सिकन्द्राबाद औद्योगिक क्षेत्र की बदलेगी तस्वीर, हजारों औद्योगिक इकाइयों और आसपास के गांवों को होगा लाभ
The picture of Secunderabad industrial area will change, thousands of industrial units and surrounding villages will benefit

Panchayat 24 : सिकन्द्राबाद औद्योगिक क्षेत्र का विचार मन में आते ही कुछ ऐसी तस्वीर सामने आती है जहां सड़कें पूरी तरह से टूटी हुई है। केवल टूटी अथवा क्षतिग्रस्त ही नहीं है, एक से दो फुट गहरे गड्ढे भी है़ं। औद्योगिक इकाइयों और आसपास खाली पड़े प्लॉटों में जल भराव है, जो औद्योगिक इकाइयों और स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब है। सड़क पर कहीं धूल उड़ रही है तो कहीं पर जल जमाव की समस्या है। इस क्षेत्र से गुजरने वाले लोग बस इसी आशा में रहते हैं कि काश कोई ऐसा भी दिन आए जब इस क्षेत्र की तस्वीर पूरी तरह से बदल जाए। लेकिन अब लोगों का यह सपना सच होने जा रहा है।
बदल जाएगी तस्वीर
बदहाली की कहानी बयां करने वाले सिकन्द्राबाद औद्योगिक क्षेत्र की तस्वीर बदलने वाली है। यूपीसीडा ( उत्तर प्रदेश औद्योगिक राज्य विकास प्राधिकरण) ने इसके विकास का खाका तैयार कर लिया है। इस कार्य के लिए प्राधिकरण लगभग 87 करोड़ रूपया खर्च करेगा। इस बजट से सिकन्द्राबाद औद्योगिक क्षेत्र की सड़कें और जल जमाव की समस्या का पूर्ण समाधान हो जाएगा। अधिकारियों की माने तो इस दिशा में कुछ कार्य हो चुका है। वहीं, शेष विकास कार्य जल्द ही शुरू हो जाएगा। इसके संबंध में औपचारिक प्रक्रिया चल रही है।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, जिला बुलन्दशहर का सिकन्द्राबाद औद्योगिक क्षेत्र यूपीसीडा के सर्किल-8 के अन्तर्गत आता है। यहां लगभग बारह सौ औद्योगिक इकाइयां संचालित है। इसके बावजूद सिकन्द्राबाद औद्योगिक क्षेत्र में सड़क और जल भराव की बड़ी समस्या बनी रही है। यूपीसीडा ने सड़क और जल भराव की समस्या के समाधान के लिए फुलप्रूफ समाधान तैयार किया है। सड़कों की समस्या के समाधान के लिए लगभग 24 करोड़ रूपये खर्च किए जाएंगे। इस बजट से लगभग 22 किमी से अधिक लंबाई की सड़कों का पूरी तरह कायाकल्प हो जाएगा। इसमें से 12 करोड़ रूपये रूपये खर्च करके 10 किमी लंबी सड़क और 4 किमी की ड्रेनेज लाइन का काम पूरा हो चुका है। शेष 12 किमी सड़क के निर्माण के लिए 12 करोड़ के बजट का टेंडर जारी हो चुका है। जल्द ही टेंडर खुलने के साथ ही शेष 12 किमी सड़क निर्माण भी शुरू हो जाएगा। वहीं, सम्पूर्ण औद्योगिक क्षेत्र में सीवर लाइन के लिए 63 करोड़ का बजट खर्च किया जाएगा।
आईआईटी दिल्ली ने तैयार की है आरसीसी ड्रेनेज की डीपीआर
सिकन्द्राबाद औद्योगिक क्षेत्र में जल भराव की समस्या के समाधान के लिए पूरे क्षेत्र में सीवर लाइन बिछाए जाने की तैयारी की जा रही है। सीवर लाइन बिछाने से पूर्व आईआईटी दिल्ली ने इसका सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट के आधार पर ड्रेनेज लाइन की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार हो चुकी है। ड्रेनेज के लिए प्री-कास्ट स्ट्रक्चर तैयार किए जाएगा। ड्रेनेज स्ट्रक्चर के लिए हाइड्रोलिक डिजाइन और स्ट्रक्चरल डिजाइन तकनीकों का प्रयोग किया जाएगा।
इन गांवों को होगा लाभ
सिकन्द्राबाद औद्योगिक क्षेत्र में सड़क और आरसीसी ड्रेनेज लाइन का जाल बिछने के बाद यहां पर स्थित लगभग 12 सौ औद्योगिक इकाइयों और आसपास के दर्जन भर से अधिक गांवों को इसका लाभ मिलेगा। इनमें गोपालपुर, किशनपुर, सैंथली, किशनपुर, तिल बेगमपुर और जोखाबाद आदि गांव शामिल हैं।
सिकन्द्राबादऔद्योगिक क्षेत्र में टूटी सड़कों और जल भराव की समस्या समाधान यूपीसीडा द्वारा किया जा रहा है। कुछ कार्य हो चुका है। शेष कार्य की प्रक्रिया चल रही है। सड़क निर्माण और आरसीसी ड्रेनेज निर्माण के बाद इस तरह की समस्याएं पूरी तरह से हल हो जाएंगी। इसके लिए लगभग 87 करोड़ का बजट खर्च किया जा रहा है।
———– एन के जैन, सीनियर मैनेजर, यूपीसीडा