दादरी विधानसभा

रीन्‍यूएबल एनर्जी और बैटरी निर्माण के क्षेत्र में चीन को कड़ी टक्‍क्‍र दे रहा है भारत, एक्‍सपो में दिखा मेक इन इंडिया का दम

India is giving tough competition to China in the field of renewable energy and battery manufacturing, the power of Make in India was seen in the expo

Panchayat 24 : दुनिया भर में उर्जा के परंपरागत स्रोत्रों का पर्यावरण्‍ पर हो रहे विपरीत प्रभावों के चलते हर देश रीन्‍यूएबल एनर्जी की पर जोर दे रहा है। भारत सरकार भी रीन्‍यूएबल एनर्जी को तेजी से काम कर रही है। पिछले कुछ सालों में भारत में रीन्‍यूएबल एनर्जी पर हुए काम और सरकार की योजनाओं के कारण भारत दुनिया में रीन्‍यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में बड़ा प्‍लेयर बनकर उभरा है। भारत में प्रयास किए जा रहे हैं कि रीन्‍यूएबल एनर्जी के तौर पर सोलर ऊर्जा को आम आदमी की पहुंच में लाया जाए। सरकार के  प्रयास रंग भी ला रहे हैं। लोग तेजी से सोलर एनर्जी की ओर रूख कर रहे हैं। इसके बावजूद बैटरी की गुणवत्‍ता एवं कीमत अभी भी सोलर एनर्जी के लिए बड़ी समस्‍या बनी हुई है। भारत सरकार भी इस बात को भली भांति समझती है कि महंगी बैटरी के कारण सोलर ऊर्जा को अपनाने को लेकर लोगों के मन में कई तरह की आशंका पैदा होती है। वहीं, बैटरी की बेहतर गुणवत्‍ता की लोग बाजार में तलाश कर रहे हैं। इस क्षेत्र में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्‍सपो मार्ट एण्‍ड सेंटर पर आयोजित रीन्‍यूएबल एनर्जी और बैटरी शो में प्रदर्शित उत्‍पाद इसका प्रमाण हैं।

मेक इन इंडिया ने चीन के दबदबे के कड़ी टक्‍कर दी है : योगेश मुद्रास

रीन्‍यूएबल एनर्जी इंडिया एक्‍सपो 2024 के 17 वें संस्‍करण के आयोजक इनफोर्मा मार्केट्स इन इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्‍टर योगेश मुद्रास ने रीन्‍यूएबल एनर्जी और बैटरी एक्‍सपो के शुभारंभ के अवसर पर कहा कि रीन्‍यूएबल एनर्जी और बैटरी मार्किट पर चीन का दबदबा था। पिछले कुछ सालों में भारत इस क्षेत्र में तेजी से उभरा है। दुनिया में भारत चीन का विकल्‍प पेश कर रहा है। उन्‍होंने कहा कि रीन्‍यूएबल इंडिया और गुणवत्‍तापूर्ण बैटरी निर्माण में मेक इन इंडिया अहम भूमिका निभा रहा है। मेक इन इंडिया के कारण ही भारत चीन के दबदबे को कड़ी टक्‍कर पेश कर रहा है।

रीन्‍यूबल एनर्जी, बैटरी स्‍टोरेज और ईवी के लिए एक्‍सपो महत्‍वपूर्ण मंच

योगेश मुद्रास ने कहा कि आरएआई एक्‍सपो भविष्‍य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए रीन्‍यूएबल एनर्जी, बैटरी स्‍टोरेज और ईवी के लिए काफी महत्‍वपूर्ण माना जा रहा है। यह भारत कार्बन उत्‍सर्जन को कम करने के भारत सरकार की प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित करता है। बता दें कि भारत ने 37.49 गीगावॉट की कुल क्षमता वाले 50 सोलर पार्कों के लिए अनुमोदन, 5 मिलियन टन हरित हाइड्रोजन उत्पादन के महत्वाकांक्षी लक्ष्य और 2030 तक 30 गीगावॉट ऑफशोर पवन उर्जा हासिल करने के लक्ष्य तय किया है। साथ ही भारत लिथियम आयन बैटरी के स्‍वदेशी उत्‍पादन में भी उल्‍लेखनीय सफलता प्राप्‍त कर रहा है। परिणामस्‍वरूप भारत बैट्री स्‍टोरेज मार्किट में बड़ा प्‍लेयर बनकर उभरा है।

