चुनावी समर में घमासान : राम से डरी समहमी कांग्रेस को महादेव का झटा, चुनाव से ठीक पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सामने बड़ी चुनौती, भाजपा मुद्दे को दे रही धार
There is a fierce battle in the election season: Congress is afraid of Ram, Mahadev's blow, just before the elections, a big challenge in front of Chief Minister Bhupesh Baghel, BJP is giving edge to the issue.

Panchayat 24 : छत्तीसगढ़ चुनाव से ठीक पूर्व राम से डरी सहमी कांग्रेस के लिए महादेव ने परेशानी खड़ी कर दी है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बद्येल की साफ एवं स्वच्छ छवि को आगे करके भाजपा के राजनीतिक एवं चुनावी हमलों को निष्क्रिय कर रही कांग्रेस के लिए भूपेश बद्येल परेशानी का सबब बन गए हैं। भाजपा ने भी कांग्रेस और भूपेश बघेल की घेराबंदी शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, छत्तीसगढ़ में आगामी 7 ओर 17 नवंबर को विधानसभा चुनाव होने हैं। छत्तीसगढ़ में राजनीतिक विश्लेषक कांग्रेस को मजबूत बताते हुए फिर से राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने की भविष्यवाणी कर रहे हैं। हालांकि चुनाव में कांग्रेस को भाजपा के अयोध्या में निर्माणाधीन राममंदिर में प्रभु श्रीराम की मूर्ति स्थापना की तारीखों के ऐलान के बाद डर सता रहा है कि इसका भाजपा चुनाव में लाभ लेना चाहती है। इसी लिए तारीख का ऐलान चुनावी समर में किया है। फिर भी कांग्रेस भूपेश बघेल के बेदाग और उनके द्वारा किए गए कामों के सहारे चुनाव में ताल ठोक रही है। राजनीतिक जानकारों की माने तो छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल की लोकप्रियता छत्तीसगढ़ भाजपा के किसी भी नेता के पास नहीं है। यही कारण है कि गृहमंत्री अमितशाह और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी छत्तीसगढ़ चुनाव की कमान अपने हाथों में लिए हुए हैं। लेकिन चुनाव से ठीक पहले ईडी द्वारा 2022 के एक मनी लॉडरिंग मामले की जांच के मामले में की गई एक कार्रवाई में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर भ्रष्टाचार के बड़े आरोप लगे हैं। ईडी ने एक व्यक्ति असीम दास को भिलाई के एक होटल से गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उसके पास से 5.39 करोड़ रूपये बरामद किए हैं। ईडी के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने बताया है कि महादेव बैटिंग एप के प्रमोटर्स ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को 508 करोड़ रूपये का भुगतान किया है। बता दें कि महादेव एवं एक ऑनलाइन गैमिंग एप है। इसके माध्यम से एक तरह की सट्टेबाजी की जाती है। हाल ही में महादेव बैंटिंग एप की जांच के दौरान ईडी ने अभिनेता रणवीर कपूर और कमेडियन कपिल शर्मा सहित बॉलीवुड से जुड़े कुछ लोगों को नोटिस भेजा है।
महादेव एप मामले पर भाजपा हमलावर
महादेव बैटिंग एप मामले में भूपेश बघेल का नाम आने से भाजपा को चुनाव में एक बड़ा मुद्दा मिल गया है। अभी तक छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के भूपेश बघेल रूपी कवच को भेदने में अभी तक असफल दिख रही भाजपा ने चुनावी सभा में मुद्दा बना दिया है। दुर्ग और रतलाम में चुनावी सभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महादेव बैटिंग एप घोटाले को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर जमकर निशाना साधा। प्रधानमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने जनता को लूटने का कोई मौका नहीं छोड़ा है। जनता तो जनता उन्होंने महादेव को भी नहीं छोड़ा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह रकम सट्टेबाजी की है जिसको उन्होंने जनता को लूटकर जमा किया है। उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि इस रकम से कांग्रेस के नेता अपना घर भर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को लोगों को बताना चाहिए कि दुबई में बैठे लोगों से उनके क्या संबंध हैं। केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा है कि भूपेश बघेल सत्ता में रहकर सट्टे का खेल खेल रहे हैं।
कांग्रेस ने ईडी की कार्रवाई पर उठाए सवाल
वहीं, पूरे मामले में कांग्रेस ने ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिका अर्जुन खरगे ने कहा कि ईडी के छापे कांग्रेस कार्यकर्ताओं के मनोबल को नहीं गिरा सकते हैं। वहीं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केन्द्र सरकार से सवाल पूछा कि सरकार ने महादेव एप को बंद क्यों नहीं किया। उन्होंने अपने एक्स एकाउंट पर लिखा है कि पांच साल पूर्व भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री रमण सिंह ने भी इस मामले में उन्हें फंसाने की कोशिकश की थी। अब ईडी के माध्यम से केन्द्र सरकार मेरे खिलाफ षड़यंत्र कर रही है।
महादेव बैटिंग एप में नाम आने से किसको होगा नुकसान, किसको होगा लाभ ?
