हापुड़ में मां, बेटी और बेटे की मौत की अचरज भरी कहानी, जिसने भी सुना वह रह गया आश्चर्यचकित, क्या है पूरा मामला ?
The surprising story of the death of mother, daughter and son in Hapur, whoever heard it was left astonished, what is the whole matter?

Panchayat 24 : हापुड़ जिले के एक गांव में मां, बेटी और एक बेटे की मौत की हतप्रभव कर देने वाली घटना घटी है। घटना के बारे में जिसको भी जानकारी हुई वह आश्चर्यचकित हो गया। तीनों को उपचार के लिए अस्पताल में भी भर्ती कराया गया लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना के बाद गांव में कोहराम मच गया। गांव में पूरी तरह से मातम पसर गया। शोक की लहर में डूबे गांव में चूल्हे भी नहीं जले।
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के अनुसासर हापुड़ जिले के बहादुरगढ कोतवाली क्षेत्र में स्थित सदरपुर गांव में रिंकू सिंह नामक एक व्यक्ति परिवार के साथ रहता है। वह मेहनत मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण कर रहा था। परिवार की आर्थिक हालत अच्छी नहीं है। बीते रविवार को वह कमरे में सो रहा था। वहीं, उसकी पत्नी पूनम (30), बेटी साक्षी (12) और बेटा कनिष्क (9) कमरे के बाहर जमीन पर बिस्तर लगाए लेट रहे थे। सोमवार तड़के लगभग 3 बजे रिंकू की आंख खुली तो वह कमरे से बाहर आ गया। उसने देखा कि उसकी पत्नी, बेटी और बेटा अचेत अवस्था में जमीन पर पड़े हुए हैं। आवाज देने पर भी वह कोई प्रतिक्रया नहीं दे रहे हैं। उनके मुंह से झाग आ रहा था।
मां, बेटी और बेटे की मौत के पीछे की मुख्य वजह
रिंकू के विलाप की आवाज सुनकर आस पड़ोस के लोग भी मौके पर पहुंच गए। पड़ोसियों ने पूनम, साक्षी और कनिष्क को इस अवस्था में देखा तो उनके होश उड़ गए। ध्यान से देखने पर पता चला कि तीनों के शरीर पर सर्प दंश के निशान है। पड़ोसियों की मदद से तीनों को उपचार के लिए करीब के अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने साक्षी एवं कनिष्क की गंभीर हालत को देखते हुए मेरठ के लिए रेफर कर दिया। वहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। वहीं, उपचार के दौरान पूनम की भी मौत हो गई।
रिंकू को चिकित्सकों की बात पर विश्वास नहीं हुआ, बच्चों को उपचार के लिए झाड़फूंक करने वाले के पास भी ले गया
मेरठ में चिकित्सकों द्वारा साक्षी एवं कनिष्क की मौत की पुष्टि करने के बाद भी रिंकू को विश्वास नहीं हो रहा था कि उसकी बेटी और बेटे अब इस दुनिया में नहीं रहे हैं। उसको भरोसा था कि यदि सांप के काटे का जहर उतारने वाला उसके बच्चों को ठीक कर देगा। इसी उम्मीद में वह अपनी बेटी और बेटे के शव को लेकर बुलन्दशहर के स्याना में झाड फूंक कराने वाले के पास ले गया। लेकिन यहां पर भी कोई लाभ नहीं हुआ।
मौके पर पहुंचे अधिकारी, मदद का दिया आश्वासन
घटना की जानकारी होने के बाद एसडीएम साक्षी शर्मा तथा तहसीलदार धर्मेन्द्र सिंह राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीडित परिजनों को सांत्वना दी। एसडीएम साक्षी शर्मा ने कहा कि यह दुखद घटना है। घटना के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। पीडित परिवार की हर आवश्यक सहायता दिलाई जाएगी।