गौतम बुद्ध नगर लोकसभा सीट : समाजवादी पार्टी ने राहुल अवाना को जोर का झटका धीरे से दिया, डॉ महेन्द्र नागर को फिर से बनाया को बनाया प्रत्याशी
Gautam Buddha Nagar Lok Sabha seat: Samajwadi Party gave a slow blow to Rahul Awana, made Dr. Mahendra Nagar a candidate again.

Panchayat 24 : गौतम बबुद्ध नगर लोकसभा सीट पर समाजवादी पार्टी ने ने बड़े ही सधे हुए अंदाज में टिकट विवाद को समाप्त कर दिया है। पार्टी नेतृत्व ने राहुल अवाना को जोर का झटका धीरे से देते हुए डॉ महेन्द्र सिंह नागर को एक बार फिर से पार्टी प्रत्याशी घोषित कर दिया है। बताया जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व ने दोनों दावेदारों के बीच सहमति कराकर मिलकर चुनाव चुनाव लड़ने की बात कही है। स्थानीय नेताओं का कहना है कि पार्टी नेतृत्व ने जिस दावेदार को टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा है, पूरी पार्टी उसको मजबूती से चुनाव लड़ाएगी। हालांकि राजनीतिक जानकारों का मानना है कि टिकट की अदला बदली को लेकर पार्टी के अंदर चले घटनाक्रम से र मतदाताओं के बीच पार्टी की छवि धूमिल हुई है। ऐसे में देखना है कि पार्टी इस नुकसान की भरपाई कितनी जल्दी कर पाती है। ऐसे में चुनाव के आगामी चरण समाजवादी पार्टी के लिए महत्वपूर्ण होने जा रहे हैं।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, समाजवादी पार्टी ने गौतम बुद्ध नगर लोकसभा सीट पर समाजवादी पार्टी डॉ महेन्द्र सिंह नागर को पार्टी प्रत्याशी घोषित किया था। इसके बाद पार्टी ने नाटकीय अंदाज में डॉ महेन्द्र सिंह नागर के स्थान पर राहुल अवाना को पार्टी प्रत्याशी घोषित कर दिया था। इसके बाद गौतम बुद्ध नगर लोकसभा सीट पर समाजवादी पार्टी की जनता के बीच बहुत किरकिरी हुई थी। पार्टी समर्थक और मतदाताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी। ऐसे में पार्टी के स्थानीय वरिष्ठ नेताओं और जिला पदाधिकारियों ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को टिकट बदलने के बाद पैदा हुए राजनीतिक हालातों की जानकारी दी। बाद में पार्टी ने अपने निर्णय को बदलते हुए वीरवार को राहुल अवाना के स्थान पर राहुल अवाना को पार्टी प्रत्याशी घोषित कर दिया।
समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की कूटनीतिक चाल ने घटनाक्रम का कर दिया शांतिपूर्ण समाधान !
सूत्रों की माने तो डॉ महेन्द्र नागर का टिकट बदलकर राहुल अवाना को पार्टी प्रत्याशी बनाए जाने के बाद गौतम बुद्ध नगर में पार्टी के अंदर पुराने और युवा कार्यकर्ताओं के बीच एक अघोषित शह मात का खेल शुरू हो गया था। पार्टी वरिष्ठ नेता डॉ महेन्द्र नागर को पार्टी प्रत्याशी बनाए जाने के पक्षधर थे। टिकट बदले जाने के बाद उनकी प्रतिष्ठा दांव पर लग गई थी। ऐसे में समावादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमण्डल डॉ महेन्द्र नागर को साथ लेकर लखनऊ पहुंचा। इस प्रतिनिधिमण्डल में अधिकांश जिले के पुराने समाजवादी पार्टी के नेता एवं कार्यकर्ता थे। इनके द्वारा टिकट बदलने से पार्टी की छवि पर पड़ रहे नकारात्मक प्रभाव से पार्टी नेतृत्व को अवगत कराया। पार्टी नेतृत्व ने हल तलाशने के लिए कुटनीतिक चाल चली। तुरन्त ही कोई निर्णय नहीं लिया। डॉ महेन्द्र नागर और राहुल अवाना गुट को आश्वासन देते हुए होली के बाद बैठक में इस पर अंतिम निर्णय लेने की बात कही। इस बीच दोनों ही गुटों को मतदाताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच अपने समर्थन के बारे में पता चल गया। इसका परिणाम यह हुआ कि वीरवार को हुई बैठक में पार्टी नेतृत्व को दोनों गुटों के बीच सहमति बनाने में देर नहीं लगी। समाजवादी पार्टी के गौतम बुद्ध नगर जिलाध्यक्ष सुधीर भाटी ने बताया कि राहुल अवाना ने पहल करते हुए पार्टी नेतृत्व के सामने डॉ महेन्द्र नागर को चुनाव लड़ाने की बात कही।