राष्ट्रीय

जिले का नाम बदलने के विरोध में प्रदर्शन, मंत्री और विधायक के घर में लगाई आग, 20 पुलिसकर्मियों को भी आई चोटें

Protest against renaming of district, minister and MLA's house set on fire, 20 policemen also received injuries

Panchayat 24 : जिले का नाम बदलने के लिए किए गए प्रस्‍ताव के विरोध में स्‍थानीय लोगों ने जबरदस्‍त विरोध प्रदेर्शन किया। प्रदर्शन को उग्र होता देख पुलिस ने लाठी चार्ज की। इसके बाद प्रदर्शनकारी उग्र हो गए। पुलिसकर्मियों पर पथराव किया और आगजनी  की। कई वाहनों को भी क्षतिग्रस्‍त कर दिया। राज्‍य के परिवहन मंत्री और वाईएसआर कांग्रेस के विधायक के घर में आग लगा दी। मामला आंध्र प्रदेश के नवगठित कोनासीमा जिले का है।

क्‍या है पूरा मामला

मीडिया रिपोर्ट की माने तो यह सारा मामला उस समय शुरू हुआ जब बीते 4 अप्रैल को पूर्वी गोदावरी से काटकर कोनासीमा जिला बनाया गया था। राज्‍य सरकार ने हाल ही में कोनासीना जिले का नाम बदलकर बीआर अंबेडकर कोनासीमा करने के लिए अधिसूचना जारी कर लोगों से आपत्ति मांगी थी। कोनासीमा साधन समिति ने जिले का नाम बदलने पर आपत्ति दर्ज कराई थी। समिति ने जिले में धारा 144 लागू होने के बावजूद जुलूस में अपनी आपत्ति दर्ज कराने के लिए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। रोकने का प्रयास किया गया लेकिन ज्ञापन सौंने की जिद की। इस दौरान विरोध प्रदर्शन शुरू किया गया था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को ऐसा करने से रोकने की कोशिश की। इससे आन्‍दोलन उग्र हो गया और अमलापुराम में तोड़फोड़ और आगजनी शुरू हो गई।

उग्र भीड़ के निशाने पर आए मंत्री और विधायक के घर 

उग्र होती भीड़ ने अमालापुरम शहर में परिवहन मंत्री पी विश्वरूपा और मुम्मिडीवरम के वाईएसआर पार्टी के विधायक पी.सतीश के घर को आग के हवाले कर दिया। दोनों के परिवारों को पुलिस ने किसी तरह सुरक्षित जगह पर पहुंचाया। प्रदर्शनकारियों के पथराव में लगभग  20 पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं।

सब राजनीतिक दलों का किया धरा : गृहमंत्री

आंध्र प्रदेश की गृहमंत्री तानेती वनिता ने इस हिंसा के पीछे राजनीतिक दलों की साजिश बताई है। उन्‍हों कहा कि कुछ राजनीतिक दल असामाजिक तत्‍वों को आगे कर हिंसा फैला रहे हैं। 20 पुलिसकर्मियों भी घायल हुए हैं। मामले की जांच बारीकी से की जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 

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