मुठभेड़ के बाद शातिर चोर गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार, 50 लाख से अधिक के जेवर और लाखों की नकदी बरामद
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Panchayat 24 (ग्रेटर नोएडा) : थाना सूरजपुर पुलिस ने बंद मकानों को निशाना बनाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस कार्रवाई के दौरान दो आरोपी पैर में गोली लगने से घायल हो गए, जबकि उनके दो अन्य साथियों को घेराबंदी कर पकड़ लिया गया।
पुलिस के अनुसार, मोजर बीयर गोलचक्कर के पास चेकिंग के दौरान बिना नंबर प्लेट की दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार संदिग्ध व्यक्तियों को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखकर आरोपियों ने भागने की कोशिश की और पीछा किए जाने पर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दो बदमाश घायल हो गए, जबकि शेष दो को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वकील उर्फ रिजवान, सरफराज उर्फ फैज, भोले उर्फ भोला तथा अलीजान के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से लगभग 300 ग्राम सोना, करीब 450 ग्राम चांदी, 11 लाख 27 हजार रुपये नकद, दो मोटरसाइकिलें तथा चार अवैध तमंचे और कारतूस बरामद किए हैं। बरामद सोने के आभूषणों और बिस्किटों की अनुमानित कीमत करीब 51 लाख रुपये बताई गई है।
जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में घूमकर बंद पड़े मकानों की पहचान करते थे। गिरोह का एक सदस्य रैपिडो चालक होने के कारण विभिन्न सोसायटियों और कॉलोनियों में आसानी से पहुंच जाता था तथा बंद घरों की जानकारी अपने साथियों तक पहुंचाता था। इसके बाद सभी मिलकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने सूरजपुर क्षेत्र स्थित पैरमाउन्ट सोसायटी, जैतपुर गांव और मगध एंकलेव आवासीय सोसायटी में हुई लाखों रुपये की चोरी समेत कई मामलों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। इनके कब्जे से बरामद जेवरात और नकदी का संबंध गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद तथा अन्य जनपदों में दर्ज चोरी के मामलों से जोड़ा जा रहा है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के प्रमुख सदस्यों पर चोरी, लूट, अवैध हथियार रखने, गैंगस्टर एक्ट तथा हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में दर्जनों मुकदमे पहले से दर्ज हैं। इनमें कुछ आरोपी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में सक्रिय अपराधी रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह की गिरफ्तारी से एनसीआर क्षेत्र में बंद मकानों में चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। बरामद माल की पहचान कर उसे संबंधित पीड़ितों को वापस दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। पुलिस गिरोह के अन्य संभावित सहयोगियों और चोरी के नेटवर्क की भी जांच कर रही है।




