जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मिला एयरोड्रोम लाइसेंस, जल्द होगा उद्घाटन की तारीख का ऐलान

Panchayat 24 (ग्रेटर नोएडा) : गौतमबुद्ध नगर में यीड़ा के जेवर क्षेत्र में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने बहु प्रतिक्षित उपलब्धि हासिल कर ली है। भारत सरकार के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एयरपोर्ट को पब्लिक यूज़ एयरोड्रोम लाइसेंस जारी कर दिया है। यह लाइसेंस एयरपोर्ट के संचालन के लिए आवश्यक प्रमुख नियामकीय मंजूरियों में से एक माना जाता है। यह जानकारी प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने दी। माना जा रहा है कि मार्च के अंतिम सप्ताह अथवा अप्रेल के प्रथम सप्ताह में इस एयरपोर्ट के उद्घाटन की तारीख को प्रधानमंत्री कार्यालय से हरी झंडी मिल सकती है।
दरअसल, 25 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शिलान्यास के बाद लगभग सवा चार वर्ष में संचालन के लिए तैयार होने वाला देश का यह पहला एयरपोर्ट है। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है। इसका श्रेय केंद्र सरकार के संकल्प, राज्य सरकार की इच्छा शक्ति और यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीड़ा) को जाता है। प्राधिकरण के पूर्व सीईओ डॉ अरुणवीर सिंह, वर्तमान सीईओ राकेश कुमार सिंह, वर्तमान एसीईओ और एयरपोर्ट के नोडल अधिकारी शैलेन्द्र भाटिया और ओएसडी शैलेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में भू विभाग के सराहनीय प्रयास रहे हैं।
बता दे कि नोएडा अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट को एयरोड्रोम लाइसेंस सिक्योरिटी क्लियरेंस के ठीक एक दिन बाद मिला है। डीजीसीए की ओर से जारी दस्तावेज़ के अनुसार यह लाइसेंस यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (यापल ) को दिया गया है, जो जेवर में विकसित हो रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन करेगी। फिलहाल यह लाइसेंस 6 मार्च 2026 से प्रभावी है और फिलहाल 5 सितंबर 2026 तक अस्थायी (प्रोविजनल) वैधता के साथ जारी किया गया है।
दस्तावेज़ के मुताबिक एयरपोर्ट को सार्वजनिक उपयोग के लिए अधिकृत किया गया है, जिससे यहां से विमान के उतरने और उड़ान भरने की अनुमति मिल सकेगी। हालांकि एयरपोर्ट के संचालन के लिए निर्धारित सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होगा।
लाइसेंस में स्पष्ट किया गया है कि एयरपोर्ट प्रबंधन को एयरोड्रोम मैनुअल, सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली (एसएमएस ) और डीजीसीए द्वारा तय किए गए नागरिक उड्डयन नियमों का पालन करना होगा। साथ ही एयरपोर्ट परिसर में सुरक्षा, एयर ट्रैफिक सेवाओं, मौसम संबंधी जानकारी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी।
इसके अलावा एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है और इसे बड़े विमानों के संचालन के लिए डिजाइन किया गया है। लाइसेंस में यह भी उल्लेख है कि एयरपोर्ट को सभी मौसम की परिस्थितियों में उड़ान संचालन (IFR/VFR) के लिए उपयोग किया जा सकेगा, बशर्ते निर्धारित मानकों का पालन किया जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह लाइसेंस मिलने से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के जल्द संचालन की राह और साफ हो गई है। एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर के विमानन ढांचे को मजबूती मिलेगी और क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन तथा रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।