सोलर एनर्जी को कोयला उत्‍पादक बिजली से खर्च पर मुहैया कराने के हो रहे हैं प्रयास : मनु श्रीवास्‍तव

मध्‍य प्रदेश सरकार में विद्युत एवं तकनीकी ऊर्जा विभाग के अपर मुख्‍य सचिव मनु श्रीवास्‍तव ने कहा कि मध्य प्रदेश के रेवा में परियोजना बिना सब्सिडी के सौर उर्जा की लागत कोयले से भी कम करने में महत्वपूर्ण साबित होगी। यह संकेत करता है कि लागत प्रभाविता की दृष्टि से सोलर प्लस स्टोरेज, थर्मल पावर की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करती है। बर्कले युनिवर्सिटी मॉडल रोज़ाना दो-चार्ज-डिस्चार्ज साय काल के माध्यम से बैटरी के परफोर्मेन्स को बेहतर बनाता है। यह सौर उर्जा का उपयोग कर शाम के समय बिजली मुहैया कराता है और रात को ग्रिड पावर से चार्ज होकर सुबह के समय बिजली देता है।

राजस्‍थान में रीन्‍यूएबल एनर्जी के लिए अपार संभावनाएं : हीरालाल नागर

राजस्‍थान सरकार में ऊर्जा विभाग के राज्‍य मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि राजस्थान भारत की नवीकरणीय उर्जा लक्ष्यों में मुख्य भूमिका निभाता है। राजस्‍थान प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप देश के 500 गीगावॉट लक्ष्यों में मुख्य योगदान दे रहा है। विशाल रेगिस्तान के चलते यहां सौर और पवन उर्जा का उपयोग करने के लिए अपार संभावनाएं हैं। वर्तमान में राज्य और बीस हजार मेगावॉट सौर उर्जा का उत्पादन करता है, जिसमें से पांच हजार मेगावॉट उर्जा का उपयोग स्थानीय रूप से किया जाता है। शेष उर्जा को देश के अन्य स्थानों पर भेजा जाता है। राजस्‍थान सरकार ने अगले चार से पांच सालों में उर्जा सेक्टर में रु 5 लाख करोड़ के निवेश की योजनाएं बनाई हैं।
राज्‍य की आधुनिक उर्जा परियोजनाएं जैसे इंटीग्रेट सोलर बैटरी स्टोरेज और ग्रिड ऑपरेशन्स उर्जा उत्पादन और वितरण में शानदार उदाहरण स्थापित कर रहे हैं। राजस्‍थान सरकार रूफटॉप सोलर के एक हजार मेगावॉट के लिए टेंडर पर काम कर रहे हैं और अपने ग्रिड एवं ट्रांसमिशन सिस्टम को मजबूत बनाते हुए राज्य एवं देश के स्थायी विकास को सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है।

रीन्युएबल एनर्जी इंडिया 2024 एवं बैटरी शो में बड़े ब्राण्‍ड की हिस्‍सेदारी

इस साल संस्करण में 700 से अधिक प्रदर्शक हिस्सा लेंगे जिनमें 85 फीसदी घरेलू एवं 15 फीसदी इंटरनेशनल प्रदर्शक होंगे। जर्मनी और मध्य पूर्व के प्रदर्शक भी इस सूची में शामिल रहेंगे। उम्मीद है कि 850 से अधिक ब्राण्ड्स 5000 से अधिक कारोबार आगंतुकों को लुभाएंगे। इस साल सौर उर्जा, पवन उर्जा, जैव उर्जा और एनर्जी स्टोरेज पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाएगा। एक्‍सपो में रीन्‍यूएबल एनर्जी और बैटरी शो में राष्‍ट्रीय एवं अन्‍तर्राष्‍ट्रीय मार्किट के नामचीन प्‍लेयर हिस्‍सा ले रहे हैं।

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