नोएडा में वेतन बढ़ोतरी को लेकर कर्मचारियों का उग्र प्रदर्शन, कई इलाकों में यातायात बाधित

Panchayat 24 (नोएडा): वेतन वृद्धि सहित कई मांगों को लेकर औद्योगिक क्षेत्रों में चल रहा कर्मचारियों का विरोध सोमवार सुबह उग्र हो गया। पिछले कुछ दिनों से जारी आंदोलन ने आज कई स्थानों पर हिंसक रूप ले लिया, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। भारी पुलिस बल लगातार हालात को नियंत्रित करने के प्रयास कर रहा है। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी आंदोलनकारियों से लगातार संवाद कर हालात को संभालने में जुटे हैं। हरियाणा के फ़रीदाबाद और पलवल से भी श्रमिकों के सड़क पर उतरने की खबर है।
जानकारी के अनुसार, नोएडा के फेस दो स्थित मदरसन सहित आधा दर्जन कंपनियों के कर्मचारी सुबह से ही सड़कों पर उतर आए और कई प्रमुख मार्गों पर जाम लगा दिया। फेज-2 क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जहां कुछ प्रदर्शनकारियों ने वाहनों को नुकसान पहुंचाया। आगजनी और पत्थरबाजी की घटनाएं भी सामने आईं। कुछ कम्पनियों में पथराव कर शीशे भी तोड़े गए है। पुलिस के वाहनों को भी आग के हवाले किए जाने कि सूचना है। इस दौरान पुलिस पर पथराव भी किया गया। हालात काबू में करने के लिए सुरक्षाबलों को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा।
कर्मचारियों का कहना है कि वह पिछले तीन-चार दिनों से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांगों में न्यूनतम वेतन को 13 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये करना, ओवरटाइम का उचित भुगतान सुनिश्चित करना और छुट्टियों के लिए अलग व्यवस्था लागू करना शामिल है।
सोमवार को प्रदर्शनकारियों ने कुलेसरा से फेज-2 तक मार्च निकाला और कई स्थानों पर सड़क पर बैठकर तथा वाहनों के आगे लेटकर यातायात को बाधित किया। सेक्टर-60 में भी कर्मचारियों ने जाम लगाकर जोरदार नारेबाजी की। हालांकि आंदोलन का असर अभी नोएडा के ही कुछ क्षेत्र में दिखाई दे रहा है लेकिन हालात को देखते हुए प्रशासन ने ग्रेटर नोएडा को हाईलाइट पर रखा है। जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती भी की गई है।
इस विरोध प्रदर्शन का असर शहर के कई हिस्सों में देखने को मिला, जहां लंबा जाम लगने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों सहित आम यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी देरी हुई। वहीं, पुलिस एवं प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और शांति व्यवस्था बहाल करने के प्रयास जारी हैं।



