ग्रेटर नोएडा जोन

हथियारों से ऐसा प्‍यार कि हाथ पर बनाया ए के-47 का टैटू, शुरू कर दिया अवैध हथियारों का धंधा, सोशल मीडिया से तलाशता था ग्राहक

He loved weapons so much that he got an AK-47 tattoo on his hand, started illegal arms business, used to look for customers through social media

Panchayat 24 : शरीर पर टैटू बनावाने के पीछे लोगों का अपना विचार होता है। कोई अपने प्रेमी या प्रेमिका का नाम लिखवाता है। यदि कोई धार्मिक प्रवृति का व्‍यक्ति है तो वह ईश्‍वर अथवा अपने आराध्‍य के नाम या उसके स्‍वरूप का टैटू शरीर पर बनवाता है। कोई अपने मित्र, माता, पिता अथवा भाई या बहन का नाम भी शरीर पर बनवाता है। लेकिन ग्रेटर नोएडा में एक ऐसा मामला प्रकाश में आया है जहां एक युवक ने न केवल अपने हाथ पर घातक हथियार ए के-47 का टैटू बनवाया है। यह केवल सामान्‍य बात नहीं है। इस टैटू को बनवाने के पीछे उसका हथियारों के प्रति प्‍यार दिखाई देता है। अवैध हथियार बेचने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। ग्रेटर नोएडा जोन की ईकोटेक-3 कोतवाली पुलिस द्वारा मुख्‍य आरोपी सहिद दो आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने के बाद पूरा मामला खुल गया।

क्‍या है पूरा मामला ?

एडीसीपी ग्रेटर नोएडा जोन साद मिया खां ने बताया कि गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट में पिछले महीनों में कुछ ऐसी घटनाएं घटी थी जिनमें अवैध हथियारों का प्रयोग किया गया था। इनमें सोशल मीडिया पर रील बनाने, हवाई फायरिंग करने और हत्‍या का प्रयास करने जैसी घटनाएं शमिल थी। इन घटनाओं के बाद पुलिस ने इस बात पर तेजी से विचार किया कि गौतम बुद्ध नगर में विभिन्‍न अपराधिक घटनाओं के लिए अवैध हथियार कहां से आ रहे हैं। इनके लिए विभिन्‍न पुलिस टीमों का गठन किया गया। इस कड़ी में कोतवाली ईकोटेक पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि क्षेत्र में एक गिरोह सक्रिय है जो लोगों को अपराधिक वारदातों के लिए अवैध हथियार मुहैया कराता है। सूचना के आधार पर पुलिस ने घरभरा अण्‍डरपास के करीब दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान रबूपुरा कोतवाली क्षेत्र के जानचाना गांव निवासी ऋषभ त्‍यागी और जिला फर्रूखाबाद निवासी गौरव ठाकुर के रूप में हुई। पुलिस ने इनके कब्‍जे से एक कार, 6 पिस्‍टल, 12 मैग्‍जीन और 215 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपी ऋषभ त्‍यागी ने बताया  बताया कि गांव में उसकी रंजिश चल रही थी जिसके कारण वह हथियार रखता था।

मेरठ से खरीदकर दिल्‍ली एनसीआर में बेचे जा रहे थे अवैध हथियार

डीसीपी साद मिया खां ने बताया कि आरोपी ऋषभ त्‍यागी को हथियारों का शौक था। इसी शौक से उसने अवैध हथियारों का अवैध कारोबार शुरू कर दिया। वह मेरठ से अवैध हथियार खरीदकर उन्‍हें मोटे मुनफा कमाकर दिल्‍ली एनसीआर में बेचता था। जिस व्‍यक्ति में जिस हथियार के प्रति जितना अधिक आकर्षण और जुनून होता था, उसको उतनी ही अधिक कीमत में हथियार बेचा जाता था। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 15 से 20 हजार में अवैध हथियार खरीदकर 35 से 40 हजार में बेचा जाता था। हालांकि कोई हथियार कितने में बेचा जाएगा यह ग्राहक और परिस्थिति देखकर कीमत तय होती थी।

सोशल मीडिया पर हथियारों के प्रति आकर्षण को देख आरोपी के मन में आया अवैध कारोबार का विचार

डीसीपी के अनुसार आरोपी ने सोशल मीडिया के विभिन्‍न मचों पर देखा कि युवाओं में हथियारों के प्रति क्रेज बढ़ रहा है। कई युवा सोशल मीडिया पर रील एवं वीडियो बनाने के लिए हथियारों का बड़े स्‍तर पर प्रयोग कर रहे हैं। वहीं, कुछ ऐसे लोग भी इनके संपर्क में आए जिन्‍हें अपराधिक वारदातों को अंजाम देने के लिए हथियार चाहिए थे। यहीं, से आरोपी ऋषभ के मन में हथियारों का अवैध कारोबार शुरू करने का विचार आया।

सोशल मीडिया और मोबाइल से ग्राहकों से होता था संपर्क

पुलिस के अनुसार यह गिरोह सोशल मीडिया पर बारीकी से नजर रखता था। वह ऐसे लोगों को तलाशते थे जिनके मन में हथियारों के प्रति आकर्षण होता था। ऐसे लोगों से सोशल मीडिया एवं उसके मोबाइल के माध्‍यम से संपर्क करते थे। वहीं, कुछ ऐसे बिचौलिए भी इनके संपर्क में थे जो हथियार के प्रति लगाव रखने वाले लोगों को इनसे मिलवाते थे।

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