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वहीं हुआ जिसका उद्धव ठाकरे को डर था, एकनाथ शिंदे ने शिवसेना पर ठोका दावा

What happened Uddhav Thackeray feared, Eknath Shinde slams Shiv Sena

Panchayat24 : महाराष्‍ट्र की राजनीति तेजी से रंग बदल रही है। धीरे धीरे महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के हाथों से बाजी फिसती दिख रही है। वहीं बीजेपी धीरे धीरे पिक्‍चर में बड़ी होती दिखाई दे रही है। उद्धव ठाकरे के बॉडी लेंग्‍वेज से भी यह प्रदर्शित हो रहा है कि वह एक हारी हुई बाजी लड़ रहे हैं। इसके बावजूद वह इस लड़ाई को जीतने में कामयाब हो जाते हैं तो यह किसी चमत्‍कार से कम नहीं होगा। बहरहाल महाराष्‍ट्र की राजनीति के समीकरण उसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं जिसका उद्धव ठाकरे को डरसता रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शिवसेना के बागी गुट एकनाथ शिंदे ने गुवाहाटी के होटल से ही एक बार फिर शिवसेना पर दावेदारी ठोकते हुए कहा कि वह हिन्‍दुत्‍व के मुद्दे को आगे ले जा रहे हैं हम शिवसेना में ही हैं। हमारे पास साथ 50 विधायक हैं।

गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी अध्‍यक्ष जेपी नड्डा से मिले फडनवीस

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार महारष्‍ट्र के पूर्व मुख्‍यमंत्री देवेन्‍द्र फडनवीस दोपहर को दिल्‍ली पहुंच चुके हैं। यहां वह गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी अध्‍यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि जिस तरह महाराष्‍ट्र में राजनीतिक घटनाक्रम घट रहा है उस पर देवेन्‍द्र फडनवीस पार्टी के दोनों वरिष्‍ठ नेताओं से चर्चा करेंगे। दरअसल, दिल्‍ली से ही देवेन्‍द्र फडनवीस को हरी झंडी मिलने के बाद वह महाराष्‍ट्र में सरकार गठन के लिए रफ्तार बढ़ाऐंगे। बता दें कि अभी तक महाराष्‍ट्र भाजपा ईकाई राज्‍य के राजनीतिक घटनाक्रम पर निगाह बनाए हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट की माने तो एकनाथ शिंदे भी शाम तक दिल्‍ली आ सकते हैं।

उद्धव को सरकार जाने का डर नहीं, पार्टी बचाने की चिंता

महाराष्‍ट्र में जिस तरह से शिवसेना की गुटबाजी के कारण राजनीतिक माहौल बन गया है उससे मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे को विश्‍वास हो चुका है कि देर सवेर उनकी कुर्सी का जाना तय है। लेकिन जिस तरह से पार्टी में बगावत हुई है, उससे उनके ऊपर पार्टी को बचने को लेकर भारी दबवा है। पार्टी को बचाने के लिए वह हर प्रयत्‍न कर रहे हैं। बागी विधायकों को पहले धमकाया गया, फिर डराया गया और उनके संस्‍थानों पर शिवसेनिकों द्वारा जमकर उपद्रव भी किया गया। अन्‍त में उन्‍होंने बागी विधायकों से भावुक अपील भी की है। लेकिन अभी तक वह सफल होते दिखाई नहीं दे रहे हैं।

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