गिर गई उद्धव ठाकरे सरकार, मुख्यमंत्री और विधान परिषद सदस्यता से दिया इस्तीफा, पार्टी बचेगी या नहीं, पता नहीं
Uddhav Thackeray government fell, resigned from the Chief Minister and Legislative Council membership, whether the party will survive or not, do not know
Panchayat24 : महाराष्ट्र की राजनीति का में चल रही अनिश्चिताओं का दौर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के इस्तफे के बाद थम गया। उन्होंने विधान परिषद की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया। दरअसल, इस घटनाक्रम की दिशा उस समय तय हो गई जब सुप्रीम कोर्अ ने शिवसेना की सभी दलीलों को दरकिनार करते हुए गुरूवार को राज्यपाल द्वारा विधानसभा का विशेष सत्र बुलाए जाने और फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दिया। उद्धव ने शिंदे गुट से नाराजगी का इजहार करते हुए कहा कि जो धोखा दे सकते थे, वह साथ रहे और अपनों ने धोखा दे दिया। उद्धव ने फेसबुक लाइव में कहा कि मुझे फ्लोर टेस्ट से कोई मतलब नहीं है। मैं मुख्यमंत्री का पद छोड़ रहा हूं। शिवसेना मेरे पास है। इसे मुझसे कोई नहीं छीन सकता। उन्होंने शरद पवार और सोनिया गांधी का धन्यवाद दिया। उद्धव ठाकरे ने 28 नवंबर 2019 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और 29 जून 2022 को इस्तीफा दे दिया।
भाजपा समर्थकों में खुशी, मिठाईयां बांटी
उद्धव के इस्तीफे के ऐलान के बाद भाजपा विधायकों में खुशी का माहौल है। ताज होटल में चल रही भाजपा विधायकों की बैठक उत्साहित होकर नारेबाजी की। कई विधायकों ने देवेंद्र फडणवीस को मिठाई खिलाकर महाविकास अघाड़ी सरकार गिरने का प्रसन्नता जाहिर की। वहीं शिंदे गुट के विधाक आज शाम को गुवाहाटी से गोवा के लिए चार्टडे प्लेन से गोवा के लिए निकल गए। खबर है कि एक जुलाई तक देवेन्द्र फडनवीस महराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।
कई अहम निर्णय लेकर गए उद्धव
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उद्धव ठाकरे ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा फ्लोर टेस्ट पर दिए फैसले के बाद ही इस्तीफे का मन बना लिया था। लेकिन उन्होंने इस्तीफा देने से पूर्व कई अहम निर्णय लिए। संजय पांडे के स्थान पर विवेक फणसलकर को नया पुलिस कमिश्नर बनाया। सांगली के जिलाधिकारी डॉ अभिजीत चौधरी को औरंगावाद का म्यूनिसिपल कमिश्नर बनाया।
जाते जाते हिन्दुत्व का बड़ा दवा चल गए उद्धव ठाकरे
मीडिया रिपोर्ट के अनुयार उद्धव ठाकरे ने राज्यपाल को इस्तीफा सौपने से पूर्व अपनी कैबिनेट बैठक में औरंगावाद जिले कानाम बदलकरसंभाजीनगर और उस्मानाबाद का नाम बदलकर धाराशिव कर दिया। जानकारों की माने तो उद्धव भले ही इस पारी को हार गए हो, लेकिन वह अगली पारी को मजबूती से खेलने की नींव रख गए हैं। दोनों जिलों के नाम को बदलकर उन्होंने शिवसेना के हिन्दुत्व के मार्ग पर होने का राजनीतिक संदेश दिया है। उद्धव ने नवी मुंबई एयरपोर्ट का नाम भी डीवाई पाटिल एयरपोर्ट रख दिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सपा और कांग्रेस ने इसका विरोध किया।