ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण

खूनी संघर्ष : अतिक्रमण हटाने गई ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की टीम से किसानों का हुआ टकराव, कई लोग घायल

Bloody conflict: Farmers clashed with the team of Greater Noida Authority which had gone to remove encroachment, many people were injured

Panchayat 24 : ग्रेटर नोएडा वेस्‍ट में अतिक्रमण हटाने गई ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की टीम और किसानों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। किसान पक्ष की ओर से प्राधिकरण टीम पर जमकर पथराव किया गया। वहीं, प्राधिकरण टीम में शामिल सुरक्षाकर्मियों ने भी लाठियां भांजी। दोनों और से कई लोग इस घटना में घायल हो गए हैं। प्राधिकरण की टीम की ओर से पथराव करने वाले किसान पक्ष के कई लोगों के खिलाफ बिसरख कोतवाली में मामला दर्ज कराया है। वहीं, घटना के विरोध में किसानों ने बिसरख कोतवाली का घेराव किया। किसान संगठन ने घटना की निंदा करते हुए प्राधिकरण पर वायदा खिलाफी का आरोप लगाते हुए किसानों का उत्‍पीड़न करने का आरोप लगाया है। किसानों ने किसानों पर लाठी चार्ज करने वाले दोषी लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। किसान संगठनों ने जल्‍द से जल्‍द किसानों के आबादी के प्रकरण के निपटारे की मांग करते हुए बड़े आन्‍दोलन की मांग की है।

क्‍या है पूरा मामला ?

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अनुसार इटैड़ा गांव में खसरा संख्‍या-435 की भूमि लगभग 15 साल पहले अधिग्रहित कर चुका है। अधिकांश किसानों ने मुआवजा भी ले लिया है। जिन किसानों ने मुआवजा नहीं उठाया है , उनका मुआवजा भी प्राधिकरण ने एडीएम (एलए) के यहां जमा करा दिया गया है। कुछ अवैध कब्जा धारकों ने खसरा संख्‍या-435 की भूमि का लगभग 1.68 हेक्टेयर कुछ हिस्से पर अवैध दुकानें बनाकर कब्‍जा करने का प्रयास किया जा रहा है।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अनुसार संबंधित पक्ष को इस संबंध में नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद इस भूमि पर अवैध निर्माण लगातार जारी थी। बुधवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की वर्क सर्किल 3 की टीम अपने सुरक्षाकर्मियों और पुलिस के साथ अवैध कब्जे को गिरने पहुंची थी। अवैध निर्माण को गिराने की कार्रवाई शुरू होते ही कुछ लोग मौके पर पहुंच गए और प्राधिकरण की टीम और सुरक्षाकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया। सुरक्षाकर्मियों द्वारा की गई कार्रवाई में एक किसान पक्ष का व्‍यक्ति भी घायल हो गया।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी हिमांशु वर्मा ने बताया कि प्राधिकरण की तरफ से इस संबंध में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। बिसरख थाने में दर्ज कराई गई है। प्राधिकरण की एसीईओ अन्नपूर्णा गर्ग ने कहा है कि ग्रेटर नोएडा में प्राधिकरण की अनुमति के बिना किसी भी व्यक्ति को अधिसूचित या कब्जा प्राप्त जमीन पर अवैध निर्माण करने की इजाजत नहीं है। अगर कोई अवैध निर्माण कर जमीन कब्जाने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

क्‍या कहते हैं किसान ?

किसान सभा के जिलाध्‍यक्ष रूपेश वर्मा का कहना है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण किसानों के साथ वायदा खिलाफी कर रहा है। किसानों ने आबादी सहित कई मामलों के समाधान के लिए लंबा आंदोलन चलाया था। किसानों की मांग पर हाई पावर कमेटी का गठन किया गया था। किसानों के लगभग आठ सौं मामलों पर सुनवाई भी हुई थी। इसके बावजूद इन मामलों को बोर्ड बैठक से पास नहीं किया गया है। किसानों को आश्‍वासन दिया गया था कि आबादी के जो भी मामले अभी लंबित हैं उनमें कोई तोड़फोड़ नहीं की जाएगी। इसके बावजूद किसानों ने इटेडा गांव में किसान एमपी यादव की आबादी को गिराया यगा है। किसान संगठन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग करते हैं। साथ ही पीडित की ध्‍वस्‍त किए गए निर्माण का पुनर्निमाण कराया जाए। उनके हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति की भी मांग की है। साथ ही सभी आबादी प्रकरणों को संपूर्ण रकबे सहित आगामी बोर्ड बैठक में पास किए जाने की मांग की है।  ऐसा नहीं किए जाने पर बोर्ड बैठक का विरोध करते हुए आंदोलन किया जाएगा।

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