छत्तीसगढ़ में चुनास से ठीक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम महादेव बैटिंग एप घोटाले एवं मनी लॉडरिंग मामले में जुड़ने से चुनावी समीकरण तेजी से बदलते हुए दिखाई दे रहे हैं। ऊपरी तौर पर भाजपा को चुनावी प्रचार में इसका लाभ मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा नेता इस मामले को चुनावी सभा में उठा रहे हैं। चुनाव में बचे दिनों में भाजपा इस मुद्दे को उठाकर कांग्रेस की सबसे मजबूत कड़ी कहे जा रहे भूपेश बघेल रूपी अस्त्र को निष्क्रिय करना चाहती है। कांग्रेस भूपेश बघेल की जिस स्वच्छ छवि को लेकर चुनावी मैदान में दंभ ठोक रही थी भाजपा शेष चुनावी सभाओं में इस मुद्दे को उठाकर यह साबित करना चाहती है कि कांग्रेस और भूपेश बघेल की स्वच्छ छवि झूठ कहानी है। दरअसल, कांग्रेस और भूपेश बघेल भ्रष्टाचार से जुड़े हैं।
भाजपा महादेव एप को लेकर राजनीतिक लाभ लेना चाहती है। इस मुद्दे का किसको कितना लाभ होगा और कितनी हानि होगी, इसका आखिरी निर्णय जनता ही करेगी। भूपेश बघेल को लेकर छत्तीसगढ की जनता के मन में जो छवि बनी हुई है, उसको चुनाव से पहले पलटना भाजपा के लिए आसान नहीं है। वहीं, पूरे देश में जिस तरह की ईडी की कार्रवाई हो रही है, उससे पूरा विपक्ष ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है। ईडी की कार्रवाई सही है या गलत यह कोर्ट तय करेगा। लेकिन कार्रवाई की टाइमिंग को लेकर पूरा विपक्ष खुद को सत्ता पक्ष से पीडित बताकर अपना बचाव करने में जुटा है। यदि कांग्रेस और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ जनता की नजरों में खुद को राजनीतिक षडयंत्र का शिकार हुआ साबित करने में कामयाब हो गए तो भाजपा का यह दाव खुद भाजपा को भारी पड़ सकता है। वहीं, चुनाव में बचे हुए समय में यदि भाजपा के नेता मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की छवि को भेदने में कामयाब हो गए और छत्तीसगढ़ की जनता भाजपा के नजरिए से परिस्थितियों को देखने लगी तो कांग्रेस का छत्तीसगढ़ का किला ढहने में समय नहीं लगेगा। दरअसल, राजनीति में मिले घाव का उपचार जनता के हाथों में होता है। जनता के एक हाथ में मरहम होता है तो दूसरे हाथ में नमक। यह जनता को तय करना है कि वह घाव पर नमक रगड़ती है या फिर मरहम लगाती है।