ग्रेटर नोएडा जोन

पुलिस का बयान सुन मृतक प्रॉपर्टी डीलर के परिजनों ने किया हंगामा, कहा-पुलिस हत्‍या को हादसा बनाना चाहती है

Hearing the statement of the police, the relatives of the deceased property dealer created a ruckus, said - the police wants to make the murder an accident

Panchayat 24 : दनकौर क्षेत्र के जुनैदपुर गांव निवासी प्रॉपर्टी डीलर गुरूदत्‍त की की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पीडित परिजनों का कहना है कि गुरूदत्‍त को कुछ लोगों ने फोन करके बुलाया था। इन्‍होंने ही हत्‍या की है। जबकि जिस तरह से पुलिस बयान दे रही है उससे प्रतीत हो रहा है कि बिना जांच के  इस घटना को एक हादसा मान चुकी है। पुलिस के बयान से नाराज पीडित परिजनों ने बीते सोमवार को शव को यमुना एक्‍सप्रेस-वे के सर्विस रोड पर रखकर जाम लगा दिया और जमकर हंगामा किया। लोग हत्‍यारोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। बाद में आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को उचित क आश्‍वासन दिया जिसके बाद लोगों ने शव को वहां से हटाया और अंतिम संस्‍कार किया। वहीं पीडित पक्ष ने दनकौर थाने में 2 आरोपियों को नामदज करते हुए 5 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।

क्‍या है पूरा मामला ?

जानकारी के अनुसार दनकौर क्षेत्र के जुनेदपुर गांव निवासी गुरूदत्‍त (45) प्रॉपर्टी डीलर का काम करता था। वह बीते रविवार शाम को किसी काम से बाइक पर सवार होकर गया था। परिजनों के अनुसार किसी ने उन्‍हें कॉल करके बुलया था। देर रात तक वह घर पर नहीं लौटा। परिजनों ने उसके मोबाइल पर भी सम्‍पर्क करने का प्रयास किया लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली। सोमवार सुबह परिजनों को गुरूदत्‍त की मौत की खबर मिली। परिजनों के अनुसार गुरूदत्‍त का शव यमुना एक्‍सपस्रेस-वे के करीब एक खेत में पड़ा हुआ था। परिवार के लोगों ने इस संबंध में रबूपुरा थाने के रोनिजा गांव निवासी धीरा उर्फ नीरज और रामपुर बांगर निवासी मनवीर और 3 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया है।

लेनदेन से जुडा है मामला ?

पीडित पक्ष की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर में स्‍पष्‍ट तौर पर लिखा गया है कि गुरूदत्‍त का पैसों को लेकर आरोपियों से विवाद चल रहा था। घटना वाले दिन भी गुरूदत्‍त के पास फोन आया था। वह घर से पैसे लेने जाने की बात कहकर निकले थे। परिजनों का आरोप है कि पुलिस सारे मामले में आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है।

पीडित परिजनों को क्‍यों लग रहा है कि यह घटना हत्‍या है ?

इस मामले में पुलिस और पीडित पक्ष की अपनी अपनी दलीले हैं। पुलिस इस घटना को प्रथम दृश्‍टया हादसा मान रही है, जबकि पीडित पक्ष इसे हत्‍या बता रहा है। जानते है कि पीडित पक्ष के मन में इस घटना को हत्‍या मानने की आशंकाएं क्‍यों प्रबल हो रही हैं ?

  • पुलिस की ओर से कहा जा रहा है कि बाइक का पहिया गडढे में पड़ने से बाइक अनियंत्रित होने से बाइक अनियंत्रित हो गई। परिजनों का कहना है कि क्‍या पुलिस के पास कोई सीसीटीवी फुटेज है अथवा कोई प्रत्‍यक्षदर्शी है जिससे यह पता चल गया है कि हादसा गडढे में बाइक का पहिया पडने से हुआ ?
  • पीडित परिजन घटना के बाद से ही बार बार कह रहे है कि गुरूदत्‍त को किसी ने फोन कर बुलाया था। वही लोग उसके हत्‍यारे हैं, लेकिन पुलिस इस एंगल को शुरू से ही अनदेखा कर रही है ?
  • परिजनों ने यह भी कहा है कि पुलिस की ओर से ऐसे भी बयान आए हैं कि गुरूदत्‍त ने शराब पी हुई थी। पोस्‍टमार्टम से पूर्व पुलिस को कैसे पता चल गया है गुरूदत्‍त ने शराब पी हुई थी ?
  • परिजनों का कहना है कि हादसे के बाद पुलिस घायल अवस्‍था में गुरूदत्‍त को ग्रेटर नोएडा के अस्‍पताल ले गई। यहां पर पुलिस का रवैया सहयोगात्‍मक नहीं था। पुलिस अपनी राय हम पर थोपना चाहती थी। हमे धमकाया जा रहा था। पुलिस के इस तरह के रवैये से हमे शक होता है कि पुलिस कुछ छिपाने का प्रयास कर रही है।

 

 

 

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