उत्तर प्रदेश

बदायूं लोकसभा सीट पर सपा कर सकती है उम्‍मीदवार के नाम में बदलाव, जानिए कहां से चुनाव लड़ना चाहते हैं शिवपाल ?

SP may change the name of the candidate for Badaun Lok Sabha seat, know from where Shivpal wants to contest elections?

Panchayat 24 : उत्‍तर प्रदेश की बदायूं लोकसभा सीट को लेकर समाजवादी पार्टी में कई तरह की चर्चाएं चल रही है। यह सीट समाजवादी पार्टी के लिए सुरक्षित मानी जाती है। समाजवादी पार्टी इस सीट पर पार्टी के वरिष्‍ठ नेता शिवपाल सिंह यादव को लड़ाने की घोषणा कर चुकी है। खबर है कि शिवपाल सिंह यादव इस सीट पर चुनाव लड़ने को लेकर रूचि नहीं दिखा रहे हैं। चर्चा है कि शिवपाल सिंह यादव उत्‍तर प्रदेश की किसी अन्‍य सीट पर चुनाव लड़ने का मन बना रहे हैं। पिछले कुछ समय में बदायूं में पार्टी के कार्यक्रमों में हुए बदलाव के बाद इस प्रकार की चर्चाएं काफी तेज हो गई है। बदायूं से टिकट की घोषणा होने के लगभग 15 दिन बाद भी यहां पर चूनावी तैयारियों शुरू नहं हो सकी हैं। ऐसे में पार्टी बदायूं लोकसभा सीट पर अपना उम्‍मीदवार बदल सकती है।

दरअसल, लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी समाजवादी पार्टी ने उत्‍तर प्रदेश में सबसे पहले अपने उम्‍मीदवारों की सूची जारी की है। इन सीटों में बादयूं लोकसभा सीट भी शामिल है। मुस्लिम यादव बाहुल्‍य इस सीट पर समाजवादी पार्टी का काफी दबदबा रहा है। पार्टी के वरिष्‍ठ नेता धर्मेन्‍द्र यादव यहां से चुनाव लड़ते रहे हैं। साल 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में भाजपा की संघमित्रा मौर्य ने धर्मेन्द्र  यादव को चुनाव हरा दिया था। धर्मेन्द्र यादव साल 2024 के लोकसभा चुनाव की भी तैयारी कर रहे थे। पार्टी का एक धड़ा धर्मेन्‍द्र यादव को बदायूं से चुनाव लड़ाने की पैरोकारी करता रहा है लेकिन पार्टी के कुछ वरिष्‍ठ नेता धर्मेन्‍द्र यादव से नाराज बताए जाते हैं। उन्‍होंने ही धर्मेन्‍द्र यादव को बदायूं से दोबारा चुनाव नहीं लड़ाए जाने की बात पार्टी के शीर्ष नेतृत्‍व के सामने रखी थी। पार्टी नेतृत्‍व ने बदायूं लोकसभा सीट को अपने कब्‍जे में लेने के लिए शिवपाल सिंह यादव को यहां से चुनाव मैदान में उतारा था।

कहां से चुनाव लड़ना चाहते हैं शिवपाल सिंह यादव ?

सूत्रों की माने तो शिवपाल सिंह यादव बदायूं से चुनाव नहीं लड़ना नहीं चाते हैं। बदायूं में तेजी से हुए राजनीतिक बदलाव के चलते शिवपाल सिंह यादव उत्‍तर प्रदेश की संभल लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ने के इच्‍छुक बताए जाते हैं। जानकारों की माने तो सपा ने शिवपाल सिंह यादव को बदायूं से लोकसभा उम्‍मीदवार घोषित किए जाने के बाद अभी तक बदायूं में संगठन की कोई चुनाव संबंधी बैठक नहीं हुई है। पार्टी के कुछ तय कार्यक्रम भी रद्द हुए हैं। इनमें शिवपाल सिंह यादव का बदायूं आगमन तथा उनके बेटे आदित्‍य यादव का चुनावी तैयारियों को लेकर तय हुआ कार्यक्रम भी निरस्‍त हुआ है। पार्टी कार्यकर्ता उनके कार्यक्रम को लेकर सारी तैयारियां कर चुके थे। दरअसल, बताया जा रहा है कि राज्‍य सभा चुनाव के बाद बदायूं के दो बड़े पार्टी के लिए मु‍सीबत बन गए हैं। पूर्व केन्‍द्रीय मंत्री सलीम शेरवानी तथा राष्‍ट्रीय सचिव आबिद रजा ने समाजवादी पार्टी छोड़कर सेक्‍यूलर फ्रंट बनाकर बदायूं के सहसवान में ही एक बड़ी रैली की है। ऐसे में माना जा रहा है कि इन दोनों बड़े नेताओं की नाराजगी का बदायूं के मुस्लिम मतदाताओं पर प्रभाव पड़ेगा।  समाजवादी पार्टी के मुस्लिम मतदाता दूसरे दल के उम्‍मीदवार के पक्ष में मतदान करने की काफी संभावना है। ऐसी स्थिति में बदायूं से जिस भी व्‍यक्ति को समाजवादी पार्टी का उम्‍मीदवार बनाया जाएगा, उसको नुकसान उठाना पड़ेगा।

विरोधी दलों के कदम पर टिकी हुई है सपा की निगाहें

बदायूं लोकसभा सीट पर बदले हुए राजनीतिक समीकरणों में समाजवादी पार्टी की निगाहें बसपा और भाजपा के कदम पर टिकी हुई है। दरअसल, अभी तक भाजपा और बसपा ने भी बदायूं से पार्टी उम्‍मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की है। वर्तमान में इस सीट पर भाजपा की संघमित्रा मौर्या सांसद हैं। लेकिन उनके पिता स्‍वामी प्रसाद मौर्य ने भाजपा छोड़ने के बाद जिस प्रकार से भाजपा के खिलाफ बयानबाजी की है उससे लगता नहीं है कि भाजपा संघमित्रा मौर्य को दोबारा मौका देगी। भाजपा द्वारा जारी पहली सूची में संघमित्रा और बदायूं लोकसभा सीट का जिक्र नहीं है। इस बात की संभावनाएं हैं कि बदायूं से पार्टी किसी दूसरे चेहरे को मौका दे सकती है। ऐसे में भाजपा और बसपा द्वारा यहां से अपने उम्‍मीदवार की घोषणा के बाद समाजवादी पार्टी कुछ अहम फैसला ले सकती है। अर्थात पार्टी उम्‍मीदवार बदला जाए अथवा नहीं। यदि उम्‍मीदवार बदला जाता है तो वह कौन होगा ?

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