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उत्‍तर प्रदेश में भाजपा के सामने अन्‍दरूनी गुटबाजी से पार पाना बड़ी चुनौती, पश्चिम में दिग्‍गजों के बीच जारी है कोल्‍ड वार !

It is a big challenge for BJP in Uttar Pradesh to overcome internal factionalism, cold war continues between the bigwigs in the West!

Panchayat 24 : लोकसभा चुनाव में भाजपा को उत्‍तर प्रदेश में करारी हार का सामना करना पड़ा है। चुनाव परिणाम सामने आने के बाद पार्टी में कलह, रार और बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। पश्चिम उत्‍तर प्रदेश में पार्टी इस बीमारी से अधिक ग्रसित है। परिणामस्‍वरूप पार्टी को पश्चिम में इसके कारण बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। चुनाव परिणाम आने के बाद भी पार्टी के दिग्‍गजों के बीच बयानबाजी का दौर जारी है। प्रतीत होता है कि निकट भविष्‍य में भाजपा की यह गुटबाजी प्रत्‍यक्ष अथवा अप्रत्‍यक्ष रूप से अवश्‍य रंग दिखाएगी। ऐसे में भाजपा के लिए इस पर पार पाना एक बड़ी चुनौती बन गया है।

क्‍या है पूरा मामला ?

दरअसल, लोकसभा चुनाव के दौरान पश्चिम उत्‍तर प्रदेश में भाजपा के दो दिग्‍गजों अर्थात मुजफ्फरनगर से भाजपा प्रत्‍याशी डॉ संजीव बालियान और भाजपा के फायरब्रांड नेता और सरधना विधानसभा से पार्टी के पूर्व विधायक संगीत सोम के बीच वैचारिक मतभेदों की खबरें राजनीतिक गलियारों में खूब चर्चा के केन्‍द्र में रही। यहां तक कि चुनाव से पूर्व भाजपा नेतृत्‍व के मामले में हस्‍तक्षेप करना पड़ा। इसके बाद प्रतीत हो रहा था कि मामला शांत हो गया है। लेकिन चुनाव परिणाम आने के बाद इस बात की संभावनाएं बेईमानी प्रतीत हो रही है। दरअसल, लोकसभा चुनाव में भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व केन्‍द्रीय मंत्री डॉ संजीव बालियान समाजवादी पार्टी के उम्‍मीदवार हरेन्‍द्र मलिक से चुनाव हार गए  हैं। डॉ संजीव बालियान ने चुनाव की हार का ठीकरा संगीत सोम पर फोड़ा है। उन्‍होंने कहा है कि पार्टी की भीतरघात और समाजवादी पार्टी उम्‍मीदवार को चुनाव लड़ाए जाने के कारण वह चुनाव हारे हैं। सरकुलर रोड़ पर एक प्रेस वार्ता में उन्‍होंने संगीत सोम का बिना नाम लिए उन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। बता दें कि  कि विधानसभा चुनाव 2022 में सरधना से भाजपा के उम्‍मीदवार संगीत सोम को सपा उम्‍मीदवार अतुल प्रधान ने चुनाव हरा दिया था। इस हार के लिए संगीत सोम पक्ष की ओर से मुजफ्फरनगर से भाजपा के सांसद और तत्‍कालीन केन्‍द्रीय मंत्री डॉ संजीव बालियान पर आरोप लगे थे। उनका कहना था कि डॉ संजीव बालियान ने संगीत सोम को हरवाने के लिए विपक्षी उम्‍मीदवार का सहयोग किया है। वहीं, लोकसभा चुनाव में डॉ संजीव बालियान सपा उम्‍मीदवार  हरेन्‍द्र मलिक ने चुनाव हरा दिया है। अब डॉ संजीव बालियान एवं उनके समर्थकों की ओर से संगीत सोम पर विरोधी उम्‍मीदवार के पक्ष में सहयोग करके उन्‍हें चुनाव हरवाने का आरोप लगा रहे हैं।

