ताजमहल के बंंद 22 कमरों को खोलने के लिए याचिका दायर
Petition filed to open closed 22 rooms of Taj Mahal
Panchayat 24 : वाराणसी में श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे तथा वीडियोग्राफी के विरोध के बीच आगरा के ताजमहल के 20 कमरों को खोले जाने की मांग की है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में एक याचिका दायर कर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को ताजमहल के 22 बंद कमरों की जांच करने का निर्देश देने की मांग की गई है जिससे लोगों को पता लगाया जा सके कि यहां हिंदू देवताओं की मूर्तियों तो नहीं हैं। याचिका में कहा गया है कि बंद दरवाजों के पीछे हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों को बंद करके रखा है। याचिका में कुछ इतिहासकारों और हिंदू समूहों द्वारा स्मारक के पुराने शिव मंदिर होने की बात कही गई है।
आगरा निवासी याचिकाकर्ता डॉ रजनीश कुमार ने याचिका में कहा गया है कि कुछ ऐसे ऐतिहासिक साक्ष्य एवं तथ्य सामने आ रहे हैं जिससे इस इमारत के शिव मन्दिर होने के दावे किए जा रहे हैं। वहीं, कई इतिहासकार इसे मुगल सम्राट शाहजहां द्वारा निर्मित ताजमहल के रूप में मानते हैं। जबकि कुछ लोगों का यह भी मानना है कि तेजो महालय उर्फ ताजमहल एक ज्योतिर्लिंग है। इसके अतिरिक्त पीएन ओक जैसे इतिहासकार और करोड़ों हिंदू उपासकों का विश्वास है कि इन बंद कमरों में भगवान शिव का मंदिर है।
याचिकाकर्ता ने कहा कि वह इससे पहले साल 2020 में केन्द्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय में एक आरटीआई दायर कर कमरों के बारे में जानकारी मांग चुके हैं । आरटीआई के जवाब में संस्कृति मंत्रालय ने केन्द्रीय सूचना आयोग को सूचित किया कि इन कमरों को सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया था।। इन बंद कमरों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी।
बता दें कि पिछले लम्बे समय से एक पक्ष के द्वारा ताजमहल को तेजोमहल होने का दावा किया जाता रहा है। कई बार हिन्दूवादी संगठनों द्वारा ताजमहल में आरती करने का भी प्रयास किया गया है। हाल ही में जगतगुरू परमहंसाचार्य ने भी ताजमहल को तेजोमहल होने का दावा करते हुए यहां शिव पूजा करने की बात कही थी। ताजमहल परिसर में उनके प्रवेश को रोक दिया गया था। बाद में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही थी।