ग्रेटर नोएडा जोन

नौकरी और रूपयों का लालच देकर गिरोह में करते थे शामिल, साईट वर्कर के रूप में देते थे चोरी की वारदात को अंजाम

They used to lure people into the gang by offering them jobs and money, and used to carry out thefts as site workers

Panchayat 24 : ग्रेटर नोएडा पुलिस ने दिल्‍ली एनसीआर में चोरी तथा अन्‍य अपराधिक वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। आरोपियों के कब्‍जे से पुलिस ने चोरी कियागया कीमती सामान बरामद किया है। पुलिस के अनुसार गिरोह के सरगना द्वारा मजदूरों को नौकरी का लालच देकर गिरोह में शामिल करता था। साईट वर्कर बनकर चोरी तथा अन्‍य वारदातों को अंजाम दिया जाता था। इस दौरान आरोपियों द्वारा पूरी तरह से वर्कर की ड्रेस और सुरक्षा उपकरण पहने रहते थे। पुलिस ने इस गिरोह के 6 सक्रिय सदस्‍यों को गिरफ्तार किया है। वहीं, गिरोह का सरगना और एक अन्‍य आरोपी फरार हैं। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। वहीं, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर पुलिस ने जेल भेज दिया है। मामला रबूपुरा कोतवाली क्षेत्र का है।

क्‍या है पूरा मामला ?

एडीसीपी ग्रेटर नोएडा जोन अशोक कुमार शर्मा के अनुसार मुखबिर की सूचना पर पुलिस पुलिस ने दिल्‍ली गौतम बुद्ध नगर सहित एनसीआर चोरी एवं अन्‍य अप‍राधिक वारदातों को अंजाम देने वाले एक अन्‍तर्राज्‍यीय गिरोह के सक्रिय सदस्‍यों को रबूपुरा कोतवाली पुलिस द्वारा मिर्जापुर कट के पास से गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों की पहचान अजय निवासी जिला आजमगढ़, अजय और इलियास निवासी मण्‍डावली दिल्‍ली, प्रभात और विकास निवासी जिला बदायूं और लवकुश निवासी जिला अलीगढ़ के रूप में हुई है। वहीं, गिरोह का सरगना कुलदीप निवासी बदायूं तथा एक अन्‍य आरोपी फरार हैं। पुलिस ने इनके कब्‍जे से 5 लोहे की अण्डर लाइन पाइप, 12 बिजली के एल्यूमीनियम केबिल, 1 लोहे का बडा गडांसा, 6 सुरक्षा हेलमेट प्लास्टिक, 6 रिफलेक्टर जैकेट, 4 टार्च, 6 लोहे की चौरसी (लोहे की छैनी नुमा), 5 आरी, 8 ब्लेड आरी, 3 हथौडा, 50 मीटर लोहे का तार घटना में प्रयोग किया गया एक आयशर कैण्टर  और एक महिन्द्रा बुलेरो पिकअप बरामद किया है।

ऐसे देते थे अपराधिक वारदात को अंजाम

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह दिल्ली व एनसीआर के अलग अलग क्षेत्रो में अन्य चोरी की वारदात कोदिया है। आरोपियों के अनुसार इस गिरोह का सरगना कुलदीप है। वह मजदूरों को नौकरी एवं पैसों का लालच देकर गिरोह में शामिल करता था। गिरोह के सदस्यों द्वारा हेलमेट व अन्य सामान से सुसज्जित कर साईट वर्कर के रूप में ले जाकर चोरी की घटनाओ को अंजाम दिया जाता था। कुलदीप के अनुसार ऐसा करने से किसी को कोई संदेह न होगा। गिरोह सरगना कुलदीप अलग-अलग घटनाओ को अंजाम देने के लिए अलग-अलग मजदूरों को गिरोह में शामिल करता था। आरोपियों ने दिल्‍ली एनसीआर के अतिरिक्‍त पूर्व में भी जिला बाँदा, चित्रकूट, फतेहपुर और इलाहाबाद मे भी चोरी की घटनाओ को अंजाम दिया जा चुका है। कुलदीप इन घटनाओं के चलते जेल भी जा चुका है। इनमें से कई का अपराधिक इतिहास भी रहा है। आरोपी अजय निवासी  जिला आजमगढ़, हाल निवासी बिशनपुरा सेक्टर 58 गौतमबुद्धनगर पूर्व मे भी जिला अम्बेडकर नगर के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र और  थाना चाणक्य पुरी दिल्ली से चोरी की घटनाओ मे जेल जा चुका हैपुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर।

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