ग्रेटर नोएडा जोन

कानून की लक्ष्‍मी के आदेश पर रवि काना की अवैध रूप से अर्जित लक्ष्‍मी पर चोट, स्‍क्रैप माफिया की 120 करोड़ की सम्‍पत्ति कुर्क

On the orders of law Lakshmi, Ravi Kana's illegally acquired Lakshmi got hurt, property worth Rs 120 crore of scrap mafia confiscated

Panchayat 24 : उत्‍तर प्रदेश के बड़े स्‍क्रैप माफिया रवि काना की अवैध रूप से अर्जित सम्‍पत्ति पर कानून की लक्ष्‍मी अर्थात गौतम बुद्ध नगर की पुलिस कमिश्र लक्ष्‍मी सिंह लगातार चोट कर रही है। शनिवार को पुलिस कमिश्नर के आदेश पर काना की 120 करोड़ की चल अचल संपत्ति को कुर्क किया गया है। कुर्की की कार्रवाई ग्रेटर नोएडा पुलिस द्वारा की गई। डीसीपी ग्रेटर नोएडा के अनुसार स्‍क्रैप माफिया के खिलाफ निकट भविष्‍य में भी इस प्रकार की कार्रवाई जा रहेगी।

क्‍या है पूरा मामला ?

पुलिस आयुक्त न्यायालय गौतमबुद्धनगर द्वारा 14 (1) गैंगस्टर एक्ट की कार्यवाही के अंतर्गत गिरोह के सरगना रवि नागर उर्फ रविन्द्र सिंह उर्फ रवि काना और  गिरोह के एक अन्‍य अहम सदस्‍य राजकुमार द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गई सम्‍पत्तियों को कुर्क किया गया है। दोनों आरोपी दनकौर कोतवाली क्षेत्र के दादुपुर निवासी हैं। आरोपियों के खिलाफ यह कार्रवाई उत्‍तर प्रदेश  गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत की गई है। बता दें कि पुलिस ने रवि काना और उसके गिरोह की सम्‍पत्तियों को पूर्व में भी जब्‍त किया है।

पुलिस द्वारा रवि काना एवं गिरोह के सदस्‍य की कुर्क सम्‍पत्ति में व्‍यवसायिक वाहन, बैंक खातों में जमा रकम और अचल सम्‍पत्ति शामिल है। आरोपियों की यह सम्‍पत्ति गाजियाबाद, बुलन्‍दशहर तथा ग्रेटर नोएडा आदि क्षेत्रों में स्थित है। आरोपियों की कुर्क की गई कुल सम्‍पत्ति 120 करोड़ से अधिक की है।

दो पुलिसकर्मियों पर भी गिरी गाज

जानकारी के अनुसार पुलिस कमिश्नर लक्ष्‍मी सिंह के आदेश पर सेक्‍टर-39 कोतवाली के पैरोकार रवि बघेल एवं सेक्‍टर बीटा-2 कोतवाली के पैरोकार जयवीर सिंह को लापरवाही बरतने के चलते लाइन हाजिर किया गया है। बताया जा रहा है कि रवि काना ने जमानत के लिए हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारित किए जाने के बाद पुलिस के आला अधिकारियों को मामले की जानकारी हुई थी।

एक मामला जिसने हिला दी रवि काना के साम्राज्‍य की बुनियाद

दरअसल, स्‍क्रैप एवं सरिया के काले कारोबार पर रवि काना के बड़े भाई हरेन्‍द्र नागर का कब्‍जा था। साल 2015 में हरेन्‍द्र नागर की सुन्‍दर भाटी गिरोह द्वारा दिन दहाड़े हत्‍या करा दी गई। इसके बाद इस काले साम्राज्‍य की बागड़ोर रवि काना के हाथों में आ गई। रवि काना ने इस कारोबार को दिन दोगुनी और रात चौगुनी गति से विस्‍तार दिया। इसके खिलाफ कई मामले दर्ज हुए लेकिन पुलिस प्रशासन तथा सत्‍ता में अपनी मजबूत पकड़ के चलते उ सका कुछ नहीं गिड़ सका। नोएडा में एक युवती से दुष्‍कर्म का मामला रवि काना पर भारी पड़ गया। पुलिस ने इसके बाद इस रवि काना तथा उसके गिरोह के लगभग एक दर्जन सदस्‍यों पर गैंगस्‍टर की कार्रवाई की। गिरोह के सदस्‍यों की सम्‍पत्तियों को लगातार जब्‍त कर गिरोह की आर्थिक रीढ़ तोडने की दिशा में काम शुरू कर दिया। अभी तक पुलिस इस गिरोह की लगभग 4 सौ करोड़ की सम्‍पत्ति जब्‍त कर चुकी है।

Related Articles

Back to top button