कासना–सिरसा मार्ग का होगा चौड़ीकरण, ईस्टर्न पेरिफेरल तक आवागमन होगा सुगम
The Kasna-Sirsa road will be widened, making travel to the Eastern Peripheral Expressway easier.

Panchayat 24 ( ग्रेटर नोएडा) : ग्रेटर नोएडा के कासना से सिरसा होते हुए ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तक जाने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। इस महत्वपूर्ण मार्ग को और सुगम बनाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने कासना से सिरसा तक सड़क चौड़ीकरण और सिरसा से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के एंट्री प्वाइंट तक सड़क की रिसर्फेसिंग कराने का फैसला लिया है।
प्राधिकरण के अनुसार कासना से सिरसा गोलचक्कर तक करीब दो किलोमीटर लंबे मार्ग को तीन लेन से बढ़ाकर चार लेन किया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 9.5 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और मार्च माह से निर्माण कार्य आरंभ होने की संभावना है।
वहीं सिरसा गोलचक्कर से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे एंट्री प्वाइंट तक सड़क की रिसर्फेसिंग के लिए प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) से सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है। यह कार्य आधुनिक मिलिंग पद्धति से किया जाएगा, जिससे सड़क की ऊंचाई नहीं बढ़ेगी और पुनर्चक्रित सामग्री के उपयोग से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। इस कार्य में लागत भी अपेक्षाकृत कम आएगी।
सिरसा रोटरी से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तक रिसर्फेसिंग का कार्य टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुरू किया जाएगा, जिसे पूरा करने में लगभग छह माह का समय लगेगा। दोनों परियोजनाओं का क्रियान्वयन प्राधिकरण के परियोजना विभाग के वर्क सर्किल-7 द्वारा किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। साथ ही नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ानें शुरू होने की संभावना को देखते हुए इस सड़क की उपयोगिता और भी बढ़ गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एन.जी. रवि ने दोनों मार्गों को शीघ्र दुरुस्त कराने के निर्देश दिए हैं।
इससे पहले प्राधिकरण द्वारा शहर की प्रमुख 80 मीटर चौड़ी सड़क पर भाटी रोटरी से कासना तक और सिरसा से भाटी रोटरी तक लगभग 2.30 किलोमीटर लंबे हिस्से का सुधार कार्य करीब 7 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जा चुका है।
प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने बताया कि इन दोनों मार्गों का कार्य तय समय सीमा में पूरा कराया जाएगा, जिससे क्षेत्र के लोगों और यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।



