बुलडोजर संग लोगों ने अजनारा बिल्डर के खिलाफ किया प्रदर्शन
People demonstrated against Ajnara builder with the symbol of bulldozer
Panchayat24 : अजनारा बिल्डर के खिलाफ अनिश्चित कालीन धरना दे रहे अजनारा होम्स और अजनारा ली गार्डेन सोसायटी के लोगों ने रविवार को ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित एक मूर्ति पर जमकर धरना प्रदर्शन किया। लोगों ने बिल्डर पर सोसायटी के लोगों से धोखेबाजी करने का आरोप लगाते हुए रेरा, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबजी करते हुए उनकी समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने माफियाओं और अपराधिक प्रवृति के लोगों पर कड़ी कार्रवाई का प्रतीक बन चुके बुलडोजर के साथ प्रदर्शन किया।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, अजनारा होम्स सोसायटी में पिछले कई सप्ताह से बिल्डर के खिलाफ निश्चित कालीन धरना चल रहा है। वहीं, अजनारा बिल्डर के खिलाफ ही ली गार्डन सोसायटी में अनिश्चत कालीन धरने का का 85 वा दिन है। लोगों का आरोप है कि उन्होंने सपनों के घर के लिए अपने जीवन की गाढ़ी कमाई बिल्डर की बातों पर विश्वास करके उसे सौंप दी है। लेकिन बिल्डर मनमानी कर रहा है। सोसायटी में क्लब, पार्किंग, किड्स स्पेश और कई तरह की मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। इसके बावजूद उनसे मेनटेनेंस के नाम पर भारी भरकम रकम की लूट की जा रही है। कई बार शासन, प्रशासन से इसकी शिकायत की गई है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बच्चों के भविष्य का सवाल
लोगों का कहना है कि यह हमरे बच्चों के भविष्य का सवाल है। बच्चों के भविष्य से हम कोई समझौता नहीं करेंगे। चाहे इसके लिए हमें बिल्डर के खिलाफ आरपार की लड़ाई ही क्यों न लड़नी पड़े। बिल्डर के मनमाने रवैये को देखते हुए सोसायटी के लोगों ने बिल्डर के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है। लोगों का कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती। धरना जारी रहेगा।
पीडित परिवारों का सवाल-बिल्डर माफियाओं पर कब चलेगा बुलडोजार?
बिल्डर के मनमाने रवैये से पीडि़त परिवार के लोगों ने शासन प्रशासन में बैठे अधिकारियो से पूछा कि अजनारा बिल्डर के माफियागिरी के खिलाफ बुलडोजर कब चलेगा ? प्रशासन के नाक के नीचे बिल्डर ने सुविधा के नाम पर करोड़ों रुपए निवासियों से लूट लिया। उसका हिसाब क्यों नही लिया जाता? लोगों का कहना है कि क्या सरकार और शासन इन बिल्डरों की धोखाधड़ी को अपराध नहीं मानती या फिर बिल्डर इतने बड़े हो गए है कि उन्हें सरकार की कार्रवाई का भय नहीं है। सरकार के पास इनके अपराधों को अनदेखा करने का कोई विकल्प नहीं है। या फिर सरकार को होम बायर्स का शोषण और दर्द दिखाई नहीं दे रहा है।
रेरा सफेद हाथी साबित हो रहा है ?
धरना प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि बिल्डर की मनमानी और होम बायर्स के शोषण को रोकने के लिए रेरा का गठन किया गया था। लेकिन जिस तरह से पिछले समय में रेरा की कार्यशैली को लेकर लोगों का अनुभव रहा है, उससे यही प्रतीत होता है कि रेरा जैसी संस्था भी सफेद हाथी ही साबित हो रही है। जिन अधिकारियों ने बिना स्थलीय जांच के बिल्डर के लिए ओसी जारी कर दिए गए, उनकी जिम्मेदारी कौन तय करेगा ? मेंटेनेंस के नाम पर हर महीने हमारी जेब काटने वालों का हिसाब कौन करेगा?