जानिए कहां गरजा प्राधिकरण का बुलडोजर : अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त कर मुक्त कराई 100 करोड़ की सम्पत्ति
Know where the bulldozer of the Gaj authority: 100 crores property was liberated by demolishing illegal colonies
Panchayat 24 : ग्रेटर नोएडा औद्योयोगिक विकास का बुलडोजर वीरवार को जमकर गरजा। इस दौरान प्राधिकरण अधिसूचित जमीन पर अवैध तरीके से काटी गई कॉलोनी को घंटों की कार्रवाई के बाद ध्वस्त कर दिया गया। प्राधिकरण का दावा है कि लगभग 50 हजार वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, धूममानिकपुर गांव में प्राधिकरण की अधिसूचित की 50 हजार वर्ग मीटर जमीन पर लेविस ग्रीन, रमेश एंक्लेव, पृथ्वी रेजीडेंसी और राजश्री एंक्लेव के नाम से काॅलोनी काटी जा रही थी। सूचना मिलने पर प्राधिकरण की ओर से कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी किए थे। इसके बावजूद कॉलोनाइजरों ने प्राधिकरण के नोटिस को नजरंदाज किया। परिणामस्वरूप वीरवार को प्राधिकरण का अतिक्रण हटाओ दस्ते के साथ सम्बन्धित विभाग के महाप्रबंधक परियोजना एके अरोड़ा, उप महाप्रबंधक केआर वर्मा, वरिष्ठ प्रबंधक श्यौदान सिंह की टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान स्थानीय पुलिस और पीएसी की मौजूदगी में अतिक्रमण को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की गई।
मुक्त कराई गई जमीन की बाजार दर से कीमत है 100 करोड़
प्राधिकरण द्वारा अतिक्रमण मुक्त कराई गई इस जमीन की बाजार वैल्यू 100 करोड रूपये बताई जा रही है। प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि प्राधिकरण की अधिसूचित क्षेत्र में किसी तरह का अतिक्रमण करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, दादरी बाइपास बनने के बाद कॉलोनाइजरों की नजर इसके आसपास की जमीनों पर है। कई कॉलोनाइजरों ने तेज दिखाते हुए कई कॉलोनिया काट भी दी है।प्राइम लोकेशन के लालच में बहुत से लोगों ने अपने जीवन की गाढ़ी कमाई खर्च कर यहां अपने सपनों का आशियाना बनने के लिए जमीन प्लॉट खरीदे थे।
घंटों चली कार्रवाई
प्राधिकरण की ओर से अतिक्रमण हटाओ दस्ते में शामिल पांच बुल्डोजरों ने लगातार कार्रवाई की कर दादरी बाइपास के करीब स्थित चिन्हित जमीन से अतिक्रमण को हटाया। महाप्रबंधक परियोजना एके अरोड़ा ने इन कालोनाइजरों को चेतावनी दी है कि अगर दोबारा से जमीन कब्जाने की कोशिश की गई तो सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण के सीईओ व मेरठ मंडलायुक्त सुरेन्द्र सिंह ने चेतावनी दी है कि प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति ने अवैध कब्जा करने की कोशिश की तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीईओ ने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
कॉलोनाइजर पर कार्रवाई क्यों नहीं ?
प्राधिकरण ने वीरवार को धूममानिकपुर गांव और दादरी बाइपास के करीब काटी गई कॉलोनियां पर बुलडोजर चला दिया। लेकिन प्राधिकरण की इस कार्रवाई पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। सवाल यह कि जब यह कॉलोनिया काटी जा रही थी, उस समय सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों ने इस पर ध्यान क्यों नहीं दिया। प्राधिकरण की इसी लापरवाही के कारण कॉलोनाइजरों ने भोलेभाले लोगों को यह विश्वास दिलाया जाता है कि उनकी कॉलोनी प्राधिकरण अधिसूचित क्षेत्र से बाहर है। यदि उनकी कॉलोनी अधिसूचित क्षेत्र में होती तो अभी तक प्राधिकरण उनके खिलाफ कार्रवाई कर चुका होता। प्राधिकरण की लापरवाही के कारण प्लॉट खरीददारों को कॉलोनाइजरों की बातों पर विश्वास हो जाता है। जब प्राधिकरण अतिक्रमण हटा रहा है, ऐसे में कॉलोनाइजर मुनाफा कमाकर निकल गया। मध्यम वर्ग और निचले तबके के लोगों के जीवन की गाढ़ी कमाई पर प्राधिकरण ने बुलडोजर चला दिया।
बड़ा सवाल प्राधिकरण के जिम्मेवार अधिकारियों पर कार्रवाई कब ?
प्राधिकरण एक के बाद एक लगातार ताबड़तोड़ कार्रवाई कर अवैध निर्माण को गिरा रहा है। लेकिन बड़ा सवाल यह भी खड़ा होता है कि इसमें प्राधिकरण के सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों की भूमिका की जांच कब की जाएगी? जिम्मेवार अधिकारियों पर कार्रवाई कब की जाएगी ? मुनाफा कमाने के लालच में भोलीभाली जनता को ठगने वाले कॉलोनाइजरों पर गाज कब गिरेगी?