित सभी लोग भौचक्के रह गए।
देवेन्द्र फडनवीस ने घोषणा करते हुए कहा कहा कि एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री। आज ही शाम साढ़े सात बजे वह शपथ लेंगे, वो भी अकेले। उन्होंने कहा कि भाजपा उनका समर्थन करेगी और सरकार में भी शामिल होगी। इसके बारे में किसी भी नेता को कानों कान खबर तक नहीं हुई। बता दें कि गुरुवार दोपहर करीब ढाई बजे एकनाथ शिंदे गुट गोवा से मुंबई पहुंचे। पूर्व मुख्यमंत्री फडणवीस उन्हें लेकर राज्यपाल से मिलने गए।
एकनाथ शिंदे ने जताया भाजपा का आभार
पत्रकारों को संबोधित करते हुए एकनाथ शिंदे ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा ने बड़ा दिल दिखाया है। देवेन्द्र जी ने बड़ा दिल दिखाया है। मैं उनका, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमितशाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डाड का शुक्र गुजार हूं। उन्होंने कहा कि हमे जनता ने हिंदुत्व और राज्य के विकास के मुद्दे पर चुनाकर विधानसभा भेजा । लेकिन पिछली सरकार न विकास कर सकी और न ही हिन्दुतव के एजेंड़े पर कायम रह सकी।
सत्ता के लिए नहीं, हिन्दुत्व के लिए शिंदे को समर्थन : देवेन्द्र फड़नवीस
देवेन्द्र फडनवीस ने कहा कि शिवसेना ने सत्ता के लिए बालासाहेब के उसूलों को ताक पर रखा था। जनता ने महाविकास अघाड़ी सरकार को समर्थन नहीं दिया था। विधानसभा चुनाव में भाजपा शिवसेना गठबंधन में चुनाव लड़ी थी। भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। लेकिन सत्ता के लिए धुर विरोधी दल कांग्रेस और एनीसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाई। देवेन्द्र ने कहा कि हमने एकनाथ शिंदे को सत्ता के लालच में समर्थन नहीं दिया है। बल्कि हिन्दुत्व के मुद्दे पर हम उनके साथ हैं।
महराष्ट्र में हिन्दुत्व की एकमात्र अलंबरदार बन गई भाजपा
भाजपा ने एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा कर महाराष्ट्र की राजनीति में मास्टर स्ट्रोक चल दिया है। राजनीति जानकारों का मानना है कि भले ही वर्तमान में भाजपा महाराष्ट्र की बड़ी पार्टी थी, लेकिन हिन्दुत्व के नाम पर राज्य में शिवसेना का पलडा ही भारी था। इस घोषणा के बाद भाजपा ने एक तीर से कई लक्ष्यों को भेद दिया है। पहला, विपक्ष यह आरोप नहीं लगा सकेगा कि भाजपा ने सत्ता के लालच में शिवसेना को तोड़ा है। दूसरे, मुख्यमंत्री की कुर्सी को छोड़कर भाजपा ने प्रदेश की जनता को संदेश देने की कोशिश की है कि उनके लिए सत्ता नहीं, बल्कि हिन्दुत्व अहम है। तीसरे, पिछले दिनों जिस तरह से शिवसेना के अंदरूनी कलह के कारण प्रदेश में राजनीतिक उठापठक का दौर चला था, प्रदेश की जनता के मन में भाजपा को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे थे। लेकिन इस दाव के बाद किसी सवाल के लिए कोई गुंजाइश नहीं बचती है।