जयचंद, शिखंडी और विभीषण बनकर मेरा विरोध किया गया

डॉ संजीव बालियान ने कहा कि पार्टी के ही लोगों ने जयचंद और विभषण बनकर जनता के बीच गए। कुछ लोग शिखंडी की तरह खड़े नजर आए और चुनाव हरवाने का काम किया। उन्‍होंने कहा कि संजीव बालियान के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में आरोप लगाते हुए कहा कि उन्‍होंने उन्‍होंने समाजवादी पार्टी उम्‍मीवार हरेन्‍द्र मलिक को चुनाव लड़ाया है। हरेन्‍द्र मलिक के बारे में उन्‍होंने कहा कि उन्‍हें अभी तक तहसील और थानों की राजनीति की है। कई बार पार्टी बदली है। परिवारवाद को बढ़ावा दिया है। अब उन्‍हें विकास की राजनीति करनी होगी। संजीव बालियान ने कहा कि जिसने मेरे चुनाव में जैसा काम किया है, उन्‍हें भविष्‍य में वैसा ही प्रसाद मिलेगा। उनका यह बयान भाजपा में गुटबाजी के उग्र हौर तीव्र होने की ओर इशारा करता है। उन्‍होंने कहा कि जयंत चोधरी ने उनके चुनाव में बहुत मेहनत की है।

मेरा पानी उतरता देख किनारे पर घर मत बना लेना, मैं समंदर हूं लौटकर जरूर आऊंगा : डॉ संजीव बालियान

डॉ संजीव बालियान ने अपने इरादों को एक शेर कहते हुए स्‍पष्‍ट कर दिया है। उन्‍होंने कहा कि मेरा पानी उतरता देख किनारे पर घर मत बना लेना, मैं समंदर हूं लौटकर जरूर आऊंगा। संजीव बालियान ने कहा कि कुछ जयचंदों, विभिषणों और शिखंडियों ने जनता के बीच पहुंचकर लोगों को गुमराह करने का काम किया। यह मेरी कमी ही थी कि मैं लोगों को समझ नहीं सका। उन्‍होंने कहा कि मैं उम्‍मीद करता हूं कि पार्टी ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।

पत्‍थर पर सिर पटकने से कुछ नहीं होता, समंदर को लौटकर आना है या नहीं, यह उसको पता होता है : संगीत सोम

मुजफ्फनगर से भाजपा के सांसद और पूर्व मंत्री डॉ संजीव बालियान के आरोपों के जवाब में संगीत सोम ने कहा कि मेरे मां और बाप ने ऐसे संस्‍कार नहीं दिए हैं कि मैं किसी को जयचंद, विभीषण या फिर शिखंडी कहूं। किसी को अनर्गल बातें कहूं। मेरे संस्‍कार ऐसे हैं कि मैं किसी के बारे में कोई खराब बात न कहूं। यह वह ही बता सकते हैं कि क्‍या कहतना चाहते हैं। उन्‍होंने शायराना अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि पत्‍थर पर सिर पटकने से कुछ नहीं होता, समंदर को वापस लौटकर आना है, नहीं आना है, यह उसको पता होता है। संगीत सोम ने भी मंगलवार को मेरठ में एक प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि डॉ संजीव बालियान को अपनी हार की समीक्षा करनी चाहिए। वह सरधना विधानसभा क्षेत्र में जीते हैं, लेकिन बुढाना और चरथावल में हार गए हैं। उन्‍हें देखना चाहिए कि वह अपने ही क्षेत्र में क्‍यों हार गए हैं। संगीत सोम ने डॉ संजीव बालियान को सलाह देते हुए कहा कि वह भाजपा के वरिष्‍ठ नेता है। उन्‍हें ऐसी बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। उन्‍होंने संजीव बालियान के आरोपों को नकारते हुए कहा कि सपा ने उनके खिलाफ मुकदमें दर्ज किए। उन्‍हें जेल भिजवाया था। ऐसे में वह सपा को कैसे जितवा सकते हैं। उन्‍होंने कहा कि संजीव बालियान को अपनी बातें पार्टी फोरम पर रखनी चाहिए।

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